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Ayodhya News: 17% उपभोक्ताओं ने ही कराया पंजीकरण, जमा किए 30 करोड़
Sat, 03 Jan 2026 08:21 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sat, 03 Jan 2026 08:21 PM IST
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अयोध्या। बिजली निगम की एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) का पहला चरण शनिवार को पूरा हो रहा है। अब तक जिले भर में महज 17% उपभोक्ताओं ने ही योजना के तहत पंजीकरण कराकर 30 करोड़ रुपये जमा किए हैं।
जिले के चार डिवीजन में 5.01 लाख बिजली उपभोक्ता पंजीकृत हैं। इनमें 1,95,203 उपभोक्ताओं पर बिजली निगम का 552.36 करोड़ रुपये बाकी है। इसमें 305.99 करोड़ रुपये मूल बकाया है, जिस पर 246.37 करोड़ रुपये ब्याज है। बिजली निगम ने इन्हीं उपभोक्ताओं को राहत देने के मकसद से एक दिसंबर से ओटीएस शुरू की थी। इसके तहत उन्हें ब्याजमाफी के साथ मूलधन पर भी 25% की छूट दी गई थी।
29 दिसंबर की रिपोर्ट के अनुसार अब तक जिले भर में 34,490 उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराकर 30.04 करोड़ रुपये जमा किए हैं, जो कि लक्ष्य का महज 17.67% है। इनमें शहर के सर्वाधिक 30% व डिवीजन दर्शननगर के 20% उपभोक्ता आगे आए हैं। जबकि, मिल्कीपुर और रुदौली डिवीजन इस मामले में पीछे रहे हैं, जहां 15% व 15.87% उपभोक्ता ही योजना का लाभ सके हैं।
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इनसेट
दर्शननगर और मिल्कीपुर डिवीजन पर है सर्वाधिक बकाया
दर्शननगर डिवीजन के 73,014 उपभोक्ताओं पर 180 करोड़ रुपये बाकी है। इसके सापेक्ष 14,571 उपभोक्ताओं ने 12.83 करोड़ रुपये जमा किए हैं। वहीं, मिल्कीपुर के 62,236 उपभोक्ताओं पर 180 करोड़ बकाया है। इसके सापेक्ष 9,399 उपभोक्ताओं ने 7.63 करोड़ रुपये जमा किया है। रुदौली के 52,996 उपभोक्ताओं पर 173 करोड़ की बकायेदारी है। इसके सापेक्ष 8,412 उपभोक्ताओं ने 7.95 करोड़ चुकाए हैं।
अधीक्षण अभियंता विनय कुमार ने बताया कि एकमुश्त समाधान योजना के तहत पंजीकरण कराकर उपभोक्ताओं को लाभ लेना चाहिए। योजना समाप्ति के बाद बकायेदारों पर कार्रवाई होगी। नेवरपेड और लंबे समय से बिल न जमा करने वालों के लिए यह सुनहरा अवसर है। अगले चरण में मूलधन पर छूट की सीमा घट जाएगी।
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जिले के चार डिवीजन में 5.01 लाख बिजली उपभोक्ता पंजीकृत हैं। इनमें 1,95,203 उपभोक्ताओं पर बिजली निगम का 552.36 करोड़ रुपये बाकी है। इसमें 305.99 करोड़ रुपये मूल बकाया है, जिस पर 246.37 करोड़ रुपये ब्याज है। बिजली निगम ने इन्हीं उपभोक्ताओं को राहत देने के मकसद से एक दिसंबर से ओटीएस शुरू की थी। इसके तहत उन्हें ब्याजमाफी के साथ मूलधन पर भी 25% की छूट दी गई थी।
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29 दिसंबर की रिपोर्ट के अनुसार अब तक जिले भर में 34,490 उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराकर 30.04 करोड़ रुपये जमा किए हैं, जो कि लक्ष्य का महज 17.67% है। इनमें शहर के सर्वाधिक 30% व डिवीजन दर्शननगर के 20% उपभोक्ता आगे आए हैं। जबकि, मिल्कीपुर और रुदौली डिवीजन इस मामले में पीछे रहे हैं, जहां 15% व 15.87% उपभोक्ता ही योजना का लाभ सके हैं।
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दर्शननगर और मिल्कीपुर डिवीजन पर है सर्वाधिक बकाया
दर्शननगर डिवीजन के 73,014 उपभोक्ताओं पर 180 करोड़ रुपये बाकी है। इसके सापेक्ष 14,571 उपभोक्ताओं ने 12.83 करोड़ रुपये जमा किए हैं। वहीं, मिल्कीपुर के 62,236 उपभोक्ताओं पर 180 करोड़ बकाया है। इसके सापेक्ष 9,399 उपभोक्ताओं ने 7.63 करोड़ रुपये जमा किया है। रुदौली के 52,996 उपभोक्ताओं पर 173 करोड़ की बकायेदारी है। इसके सापेक्ष 8,412 उपभोक्ताओं ने 7.95 करोड़ चुकाए हैं।
अधीक्षण अभियंता विनय कुमार ने बताया कि एकमुश्त समाधान योजना के तहत पंजीकरण कराकर उपभोक्ताओं को लाभ लेना चाहिए। योजना समाप्ति के बाद बकायेदारों पर कार्रवाई होगी। नेवरपेड और लंबे समय से बिल न जमा करने वालों के लिए यह सुनहरा अवसर है। अगले चरण में मूलधन पर छूट की सीमा घट जाएगी।