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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: पुलिसकर्मियों की गवाही मुकदमे की अहम कड़ी, 25 को बनाया गया गवाह
Sun, 27 Sep 2026 07:15 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Sun, 27 Sep 2026 07:15 PM IST
सार
पुलिसकर्मियों से अदालत में कार्रवाइयों की प्रक्रिया और उसमें उनकी भूमिका को लेकर सवाल-जवाब किए जाएंगे। बचाव पक्ष की जिरह में पुलिस की विवेचना और साक्ष्यों को जुटाने की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी।
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
राम मंदिर में चढ़ावे की रकम चोरी के मामले में दाखिल चार्जशीट में पुलिसकर्मियों की गवाही मुकदमे की अहम कड़ी साबित होगी। इस मामले में कुल 25 पुलिसकर्मियों को गवाह बनाया गया है, जिनकी गवाही आरोपियों के खिलाफ जुटाए गए साक्ष्यों को अदालत में साबित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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पुलिस द्वारा बनाए गए 25 गवाहों में 13 कांस्टेबल, नौ उपनिरीक्षक, दो इंस्पेक्टर और मामले के विवेचक सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी शामिल हैं। ये सभी पुलिसकर्मी जांच के विभिन्न चरणों से जुड़े रहे हैं। अदालत में इनकी गवाही के दौरान घटना की सूचना मिलने से लेकर आरोपियों की पहचान, गिरफ्तारी, पूछताछ, बरामदगी, साक्ष्यों के संकलन और विवेचना में तैयार किए गए दस्तावेजों से जुड़े तथ्य सामने आ सकते हैं।
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विवेचना प्रक्रिया और साक्ष्य: मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज सहित इलेक्ट्रॉनिक और अन्य साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी और बरामदगी की कार्रवाई भी विवेचना का हिस्सा रही है। संबंधित पुलिसकर्मियों से अदालत में इन कार्रवाइयों की प्रक्रिया और उसमें उनकी भूमिका को लेकर सवाल-जवाब किए जाएंगे। बचाव पक्ष की जिरह में पुलिस की विवेचना और साक्ष्यों को जुटाने की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी।
विवेचक की गवाही का महत्व: मामले के विवेचक सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी भी चार्जशीट में गवाह के तौर पर शामिल हैं। उनसे मुकदमे की जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों, आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों के आधार और चार्जशीट तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़े सवाल पूछे जा सकते हैं। अन्य पुलिसकर्मियों की गवाही से विवेचना के दौरान हुई विभिन्न कार्रवाइयों को अदालत के समक्ष रखा जाएगा।