{"_id":"6804fedd3b07daec65074c5c","slug":"due-to-high-prices-in-the-market-there-is-silence-in-the-committees-ayodhya-news-c-13-1-lko1045-1164968-2025-04-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: बाजार में अधिक दाम के चलते समितियों पर पसरा सन्नाटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: बाजार में अधिक दाम के चलते समितियों पर पसरा सन्नाटा
Sun, 20 Apr 2025 07:34 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sun, 20 Apr 2025 07:34 PM IST
विज्ञापन
बाबा बाजार। साधन सहकारी समिति गणेशपुर में गेहूं की खरीद जारी है। गिनती के किसानों ने अभी तक गेहूं की तौल कराई है। जबकि शासन का लक्ष्य 4500 क्विंटल का है। अधिकारी किसानों से अधिक से अधिक गेहूं खरीद कराने के लिए दबाव बना रहे हैं लेकिन बाजार में अधिक दाम होने के चलते उन्हें कामयाबी नहीं मिल पा रही है।
उमापुर के किसान सुरेंद्र तिवारी ने बताया कि समिति पर 2425 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की तौल की जा रही है। दूसरी तरफ आढ़ती व व्यापारी गेहूं के कटने पर ही तुरंत 2500 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद ले रहे हैं। किसानों का मानना है कि समिति पर क्यों जाएं, जब व्यापारी ही समय पर अधिक दाम का नकद भुगतान कर दे रहा है। पिछले कई वर्षों से गेहूं तौल के लिए समितियों पर चक्कर लगाते हम सब बहुत परेशान हो जाते थे। अब उस ओर रुख करना ही नहीं चाहते हैं।
सरोतरमऊ के किसान अनुराग तिवारी का कहना है कि गेहूं की कटाई कर व्यापारियों को एक से दो महीने के लिए गेहूं की बिक्री करने पर इसकी कीमत 2600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से मिल जा रही है। किसानों की मानें तो अभी सिर्फ 10 से 20 प्रतिशत किसानों ने ही गेहूं की तौल समिति पर कराई है। बाकी किसान गेहूं आढ़तियों के हवाले कर दे रहे हैं।
विज्ञापन
उमापुर के किसान राम उरेही, विजय मिश्र, अनिल शुक्ल, उमाशंकर जायसवाल, अमित तिवारी व अरुण मिश्र ने बताया कि हम अपनी फसल को समिति पर न लेकर जाकर डंप करेगें। महीने दो महीनों में इसके भाव में और उछाल आने पर अच्छा खासा मुनाफा मिलेगा।
सहकारी समिति की सचिव सीमा पाल ने बताया कि बाजार में अधिक दाम की वजह से समिति पर गेहूं की तौल में अभी कमी है। अब तक सिर्फ 10-12 किसानों ने लगभग 250 क्विंटल की तौल कराई है। किसानों के इंतजार में सुबह से शाम तक समिति पर बैठे रहते हैं। किसान यहां गेहूं लाने के लिए तैयार नहीं है। जबकि किसानों के घर-घर जाकर उन्हें प्रेरित भी किया जा रहा है। फिर भी किसान अपने गेहूं की तौल कराने के लिए समिति पर आने के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं।
विज्ञापन
उमापुर के किसान सुरेंद्र तिवारी ने बताया कि समिति पर 2425 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की तौल की जा रही है। दूसरी तरफ आढ़ती व व्यापारी गेहूं के कटने पर ही तुरंत 2500 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद ले रहे हैं। किसानों का मानना है कि समिति पर क्यों जाएं, जब व्यापारी ही समय पर अधिक दाम का नकद भुगतान कर दे रहा है। पिछले कई वर्षों से गेहूं तौल के लिए समितियों पर चक्कर लगाते हम सब बहुत परेशान हो जाते थे। अब उस ओर रुख करना ही नहीं चाहते हैं।
विज्ञापन
सरोतरमऊ के किसान अनुराग तिवारी का कहना है कि गेहूं की कटाई कर व्यापारियों को एक से दो महीने के लिए गेहूं की बिक्री करने पर इसकी कीमत 2600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से मिल जा रही है। किसानों की मानें तो अभी सिर्फ 10 से 20 प्रतिशत किसानों ने ही गेहूं की तौल समिति पर कराई है। बाकी किसान गेहूं आढ़तियों के हवाले कर दे रहे हैं।
विज्ञापन
उमापुर के किसान राम उरेही, विजय मिश्र, अनिल शुक्ल, उमाशंकर जायसवाल, अमित तिवारी व अरुण मिश्र ने बताया कि हम अपनी फसल को समिति पर न लेकर जाकर डंप करेगें। महीने दो महीनों में इसके भाव में और उछाल आने पर अच्छा खासा मुनाफा मिलेगा।
सहकारी समिति की सचिव सीमा पाल ने बताया कि बाजार में अधिक दाम की वजह से समिति पर गेहूं की तौल में अभी कमी है। अब तक सिर्फ 10-12 किसानों ने लगभग 250 क्विंटल की तौल कराई है। किसानों के इंतजार में सुबह से शाम तक समिति पर बैठे रहते हैं। किसान यहां गेहूं लाने के लिए तैयार नहीं है। जबकि किसानों के घर-घर जाकर उन्हें प्रेरित भी किया जा रहा है। फिर भी किसान अपने गेहूं की तौल कराने के लिए समिति पर आने के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं।