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Ayodhya News: माइक्रोस्कोप ने रोके कान के ऑपरेशन
Thu, 25 Apr 2024 01:50 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Thu, 25 Apr 2024 01:50 AM IST
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मेडिकल कॉलेज में मरीज का उपचार करते चिकित्सक।
केस एक : गोंडा के रामपुर भगाही निवासी प्रिया (18) का कान लंबे समय से बह रहा है। उन्हें सुनाई नहीं देता। डॉक्टरों ने ऑपरेशन की जरूरत बताई, लेकिन माइक्रोस्कोप न होने की वजह से बिना ऑपरेशन के ही उन्हें दवा देकर भेज दिया गया।
केस दो : सोहावल की प्रवेश कुमारी (35) के कान से अक्सर तरल पदार्थ निकलता रहता है। स्थानीय चिकित्सकों से फायदा नहीं हुआ तो उन्होंने मेडिकल कॉलेज में संपर्क किया। यहां भी सिर्फ परामर्श के साथ कुछ दवाएं दी गईं। उपकरण न होने से ऑपरेशन नहीं हो पा रहा है।
अयोध्या। मेडिकल कॉलेज में बीते पांच वर्ष में 50 लाख रुपये कीमत के माइक्रोस्कोप का इंतजाम नहीं हो सका। इस वजह से यहां के ईएनटी विभाग में मरीजों के ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। हालांकि, सालभर से अधिक समय से इसकी खरीद प्रक्रिया जारी होने के दावे किए जा रहे हैं।
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वर्ष 2019 में राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुई है। इसके बाद से ही यहां सुविधाओं में इजाफा किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी से कई महत्वपूर्ण विभाग अपंग हैं। व्यवस्था दुरुस्त करने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। ईएनटी विभाग में इनमें से एक है।
माइक्रोस्कोप नहीं होने से कान में छेद, कान का पर्दा फटा होने समेत कान की अन्य समस्याओं से ग्रसित मरीजों का बिना ऑपरेशन के ही लौटाया जा रहा है। ईएनटी ओपीडी में 100-120 मरीज रोज पहुंचते हैं। इनमें 50 प्रतिशत मरीज इन्हीं समस्याओं से पीड़ित मिलते हैं। संसाधन के अभाव में इन्हें सिर्फ परामर्श के साथ मामूली दवाएं ही मिल पाती हैं। ऑपरेशन की मांग करने पर टालमटोल कर दिया जाता है।
30,000 से एक लाख तक में होते हैं ऑपरेशन
कान से संबंधित बीमारियों के ऑपरेशन मेडिकल कॉलेज में न होने से मरीज निजी अस्पताल पहुंचते हैं, जहां उन्हें अलग-अलग प्रकार के ऑपरेशन के लिए 30,000 से एक लाख तक खर्च करने पड़ते हैं।
- माइक्रोस्कोप खरीदने के लिए दो बार निविदा प्रक्रिया की जा चुकी है, लेकिन कम लोगों के शामिल होने से खरीद नहीं हो पा रही है। आचार संहिता समाप्ति के बाद पुन: निविदा निकाली जाएगी।
-डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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केस दो : सोहावल की प्रवेश कुमारी (35) के कान से अक्सर तरल पदार्थ निकलता रहता है। स्थानीय चिकित्सकों से फायदा नहीं हुआ तो उन्होंने मेडिकल कॉलेज में संपर्क किया। यहां भी सिर्फ परामर्श के साथ कुछ दवाएं दी गईं। उपकरण न होने से ऑपरेशन नहीं हो पा रहा है।
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अयोध्या। मेडिकल कॉलेज में बीते पांच वर्ष में 50 लाख रुपये कीमत के माइक्रोस्कोप का इंतजाम नहीं हो सका। इस वजह से यहां के ईएनटी विभाग में मरीजों के ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। हालांकि, सालभर से अधिक समय से इसकी खरीद प्रक्रिया जारी होने के दावे किए जा रहे हैं।
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वर्ष 2019 में राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुई है। इसके बाद से ही यहां सुविधाओं में इजाफा किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी से कई महत्वपूर्ण विभाग अपंग हैं। व्यवस्था दुरुस्त करने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। ईएनटी विभाग में इनमें से एक है।
माइक्रोस्कोप नहीं होने से कान में छेद, कान का पर्दा फटा होने समेत कान की अन्य समस्याओं से ग्रसित मरीजों का बिना ऑपरेशन के ही लौटाया जा रहा है। ईएनटी ओपीडी में 100-120 मरीज रोज पहुंचते हैं। इनमें 50 प्रतिशत मरीज इन्हीं समस्याओं से पीड़ित मिलते हैं। संसाधन के अभाव में इन्हें सिर्फ परामर्श के साथ मामूली दवाएं ही मिल पाती हैं। ऑपरेशन की मांग करने पर टालमटोल कर दिया जाता है।
30,000 से एक लाख तक में होते हैं ऑपरेशन
कान से संबंधित बीमारियों के ऑपरेशन मेडिकल कॉलेज में न होने से मरीज निजी अस्पताल पहुंचते हैं, जहां उन्हें अलग-अलग प्रकार के ऑपरेशन के लिए 30,000 से एक लाख तक खर्च करने पड़ते हैं।
- माइक्रोस्कोप खरीदने के लिए दो बार निविदा प्रक्रिया की जा चुकी है, लेकिन कम लोगों के शामिल होने से खरीद नहीं हो पा रही है। आचार संहिता समाप्ति के बाद पुन: निविदा निकाली जाएगी।
-डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज