{"_id":"6a4a6b6367deeaff2d04de9e","slug":"ayodhya-tight-security-on-the-anniversary-of-the-terror-attack-in-2005-2026-07-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya: आतंकी हमले की बरसीं पर कड़ी रही सुरक्षा, 2005 में विस्फोटकों से भरी जीप लेकर घुस आए थे आतंकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya: आतंकी हमले की बरसीं पर कड़ी रही सुरक्षा, 2005 में विस्फोटकों से भरी जीप लेकर घुस आए थे आतंकी
Sun, 05 Jul 2026 08:04 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Sun, 05 Jul 2026 08:04 PM IST
सार
पांच जुलाई 2005 को आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े छह आतंकवादी विस्फोटकों से भरी जीप से बैरिकेडिंग तोड़कर राम जन्मभूमि परिसर में घुस आए थे। इस पर सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा बलों ने तत्काल जवाबी कार्रवाई करते हुए सभी छह आतंकवादियों को मार गिराया था।
विज्ञापन
श्रीराम जन्मभूमि परिसर की ओर जा रही वाहनों की जांच करते पुलिसकर्मी।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अयोध्या में राम जन्मभूमि परिसर पर हुए फिदायीन आतंकी हमले की आज 21वीं बरसी पर अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह हाई अलर्ट पर रही। रामनगरी अपनी रौ में रही, श्रद्धालु रोज की तरह मठ-मंदिरेां में दर्शन-पूजन बिना किसी रोकटोक के करते रहे। कई श्रद्धालुओं को तो आतंकी हमले की बरसी के बारे में जानकारी भी नहीं थी। वहीं राम मंदिर परिसर और आसपास के पूरे रेड ज़ोन में सुरक्षा एजेंसियां विशेष रूप से सतर्क रहीं।
विज्ञापन
मंदिर के सभी प्रवेश द्वारों पर श्रद्धालुओं की सघन जांच की गई तथा बैरिकेडिंग और सुरक्षा निगरानी को और कड़ा किया गया। पांच जुलाई 2005 को आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े छह आतंकवादी विस्फोटकों से भरी जीप से बैरिकेडिंग तोड़कर राम जन्मभूमि परिसर में घुस आए थे। उनका उद्देश्य अस्थायी रामलला मंदिर को निशाना बनाना था। हालांकि, सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा बलों ने तत्काल जवाबी कार्रवाई करते हुए सभी छह आतंकवादियों को मार गिराया था। इस हमले में दो स्थानीय नागरिकों की मौत हुई थी, जबकि सीआरपीएफ के सात जवान घायल हुए थे।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - राम मंदिर चढ़ावा चोरी: ट्रस्ट से चंपत राय और अनिल मिश्रा की विदाई तय, सोमवार की बैठक में होगा बड़ा फैसला
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष ने दी सफाई: बोले- खर्च करने के लिए मेरे साइन की जरूरत नहीं थी, रामभक्तों को लिखा पत्र
इस मामले में जून 2019 में प्रयागराज की विशेष अदालत ने फैसला सुनाते हुए साजिश में शामिल चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, जबकि एक आरोपी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया था। आतंकी हमले के बाद राम जन्मभूमि परिसर की सुरक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए गए। आज भी राम मंदिर देश के सबसे सुरक्षित धार्मिक स्थलों में शामिल है और बरसी के मद्देनज़र सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त सतर्कता बनाए रखी।