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11 बुनकर समितियों से होगी 1.40 करोड़ की वसूली, एफआईआर भी
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आजमगढ़। कमिश्नर कनक त्रिपाठी ने मुबारकपुर कस्बे की 11 बुनकर समितियों से ब्याज समेत 1.40 करोड़ की वसूली और समिति के संचालक और सचिव के खिलाफ एफआईआर की कार्रवाई का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। वसूली और एफआईआर दर्ज कराने के पूर्व डीएम सीबी सिंह के आदेश बरकरार रखते हुए आदेश में किसी प्रकार के संशोधन की आवश्यकता को खारिज कर दिया है।
कमिश्नर ने बताया कि प्रकरण पर पुनर्विचार के लिए गठित मंडल स्तरीय समिति की स्पष्ट संस्तुति की गई है कि डीएम आजमगढ़ ने सात अगस्त 2018 को सहायक आयुक्त हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग परिक्षेत्र मऊ को उक्त समितियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने और वसूली संबंधी दिया गया था। वो आदेश उचित और त्रुटिरहित है। इसलिए इसमें किसी प्रकार के संशोधन का औचित्य नहीं है। तत्कालीन आयुक्त एवं निदेशक,हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग कानपुर रमारमण ने 21 अगस्त2018 को कमिश्नर को पत्र भेजा था कि डीएम आजमगढ़ की जांच आख्या की किसी वरिष्ठ अपर आयुक्त की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर पुनर्विचार कर रिपोर्ट दें। इसके क्रम में अपर आयुक्त (प्रशासन) की अध्यक्षता में मंडलस्तरीय कमेटी का गठन किया गया था। इसमें उपनिदेशक पंचायत, संयुक्त निदेशक कोषागार एवं पेंशन तथा संयुक्त निबन्धक एवं संयुक्त आयुक्त सहकारिता को सदस्य बनाया गया था।
ये था मामला
युक्त एवं निदेशक,हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग कानपुर रमारमणके निर्देश तत्कालीन डीएम सीबी सिंह ने सीटीओ विजय शंकर, एडीएटीओ सुनील सिंह आदि थी टीम से 11 बुनकर समितियों की जांच कराई थी। इसमें उक्त समितियों को फर्जी बैलेंसशीट से मार्केटिंग इंसेंटिव के 1.40 करोड़ हड़पने का दोषी पाया गया था।
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ये समितियां पाई गई थी दोषी
11 बुनकर समितियों रामा इण्डस्ट्रीयल को.सोसाईटी लि. पुरादीवान मुबारकपुर, आधुनिक बुनकरसहकारी समिति लि. पुरासोफी, गोल्डेन सिल्क हैण्डलूम कोसोलि. पुरारानी, भारत हैण्डलूमपुरारानी, न्यू इण्डिया हैण्डलूम पूराखिजिर, इण्डियन हैण्डलूम पुरादीवान, निवास बुनकरसहकारी समिति लि. पुरारानी, भारती हैण्डलूम कोआपरेटिव सोसाइटी लि., डायमण्ड सिल्क बुनकरउद्योग सहकारी समिति लि., संगम हैण्डलूम कोआपरेटिव सोसाईटी लिमिटेड पुरारानी, रेशमीऔद्योगिक उत्पादन सहाकरी समिति लि. कटरा मुबारकपुर शामिल हैं।
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कमिश्नर ने बताया कि प्रकरण पर पुनर्विचार के लिए गठित मंडल स्तरीय समिति की स्पष्ट संस्तुति की गई है कि डीएम आजमगढ़ ने सात अगस्त 2018 को सहायक आयुक्त हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग परिक्षेत्र मऊ को उक्त समितियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने और वसूली संबंधी दिया गया था। वो आदेश उचित और त्रुटिरहित है। इसलिए इसमें किसी प्रकार के संशोधन का औचित्य नहीं है। तत्कालीन आयुक्त एवं निदेशक,हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग कानपुर रमारमण ने 21 अगस्त2018 को कमिश्नर को पत्र भेजा था कि डीएम आजमगढ़ की जांच आख्या की किसी वरिष्ठ अपर आयुक्त की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर पुनर्विचार कर रिपोर्ट दें। इसके क्रम में अपर आयुक्त (प्रशासन) की अध्यक्षता में मंडलस्तरीय कमेटी का गठन किया गया था। इसमें उपनिदेशक पंचायत, संयुक्त निदेशक कोषागार एवं पेंशन तथा संयुक्त निबन्धक एवं संयुक्त आयुक्त सहकारिता को सदस्य बनाया गया था।
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ये था मामला
युक्त एवं निदेशक,हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग कानपुर रमारमणके निर्देश तत्कालीन डीएम सीबी सिंह ने सीटीओ विजय शंकर, एडीएटीओ सुनील सिंह आदि थी टीम से 11 बुनकर समितियों की जांच कराई थी। इसमें उक्त समितियों को फर्जी बैलेंसशीट से मार्केटिंग इंसेंटिव के 1.40 करोड़ हड़पने का दोषी पाया गया था।
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ये समितियां पाई गई थी दोषी
11 बुनकर समितियों रामा इण्डस्ट्रीयल को.सोसाईटी लि. पुरादीवान मुबारकपुर, आधुनिक बुनकरसहकारी समिति लि. पुरासोफी, गोल्डेन सिल्क हैण्डलूम कोसोलि. पुरारानी, भारत हैण्डलूमपुरारानी, न्यू इण्डिया हैण्डलूम पूराखिजिर, इण्डियन हैण्डलूम पुरादीवान, निवास बुनकरसहकारी समिति लि. पुरारानी, भारती हैण्डलूम कोआपरेटिव सोसाइटी लि., डायमण्ड सिल्क बुनकरउद्योग सहकारी समिति लि., संगम हैण्डलूम कोआपरेटिव सोसाईटी लिमिटेड पुरारानी, रेशमीऔद्योगिक उत्पादन सहाकरी समिति लि. कटरा मुबारकपुर शामिल हैं।