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Ayodhya News: अवध विश्वविद्यालय में मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षकों का फूटा गुस्सा
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अयोध्या। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षकों का गुस्सा फूट पड़ा। अव्यवस्थाओं से नाराज शिक्षकों ने प्रदर्शन कर उप कुलसचिव अजय गौतम को चार सूत्री मांगों का ज्ञापन सौपा। इस दौरान उप कुलसचिव ने सभी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया।
मंगलवार को धरना-प्रदर्शन के दौरान अवध विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. जन्मेजय तिवारी ने कहा कि मूल्यांकन में कई अनियमितताएं अभी भी बरकरार हैं। मूल्यांकन कार्य देख रहे राजेश पांडेय का कार्य व्यवहार शिक्षकों के प्रति अच्छा नहीं है। वह शिक्षक प्रतिनिधियों तक का फाेन रिसीव नहीं करते हैं। ऐसी स्थिति में इन्हें मूल्यांकन कार्य से अवमुक्त कर किसी अन्य को उनकी जगह नियुक्त किया जाए।
शिक्षक संघ के अध्यक्ष ने कहा कि कुछ विषयों में वाह्य परीक्षकों को बिना परीक्षा नियंत्रक की सहमति के बुलाकर मूल्यांकन कार्य करवाया जा रहा है। इसे संज्ञान में लेकर कार्रवाई की जाए। जिन कॉलेजों में परास्नातक विषयों की कक्षाएं पिछले पांच वर्षों से संचालित हैं, वहां के स्नातक विषयों में कक्षाएं लेने वाले प्राध्यापकों को प्राचार्य की ओर से निर्गत अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर मूल्यांकन करने दिया जाए। उन्होंने कहा कि पिछले मूल्यांकन का शिक्षकों को बकाया पारिश्रमिक का भुगतान तुरंत कराया जाए।
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शिक्षक संघ के महामंत्री प्रो. अमूल्य कुमार सिंह ने कहा कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य लिपिकों के भरोसे चल रहा है। मूल्यांकन शुरू होने का समय सुबह 9.30 बजे है लेकिन कर्मचारी सुबह 11 बजे तक पहुंचते हैं। मूल्यांकन भवन में अनाधिकृत लोग बैठकर मजमा लगाते हैं। इस दौरान स्ववित्त पोषित शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. अमित झा, विश्वविद्यालय प्रतिनिधि डॉ. वेद प्रकाश वेदी, डॉ. श्रवण शुक्ल, डॉ. त्रिलोकी, डॉ. आलोक वर्मा, डॉ. संतोष सिंह, डॉ. घनश्याम यादव, डॉ. आलोक मिश्र, डॉ. निरंकार मिश्र, डॉ. विपिन कुमार, डॉ. संतलाल, डॉ. सूरज, डॉ. प्रशांत, डॉ. अविनाश, डॉ. अजय मौर्य, डॉ. डीएन मिश्र, डॉ. विनोद यादव, डॉ. जय प्रकाश तिवारी व डॉ. राम रतन यादव समेत विभिन्न कॉलेजों के करीब तीन सौ शिक्षक मौजूद रहे।
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मंगलवार को धरना-प्रदर्शन के दौरान अवध विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. जन्मेजय तिवारी ने कहा कि मूल्यांकन में कई अनियमितताएं अभी भी बरकरार हैं। मूल्यांकन कार्य देख रहे राजेश पांडेय का कार्य व्यवहार शिक्षकों के प्रति अच्छा नहीं है। वह शिक्षक प्रतिनिधियों तक का फाेन रिसीव नहीं करते हैं। ऐसी स्थिति में इन्हें मूल्यांकन कार्य से अवमुक्त कर किसी अन्य को उनकी जगह नियुक्त किया जाए।
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शिक्षक संघ के अध्यक्ष ने कहा कि कुछ विषयों में वाह्य परीक्षकों को बिना परीक्षा नियंत्रक की सहमति के बुलाकर मूल्यांकन कार्य करवाया जा रहा है। इसे संज्ञान में लेकर कार्रवाई की जाए। जिन कॉलेजों में परास्नातक विषयों की कक्षाएं पिछले पांच वर्षों से संचालित हैं, वहां के स्नातक विषयों में कक्षाएं लेने वाले प्राध्यापकों को प्राचार्य की ओर से निर्गत अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर मूल्यांकन करने दिया जाए। उन्होंने कहा कि पिछले मूल्यांकन का शिक्षकों को बकाया पारिश्रमिक का भुगतान तुरंत कराया जाए।
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शिक्षक संघ के महामंत्री प्रो. अमूल्य कुमार सिंह ने कहा कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य लिपिकों के भरोसे चल रहा है। मूल्यांकन शुरू होने का समय सुबह 9.30 बजे है लेकिन कर्मचारी सुबह 11 बजे तक पहुंचते हैं। मूल्यांकन भवन में अनाधिकृत लोग बैठकर मजमा लगाते हैं। इस दौरान स्ववित्त पोषित शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. अमित झा, विश्वविद्यालय प्रतिनिधि डॉ. वेद प्रकाश वेदी, डॉ. श्रवण शुक्ल, डॉ. त्रिलोकी, डॉ. आलोक वर्मा, डॉ. संतोष सिंह, डॉ. घनश्याम यादव, डॉ. आलोक मिश्र, डॉ. निरंकार मिश्र, डॉ. विपिन कुमार, डॉ. संतलाल, डॉ. सूरज, डॉ. प्रशांत, डॉ. अविनाश, डॉ. अजय मौर्य, डॉ. डीएन मिश्र, डॉ. विनोद यादव, डॉ. जय प्रकाश तिवारी व डॉ. राम रतन यादव समेत विभिन्न कॉलेजों के करीब तीन सौ शिक्षक मौजूद रहे।