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कालेज प्रबंधकों को मिली 26 तक मोहलत
Updated Thu, 21 Dec 2017 11:50 PM IST
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आजमगढ़। 50 स्कूल-कालेजों में पंजीकृत छात्रों से ज्यादा छात्र बताकर 2007-08 से 2012-13 के दौरान विभागीय मदद से करोड़ों की छात्रवृत्ति के गबन के मामले में गुरुवार देर शाम को जिलाधिकारी ने जांच अधिकारियों और स्कूल-कालेज प्रबंधकों की बैठक ली। सभी को जांच में तेजी लाने की ताकीद करने के साथ भी रिपोर्ट जल्द से जल्द प्रस्तुत करने को कहा गया। अभी भी कुछ प्रबंधकों की ओर से अभिलेख न उपलब्ध कराने पर उन्हें 26 दिसंबर तक की मोहलत दी गई है। इसके बाद धन की रिकवरी और अन्य कार्रवाई की जाएगी।
जमपद के 50 स्कूल-कालेजों में 2007-08 से 2012-13 के दौरान समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण और अल्पसंख्यक विभाग से छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के मद में 50 करोड़ से ज्यादा की धनराशि भेजी गई थी। जिलाधिकारी की ओर से सीडीओ की अध्यक्षता में बनी जांच कमेटी की जांच में पाया गया कि इन कालजों में ज्यादा छात्र दिखाकर इस धनराशि का गबन कर दिया गया। जांच कमेटी की ओर से उक्त वर्ष के दौरान कालेज वार छात्रों का सत्यापन किया जा रहा है। सभी स्कूल-कालेजों की ओर से अभिलेख मुहैया नहीं कराए जाने के कारण अभी तक जांच पूरी नहीं हो पाई है। पिछले दिनों हुई बैठक में जिलाधिकारी ने सभी प्रबंधकों को उक्त समय में पंजीकृत छात्रों की सूची और अन्य अभिलेख 15 तक टीम को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। अभी भी कुछ प्रबंधकों की ओर से अभिलेख न उपलब्ध कराने पर उन्हें 26 दिसंबर तक की मोहलत दी गई है। सभी को जांच में तेजी लाने की ताकीद करने के साथ भी रिपोर्ट जल्द से जल्द प्रस्तुत करने को कहा है।
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जमपद के 50 स्कूल-कालेजों में 2007-08 से 2012-13 के दौरान समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण और अल्पसंख्यक विभाग से छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के मद में 50 करोड़ से ज्यादा की धनराशि भेजी गई थी। जिलाधिकारी की ओर से सीडीओ की अध्यक्षता में बनी जांच कमेटी की जांच में पाया गया कि इन कालजों में ज्यादा छात्र दिखाकर इस धनराशि का गबन कर दिया गया। जांच कमेटी की ओर से उक्त वर्ष के दौरान कालेज वार छात्रों का सत्यापन किया जा रहा है। सभी स्कूल-कालेजों की ओर से अभिलेख मुहैया नहीं कराए जाने के कारण अभी तक जांच पूरी नहीं हो पाई है। पिछले दिनों हुई बैठक में जिलाधिकारी ने सभी प्रबंधकों को उक्त समय में पंजीकृत छात्रों की सूची और अन्य अभिलेख 15 तक टीम को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। अभी भी कुछ प्रबंधकों की ओर से अभिलेख न उपलब्ध कराने पर उन्हें 26 दिसंबर तक की मोहलत दी गई है। सभी को जांच में तेजी लाने की ताकीद करने के साथ भी रिपोर्ट जल्द से जल्द प्रस्तुत करने को कहा है।
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