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Ayodhya News: सड़क को लेकर सोहावल के लोगों में बढ़ी नाराजगी
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साेहावल में लगा बैनर
सोहावल। मां ज्वाला देवी खिरौनी नगर पंचायत के सोहावल गांव में सड़क निर्माण नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। शुक्रवार को ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए गांव में ‘सड़क नहीं तो वोट नहीं’ का बैनर लगा दिया। इस कदम से स्थानीय सियासी गलियारों में हलचल मच गई है। ग्रामीण नगर पंचायत के जनप्रतिनिधियों और सत्तारूढ़ भाजपा को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं।
खिरौनी, साल्हेपुर निमेचा, कटरौली, उचितपुर, सोहावल और बिसुनपुर सारा गांवों को मिलाकर नगर पंचायत का गठन किया गया था। इसके गठन के तीन वर्ष बीत चुके हैं। सपा समर्थित रेशमा भारती नगर पंचायत की पहली अध्यक्ष बनी थीं। ग्रामीणों का आरोप है कि उनके कार्यकाल में क्षेत्र में अपेक्षित विकास नहीं हो पाया। सोहावल गांव की सड़क भी उपेक्षा का शिकार है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार सड़क निर्माण की मांग उठाई, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। इससे नाराज ग्रामीणों ने अब आगामी चुनाव में मतदान नहीं करने का निर्णय लिया है।
अधिवक्ता दीपक सिंह, राजेश कुमार, अनिल रावत, संजय और सुनील कुमार समेत अन्य ग्रामीणों का कहना है कि यदि आगामी चुनाव से पहले सड़क का निर्माण नहीं कराया गया तो वे मतदान नहीं करेंगे। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से यह निर्णय लेकर शासन-प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का ध्यान अपनी समस्या की ओर आकर्षित करने की कोशिश की है।
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खिरौनी, साल्हेपुर निमेचा, कटरौली, उचितपुर, सोहावल और बिसुनपुर सारा गांवों को मिलाकर नगर पंचायत का गठन किया गया था। इसके गठन के तीन वर्ष बीत चुके हैं। सपा समर्थित रेशमा भारती नगर पंचायत की पहली अध्यक्ष बनी थीं। ग्रामीणों का आरोप है कि उनके कार्यकाल में क्षेत्र में अपेक्षित विकास नहीं हो पाया। सोहावल गांव की सड़क भी उपेक्षा का शिकार है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार सड़क निर्माण की मांग उठाई, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। इससे नाराज ग्रामीणों ने अब आगामी चुनाव में मतदान नहीं करने का निर्णय लिया है।
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अधिवक्ता दीपक सिंह, राजेश कुमार, अनिल रावत, संजय और सुनील कुमार समेत अन्य ग्रामीणों का कहना है कि यदि आगामी चुनाव से पहले सड़क का निर्माण नहीं कराया गया तो वे मतदान नहीं करेंगे। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से यह निर्णय लेकर शासन-प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का ध्यान अपनी समस्या की ओर आकर्षित करने की कोशिश की है।
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