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राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष ने दी सफाई: बोले- खर्च करने के लिए मेरे साइन की जरूरत नहीं थी, लिखा पत्र

Sun, 05 Jul 2026 07:07 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Sun, 05 Jul 2026 07:07 PM IST
सार

अयोध्या में छह जुलाई को राम मंदिर ट्रस्ट की होने वाली बैठक से पहले ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने रामभक्तों को पत्र लिखकर ट्रस्ट में भूमिका पर सफाई दी और मामले को पीड़ादायक बताया।
 

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Ram Mandir Trust Treasurer issues clarification: Says his signature was not required for expenditures.
कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने रामभक्तों को लिखा पत्र। - फोटो : amar ujala

विस्तार

राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे को लेकर अयोध्या में छह जुलाई को होने वाले श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों की बैठक से पहले रविवार को ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने रामभक्तों को संबोधित करते हुए एक पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने कोषाध्यक्ष के रूप में अपनी भूमिकाओं का वर्णन करते हुए सफाई दी है।
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जारी किए गए पत्र में उन्होंने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला अत्यंत पीड़ादायक और लज्जित करने वाला है। इससे करोड़ों रामभक्तों की भावनाओं को चोट पहुंची है। उन्होंने पत्र में अपनी भूमिका को लेकर कहा कि मैंने कभी भी ट्रस्ट का हिस्सा बनने के लिए किसी से निवेदन नहीं किया है और ट्रस्ट के लिए होने वाले खर्च में बैंक के जरिये सीधे भुगतान किया जाता था। इसमें मेरे हस्ताक्षर की जरूरत नहीं होती थी। राम मंदिर की ओर से होने वाला सारा व्यय सीधे बैंक ट्रांसफर से होता है।
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कोषाध्यक्ष ने विस्तार से बताया कि ट्रस्ट का सारा आय-व्यय ऑडिटेड है और चार्टर्ड अकाउंटेंट हर महीने अंतिम 8-10 दिन अयोध्या आकर हिसाब जांचते हैं। उन्होंने साफ किया कि उन्होंने कभी नकद रूप में कोई चढ़ावा या दान स्वीकार नहीं किया, सिवाय दो अपवादों के एक 99,000 रुपये की राशि और एक किलोग्राम चांदी की ईंट, जिन्हें तुरंत बैंक में जमा करा दिया गया।

उल्लेखनीय है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला खुलने के बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी की भूमिका पर सवाल उठ रहे थे जिस पर उन्होंने पत्र लिखकर जवाब दिया है।

पढ़ें पूरा पत्र: 


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