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नियमों को तोड़ दे दिया आवास, दो सेक्रेटरी फंसे
Updated Fri, 01 Sep 2017 11:36 PM IST
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आजमगढ़। जिलास्तरीय अधिकारियों की लाख कोशिशों के बाद भी प्रधानमंत्री आवास में गड़बड़ी और फर्जीवाड़ा रुकने का नाम नहीं ले रहा है। पवई की तरह ही अरौला ब्लॉक के पुरा दुबे गांव में प्रधानमंत्री आवास देने गड़बड़ी का मामले सामने आया है। वरीयता क्रम की अनदेखी कर आवास देने के मामले में सामने आने के बाद बीडीओ ने सीडीओ को रिपोर्ट भेज गांव के पूर्व एवं वर्तमान सेक्रेटरी पर कार्रवाई की मांग की है।
विकासखंड अहरौला के गांव पुरा दूबे निवासी शिवप्रकाश पुत्र रामकेर यादव, विजयशंकर पुत्र कैलाश यादव, मुन्नीलाल पुत्र रामफेर और वीरेंद्र यादव ने बीडीओ से शिकायत की थी की गांव में अपात्रों को आवास दिया गया है। और पात्रों को छोड़ दिया गया है। शिकायत पर बीडीओ विजयकुमार पांड़ेय ने गुरुवार को जांच की। विजयकुमार पांडेय ने वताया कि 2016-17 में प्रधानमंत्री आवास के लिए जारी शासनादेश में वरीयता क्रम में आवास देना था। जांच में पाया गया कि तत्कालीन सेक्रेटरी पारसनाथ यादव और मौजूदा सेक्रेटरी जयप्रकाश यादव के अनुमोदन पर नियमों को तोड़कर आवास दिया गया है। वरीयता क्रम में पहले स्थान वाले को छोड़ 23 स्थान के व्यक्ति को आवास दे दिया गया। आवास देने में गड़बड़ी पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए मुख्य विकास अधिकारी को पत्र भेजा गया है।
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विकासखंड अहरौला के गांव पुरा दूबे निवासी शिवप्रकाश पुत्र रामकेर यादव, विजयशंकर पुत्र कैलाश यादव, मुन्नीलाल पुत्र रामफेर और वीरेंद्र यादव ने बीडीओ से शिकायत की थी की गांव में अपात्रों को आवास दिया गया है। और पात्रों को छोड़ दिया गया है। शिकायत पर बीडीओ विजयकुमार पांड़ेय ने गुरुवार को जांच की। विजयकुमार पांडेय ने वताया कि 2016-17 में प्रधानमंत्री आवास के लिए जारी शासनादेश में वरीयता क्रम में आवास देना था। जांच में पाया गया कि तत्कालीन सेक्रेटरी पारसनाथ यादव और मौजूदा सेक्रेटरी जयप्रकाश यादव के अनुमोदन पर नियमों को तोड़कर आवास दिया गया है। वरीयता क्रम में पहले स्थान वाले को छोड़ 23 स्थान के व्यक्ति को आवास दे दिया गया। आवास देने में गड़बड़ी पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए मुख्य विकास अधिकारी को पत्र भेजा गया है।
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