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Ayodhya News: आपसी विवाद से होता है सनातन का अपयश, एकजुट रहना जरूरी

Fri, 23 Jan 2026 09:02 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Updated Fri, 23 Jan 2026 09:02 PM IST
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Mutual disputes bring disrepute to Sanatan, it is necessary to remain united
04- श्रीराम बल्लभाकुंज में दर्शन करते बाबा रामदेव- संवाद
अयोध्या। योग गुरु बाबा रामदेव बृहस्पतिवार देर रात अयोध्या पहुंचे। श्रीराम बल्लभाकुंज में अधिकारी राजकुमार दास ने उनका अभिनंदन किया। शुक्रवार सुबह वह राम बल्लभाकुंज में आयोजित योग शिविर में शामिल हुए। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी। रामदेव ने कहा कि आपसी विवाद से सनातन का अपयश होता है, एकजुट रहना जरूरी है। उन्होंने रामलला के दर्शन भी किए।
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उन्होंने कहा तीर्थों में सनातनियों व शंकराचार्य की ओर से कोई विवाद न हो ऐसी अपेक्षा करते हैं। शंकराचार्य को भगवान शंकर का विग्रहवान स्वरूप मानते हैं। साधु किस बात का विवाद करेगा, कम से कम तीर्थ स्थल पर विवाद नहीं करना चाहिए। तीर्थ में न तो स्नान का, ना ही पालकी का विवाद होना चाहिए। बाबा रामदेव ने कहा कि साधु वही बनता है, जो अपने अपमान को मिटा देता है। इससे अपयश, कीर्ति की क्षति होती है। हमारे विरोधी सर तन से जुदा करने वाले बहुत हैं। देश में कोई ईसाईकरण कर रहा है। कोई इस्लामीकरण कर रहा है। सनातन के बहुत शत्रु हैं। हम इनसे लड़ लें, आपस में न लड़ें।
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बाबा रामदेव ने कहा कि अयोध्या हमारा पवित्र तीर्थ है, जिसकी महत्ता सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने अयोध्या को ऐतिहासिक रूप से नुकसान पहुंचाया। राम मंदिर अब भव्य तरीके बन गया, जिसमें विराजमान रामलला के दर्शन करने देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। बाबा रामदेव ने रामत्व, कृष्णत्व, हनुमत्व और शिवत्व की प्रतिष्ठा पर जोर दिया। कहा कि रामत्व, कृष्णत्व, हनुमत्व, शिवत्व की प्रतिष्ठा जन-जन में होगी तब सनातन का गौरव अपने जीवन और समाज में प्रतिस्थापित होगा। योग शिविर में उन्होंने योग को जीवन का अंग बनाने की नसीहत दी। मंदिर के महंत रामशंकर दास वेदांती को जन्मदिन की बधाई दी और रामार्चा पूजन में शामिल हुए।
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