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Ayodhya News: अब बिना रोकटोक चलाएंगे गाड़ी
Mon, 10 Nov 2025 08:02 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 10 Nov 2025 08:02 PM IST
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35-अमर उजाला कार्यालय कार्यालय में लगे लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस शिविर में युवतियों और महिलाओं को
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अयोध्या। अमर उजाला की ओर से सोमवार को देवकाली स्थित कार्यालय में युवतियों और महिलाओं के लिए लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस शिविर का आयोजन किया गया। इसमें महिलाओं का उत्साह देखने लायक रहा। इसमें 145 महिलाओं ने लाइसेंस के लिए पंजीकरण कराया। इसमें से 122 की आवेदन प्रक्रिया पूरी की गई। एआरटीओ डॉ.आरपी सिंह के निर्देशन में आरआई सहित आरटीओ विभाग के कर्मचारियों ने सभी महिलाओं के आवेदन भरवाए।
कैंप में सोमवार को किसी ने कॉलेज जाने से पहले आवेदन किया तो किसी ने ऑफिस टाइम से पहले या बाद में समय निकालकर प्रक्रिया पूरी की। कुछ महिलाएं अपने बच्चों को साथ लेकर भी पहुंचीं। आवेदन प्रक्रिया पूरी होते ही मोबाइल पर मैसेज मिलते ही उनके चेहरे खिल उठे। कोई परिजनों को फोन कर खुशखबरी देती दिखी तो कोई सहेली के साथ खुशी साझा करती नजर आई। ड्राइविंग लाइसेंस के लिए 350 रुपये का भुगतान कर महिलाओं ने पहला पड़ाव पार किया। वह न केवल आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रही हैं बल्कि समाज में एक सकारात्मक संदेश भी दे रही हैं कि महिलाएं हर मोर्चे पर सक्षम हैं।
आरआई राजीव गुप्ता ने बताया कि लर्नर लाइसेंस के एक महीने बाद से छह महीने के भीतर परमानेंट लाइसेंस बनवाना आवश्यक होता है। साथ ही फेसलेस व्यवस्था के तहत अब आवेदक घर बैठे लाइसेंस से जुड़ी कई सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। शिविर में वरिष्ठ सहायक निखिल वर्मा, डाटा एंट्री ऑपरेटर मोहम्मद फैज खान और मोहम्मद उमर अंसारी ने महिलाओं की सहायता की।
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बल्ला हाता निवासी लक्ष्मी यादव ने कहा कि पहले सोचती थी कि गाड़ी चलाना मुश्किल है, लेकिन आज आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के बाद आत्मविश्वास बढ़ गया है। अब खुद वाहन चलाने का सपना जल्द पूरा होगा। हौसलनगर निवासी रेखा शुक्ला ने कहा कि हमेशा दूसरों पर निर्भर रहना अच्छा नहीं लगता था। अब खुद लाइसेंस बनवाने के बाद लग रहा है कि आत्मनिर्भरता की राह यहीं से शुरू होती है।
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कैंप में सोमवार को किसी ने कॉलेज जाने से पहले आवेदन किया तो किसी ने ऑफिस टाइम से पहले या बाद में समय निकालकर प्रक्रिया पूरी की। कुछ महिलाएं अपने बच्चों को साथ लेकर भी पहुंचीं। आवेदन प्रक्रिया पूरी होते ही मोबाइल पर मैसेज मिलते ही उनके चेहरे खिल उठे। कोई परिजनों को फोन कर खुशखबरी देती दिखी तो कोई सहेली के साथ खुशी साझा करती नजर आई। ड्राइविंग लाइसेंस के लिए 350 रुपये का भुगतान कर महिलाओं ने पहला पड़ाव पार किया। वह न केवल आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रही हैं बल्कि समाज में एक सकारात्मक संदेश भी दे रही हैं कि महिलाएं हर मोर्चे पर सक्षम हैं।
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आरआई राजीव गुप्ता ने बताया कि लर्नर लाइसेंस के एक महीने बाद से छह महीने के भीतर परमानेंट लाइसेंस बनवाना आवश्यक होता है। साथ ही फेसलेस व्यवस्था के तहत अब आवेदक घर बैठे लाइसेंस से जुड़ी कई सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। शिविर में वरिष्ठ सहायक निखिल वर्मा, डाटा एंट्री ऑपरेटर मोहम्मद फैज खान और मोहम्मद उमर अंसारी ने महिलाओं की सहायता की।
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बल्ला हाता निवासी लक्ष्मी यादव ने कहा कि पहले सोचती थी कि गाड़ी चलाना मुश्किल है, लेकिन आज आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के बाद आत्मविश्वास बढ़ गया है। अब खुद वाहन चलाने का सपना जल्द पूरा होगा। हौसलनगर निवासी रेखा शुक्ला ने कहा कि हमेशा दूसरों पर निर्भर रहना अच्छा नहीं लगता था। अब खुद लाइसेंस बनवाने के बाद लग रहा है कि आत्मनिर्भरता की राह यहीं से शुरू होती है।

35-अमर उजाला कार्यालय कार्यालय में लगे लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस शिविर में युवतियों और महिलाओं को

35-अमर उजाला कार्यालय कार्यालय में लगे लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस शिविर में युवतियों और महिलाओं को

35-अमर उजाला कार्यालय कार्यालय में लगे लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस शिविर में युवतियों और महिलाओं को

35-अमर उजाला कार्यालय कार्यालय में लगे लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस शिविर में युवतियों और महिलाओं को