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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   Ram Janmabhoomi Complex: All eyes now on flag-hoisting ceremony; speculation surrounds Champat Rai presence.

राम जन्मभूमि परिसर: अब शेषावतार मंदिर में ध्वजारोहण समारोह पर टिकी निगाहें, चंपत राय की मौजूदगी को लेकर चर्चा

Sun, 21 Jun 2026 06:27 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 21 Jun 2026 06:27 AM IST
सार

समारोह में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। आयोजन के लिए छह हजार से अधिक विशिष्ट अतिथियों और श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया गया है।

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Ram Janmabhoomi Complex: All eyes now on flag-hoisting ceremony; speculation surrounds Champat Rai presence.
ट्रस्ट से जुड़े कुछ प्रमुख पदाधिकारियों और ट्रस्टियों की मौजूदगी पर भी निगाहें टिकी हैं। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

राम जन्मभूमि परिसर स्थित शेषावतार मंदिर में 23 जून को प्रस्तावित ध्वजारोहण समारोह की सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। समारोह में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। आयोजन के लिए छह हजार से अधिक विशिष्ट अतिथियों और श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया गया है।

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हालांकि, राम मंदिर में चढ़ावा और दानराशि से जुड़े मामले की एसआईटी जांच के बीच यह आयोजन अब केवल धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रह गया है। समारोह को लेकर मंदिर परिसर और राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चा चल रही है। सबसे अधिक चर्चा इस बात को लेकर है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय कार्यक्रम में मंच पर नजर आएंगे या नहीं। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट से जुड़े कुछ अन्य प्रमुख पदाधिकारियों और ट्रस्टियों की मौजूदगी पर भी निगाहें टिकी हैं। ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव के समारोह में शामिल होने को लेकर भी अटकलों का दौर जारी है
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उल्लेखनीय है कि चढ़ावा प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी इन पदाधिकारियों से पूछताछ कर चुकी है। चर्चाओं को उस समय और बल मिला जब शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या दौरे पर पहुंचे। राम मंदिर में दर्शन-पूजन के दौरान मुख्यमंत्री और चंपत राय के बीच सार्वजनिक रूप से कोई विशेष संवाद या संयुक्त उपस्थिति देखने को नहीं मिली। इसके बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में यह सवाल उठने लगा कि क्या ध्वजारोहण समारोह में शामिल होने वाले दोनों उपमुख्यमंत्री भी जांच के दायरे में आए ट्रस्ट पदाधिकारियों से सार्वजनिक दूरी बनाए रखेंगे। हालांकि, ट्रस्ट या प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है। आयोजन से जुड़े लोग इसे पूरी तरह धार्मिक कार्यक्रम बताते हुए तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
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राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले में ट्रस्ट के पदाधिकारियों के बयानों में विरोधाभास खुलकर सामने आ चुका है। एक तरफ जहां ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने गड़बड़ी की आशंका को नकार दिया था, वहीं नृपेंद्र मिश्र ने एक के बाद एक बयानों में आरोपों को सही बताया। यहां तक कि चोरी होने की बात स्वीकार करते हुए उन्होंने इसे डाका तक करार दिया। 

साफ है कि ट्रस्ट के जिम्मेदार लोग शुरू में लीपापोती करते हुए मामले को रफादफा करने में लगे थे। हालांकि, वे इसमें कामयाब नहीं हो सके। छह जून को चढ़ावा चोरी का मामला उजागर हुआ था। तब ट्रस्ट के पदाधिकारियों के हाथ-पैर फूलने लगे थे। यहां तक कि वे मीडिया के सामने भी नहीं आ रहे थे। जब मामले ने तूल पकड़ा, तब आठ जून को चंपत राय ने एक वीडियो बयान जारी किया था। 


उसमें उन्होंने कहा था, ‘‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अपने विभिन्न कार्यों का ऑडिट समय-समय पर करता रहता है। इसमें काउंटिंग का भी ऑडिट होता है। यह ऑडिट राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के न्यासीगण, कार्यकर्ता और एसबीआई के कर्मचारी मिलकर करते हैं। यह कार्य कई दिनों तक चलता है। यही कार्य आजकल चल रहा है। कोई भी उल्लेखनीय बात किसी के ध्यान में नहीं आई है।

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