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Ayodhya News: हेल्थ एटीएम बीमार, पेयजल व शौचालय की व्यवस्था बदहाल
Tue, 20 Jan 2026 08:13 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 20 Jan 2026 08:13 PM IST
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6-पीएचसी मड़ना में खराब आरओ।-संवाद
पूरा बाजार। गांव के पास ही बेहतर चिकित्सा सेवा मुहैया कराने की शासन की मंशा फलीभूत नहीं हो पा रही है। बुनियादी चिकित्सा सेवा की हकीकत जानने के लिए हमारी टीम ने जिले में अभियान शुरू किया है। इसके तहत मंगलवार की सुबह 10:15 बजे टीम ने पूरा ब्लॉक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मड़ना का जायजा लिया तो खामियों का अंबार मिला। यहां लगा हेल्थ एटीएम खुद बीमार मिला। पेयजल और शौचालय व्यवस्था बदहाल मिली। रोगियों को बमुश्किल सर्दी, जुकाम, बुखार जैसी समस्याओं का इलाज ही मिल पा रहा है। खून जांच आधी-अधूरी हो रही है। एमबीबीएस चिकित्सक की तैनाती न होने से इलाज आयुष चिकित्सक के सहारे है। परिसर में जगह-जगह गंदगी का अंबार है।
चार माह से खराब है हेल्थ एटीएम
लगभग 45 तरह की निशुल्क जांच उपलब्ध कराने के लिए साल भर पहले ही हेल्थ एटीएम लगाया गया था। यह पिछले करीब चार माह से खराब है। आयुष चिकित्सक डॉ. संघप्रिय गौतम ने बताया कि हेल्थ एटीएम में करंट उतर रहा था, तभी से बंद है। इसकी मरम्मत के लिए पत्राचार किया गया है, लेकिन अब तक समस्या का निदान नहीं हो सका है।
बोतलबंद पानी पीने को मजबूर हैं रोगी व स्टाफ
अस्पताल में लगा आरओ पिछले कई दिन से खराब है। परिसर में लगा हैंडपंप दूषित जल उगल रहा है। ऐसे में लोगों को पेयजल की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। रोगी, चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी बोतलबंद पानी पर ही निर्भर हैं। कई स्टाफ घर से ही पानी लाने को विवश हैं। शौचालय चोक हो चुका है। गर्भवती महिलाओं, रोगियों व स्टाफ को समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।
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चिकित्साधिकारी की तैनाती नहीं, नहीं मिले तीन स्टाफ
यहां तैनात रहीं चिकित्साधिकारी डॉ. स्नेहा चौधरी का कुछ दिन पहले सीएचसी बीकापुर में तबादला हो गया। तभी से उनकी कुर्सी खाली है। एकमात्र आयुष चिकित्सक डॉ. संघप्रिय गौतम रोगियों का इलाज कर रहे हैं। मंगलवार की सुबह 10:15 बजे आयुष चिकित्सक के अलावा बीएचडब्ल्यू शशि तिवारी, एलटी आलोक वर्मा और स्वीपर सुजीत कुमार उपस्थित मिले। फार्मासिस्ट प्रदीप शर्मा और वार्डबॉय नमन कुमार मेला ड्यूटी पर बताए गए। वरिष्ठ लैब सहायक सुशीला अवकाश पर बताई गईं।
मड़ना निवासी समर बहादुर ने बताया कि यहां कोई एमबीबीएस डॉक्टर न होने से गंभीर मरीजों को सीएचसी पूरा बाजार व मेडिकल कॉलेज का चक्कर लगाना पड़ता है। दीपक माझी ने बताया कि पीएचसी की हालत दयनीय है। यहां न तो कर्मचारी समय से आते हैं ना ही सभी दवाएं उपलब्ध रहती हैं। साफ-सफाई व गंदगी का अंबार लगा रहता है। परिसर में झाड़ियां उगी हैं। शेष जमीन पर खेती हो रही है।
सीएमओ डाॅ. सुशील कुमार बानियान ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एमबीबीएस चिकित्सक के न रहने की दशा में आयुष चिकित्सक अनिवार्य रूप से तैनात किए गए हैं। जहां भी हेल्थ एटीएम निष्क्रिय हैं, उन्हें सक्रिय करने के लिए पूर्व में निर्देश दिए गए हैं। संबंधित सीएचसी अधीक्षक को व्यवस्था दुरुस्त कराने के लिए निर्देशित किया जा रहा है।
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चार माह से खराब है हेल्थ एटीएम
लगभग 45 तरह की निशुल्क जांच उपलब्ध कराने के लिए साल भर पहले ही हेल्थ एटीएम लगाया गया था। यह पिछले करीब चार माह से खराब है। आयुष चिकित्सक डॉ. संघप्रिय गौतम ने बताया कि हेल्थ एटीएम में करंट उतर रहा था, तभी से बंद है। इसकी मरम्मत के लिए पत्राचार किया गया है, लेकिन अब तक समस्या का निदान नहीं हो सका है।
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बोतलबंद पानी पीने को मजबूर हैं रोगी व स्टाफ
अस्पताल में लगा आरओ पिछले कई दिन से खराब है। परिसर में लगा हैंडपंप दूषित जल उगल रहा है। ऐसे में लोगों को पेयजल की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। रोगी, चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी बोतलबंद पानी पर ही निर्भर हैं। कई स्टाफ घर से ही पानी लाने को विवश हैं। शौचालय चोक हो चुका है। गर्भवती महिलाओं, रोगियों व स्टाफ को समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।
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चिकित्साधिकारी की तैनाती नहीं, नहीं मिले तीन स्टाफ
यहां तैनात रहीं चिकित्साधिकारी डॉ. स्नेहा चौधरी का कुछ दिन पहले सीएचसी बीकापुर में तबादला हो गया। तभी से उनकी कुर्सी खाली है। एकमात्र आयुष चिकित्सक डॉ. संघप्रिय गौतम रोगियों का इलाज कर रहे हैं। मंगलवार की सुबह 10:15 बजे आयुष चिकित्सक के अलावा बीएचडब्ल्यू शशि तिवारी, एलटी आलोक वर्मा और स्वीपर सुजीत कुमार उपस्थित मिले। फार्मासिस्ट प्रदीप शर्मा और वार्डबॉय नमन कुमार मेला ड्यूटी पर बताए गए। वरिष्ठ लैब सहायक सुशीला अवकाश पर बताई गईं।
मड़ना निवासी समर बहादुर ने बताया कि यहां कोई एमबीबीएस डॉक्टर न होने से गंभीर मरीजों को सीएचसी पूरा बाजार व मेडिकल कॉलेज का चक्कर लगाना पड़ता है। दीपक माझी ने बताया कि पीएचसी की हालत दयनीय है। यहां न तो कर्मचारी समय से आते हैं ना ही सभी दवाएं उपलब्ध रहती हैं। साफ-सफाई व गंदगी का अंबार लगा रहता है। परिसर में झाड़ियां उगी हैं। शेष जमीन पर खेती हो रही है।
सीएमओ डाॅ. सुशील कुमार बानियान ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एमबीबीएस चिकित्सक के न रहने की दशा में आयुष चिकित्सक अनिवार्य रूप से तैनात किए गए हैं। जहां भी हेल्थ एटीएम निष्क्रिय हैं, उन्हें सक्रिय करने के लिए पूर्व में निर्देश दिए गए हैं। संबंधित सीएचसी अधीक्षक को व्यवस्था दुरुस्त कराने के लिए निर्देशित किया जा रहा है।

6-पीएचसी मड़ना में खराब आरओ।-संवाद