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Ayodhya News: पटाखा बनाने का लाइसेंस एक, कारोबार 200 पार
Wed, 02 Sep 2026 12:04 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 02 Sep 2026 12:04 AM IST
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अयोध्या। कौशांबी के मनौरी बाजार में पटाखा फैक्टरी में हुए भीषण विस्फोट के बाद अयोध्या में पटाखों के कारोबार की पड़ताल ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जिले में पटाखा बनाने व बेचने का सिर्फ एक लाइसेंस है, लेकिन 200 से अधिक लोग अवैध रूप से कारोबार कर रहे हैं। नतीजा यह कि घरों, दुकानों और गोदामों में बारूद का भंडारण होता रहा और हादसे लगातार जान लेते रहे। वर्ष 2015 से अगस्त 2026 तक सामने आए मामलों को खंगालने पर पटाखों के अवैध निर्माण, भंडारण और बिक्री से जुड़े पांच बड़े हादसों में 12 लोगों की मौत हो चुकी है।
वर्ष 2015 में सोहावल चौराहे पर मकान में रखे अवैध पटाखों के जखीरे में विस्फोट हुआ था। धमाके में मकान की छत उड़ गई थी। पुलिस ने मलबे से तीन लोगों को निकाला, जिनमें घायल उद्दन की जिला अस्पताल में मौत हो गई। उसकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हुई थी।
वर्ष 2021 में पूराबाजार में मकान में रखे अवैध पटाखों में विस्फोट से छत गिर गई थी। महेश गुप्ता गंभीर रूप से घायल हुए और बाद में उनकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार पटाखे दीपावली पर बिक्री के लिए रखे गए थे। मामले में विस्फोटक अधिनियम के तहत कार्रवाई हुई।
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वर्ष 2023 में रामजन्मभूमि क्षेत्र के हनुमानगढ़ी चौराहे के पास दुकान में आग लगने के बाद रखे पटाखों में लगातार धमाके हुए। दुकान संचालक रमेश गुप्ता और उनकी पत्नी ऊषा गुप्ता की झुलसकर मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक रमेश बिना लाइसेंस पटाखे बेचते थे। दुकान में पटाखों के साथ पांच गैस सिलिंडर भी रखे थे।
वर्ष 2024 में पूराकलंदर के पगलाभारी में आटा चक्की वाले मकान में हुए तीन धमाकों में तीन लोगों की मौत हुई थी। ग्रामीणों ने पटाखों के भंडारण को हादसे की वजह बताया था और दीवारों पर बारूद के निशान मिलने की बात कही थी, जबकि पुलिस ने सिलिंडर विस्फोट की आशंका जताई थी।
वर्ष 2025 में पगलाभारी में आटा चक्की वाले मकान वाले के परिवार के नए मकान में फिर भीषण विस्फोट हुआ। नौ अक्तूबर को हुए हादसे में मकान ढह गया और रामकुमार, उसके तीन बच्चों समेत छह लोगों की मौत हो गई। जांच में पटाखों के अवैध भंडारण का मामला सामने आया। निगरानी में लापरवाही पर बीट दरोगा पवन मौर्या और सिपाही नवीन कुमार यादव को निलंबित किया गया था।
हादसे के बाद खुला जिलेभर का नेटवर्क
पगलाभारी हादसे के बाद पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में छापेमारी की। अरकुना, बारुन बाजार, खंडासा, पूराकलंदर, महराजगंज और कैंट समेत अन्य थाना क्षेत्रों में भी कार्रवाई हुई। अवैध पटाखा कारोबारियों को पकड़ा गया। शहर के रीडगंज में नगर कोतवाली पुलिस ने एक मकान से करीब पांच लाख रुपये के पटाखे बरामद किए और तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया था।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी एमपी सिंह के अनुसार जिले में पटाखा बनाने व बेचने का केवल एक लाइसेंस हैं। दीपावली पर तहसीलवार बिक्री के लिए अस्थायी लाइसेंस दिए जाते हैं, जिनकी वैधता तीन दिन होती है।
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वर्ष 2015 में सोहावल चौराहे पर मकान में रखे अवैध पटाखों के जखीरे में विस्फोट हुआ था। धमाके में मकान की छत उड़ गई थी। पुलिस ने मलबे से तीन लोगों को निकाला, जिनमें घायल उद्दन की जिला अस्पताल में मौत हो गई। उसकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हुई थी।
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वर्ष 2021 में पूराबाजार में मकान में रखे अवैध पटाखों में विस्फोट से छत गिर गई थी। महेश गुप्ता गंभीर रूप से घायल हुए और बाद में उनकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार पटाखे दीपावली पर बिक्री के लिए रखे गए थे। मामले में विस्फोटक अधिनियम के तहत कार्रवाई हुई।
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वर्ष 2023 में रामजन्मभूमि क्षेत्र के हनुमानगढ़ी चौराहे के पास दुकान में आग लगने के बाद रखे पटाखों में लगातार धमाके हुए। दुकान संचालक रमेश गुप्ता और उनकी पत्नी ऊषा गुप्ता की झुलसकर मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक रमेश बिना लाइसेंस पटाखे बेचते थे। दुकान में पटाखों के साथ पांच गैस सिलिंडर भी रखे थे।
वर्ष 2024 में पूराकलंदर के पगलाभारी में आटा चक्की वाले मकान में हुए तीन धमाकों में तीन लोगों की मौत हुई थी। ग्रामीणों ने पटाखों के भंडारण को हादसे की वजह बताया था और दीवारों पर बारूद के निशान मिलने की बात कही थी, जबकि पुलिस ने सिलिंडर विस्फोट की आशंका जताई थी।
वर्ष 2025 में पगलाभारी में आटा चक्की वाले मकान वाले के परिवार के नए मकान में फिर भीषण विस्फोट हुआ। नौ अक्तूबर को हुए हादसे में मकान ढह गया और रामकुमार, उसके तीन बच्चों समेत छह लोगों की मौत हो गई। जांच में पटाखों के अवैध भंडारण का मामला सामने आया। निगरानी में लापरवाही पर बीट दरोगा पवन मौर्या और सिपाही नवीन कुमार यादव को निलंबित किया गया था।
हादसे के बाद खुला जिलेभर का नेटवर्क
पगलाभारी हादसे के बाद पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में छापेमारी की। अरकुना, बारुन बाजार, खंडासा, पूराकलंदर, महराजगंज और कैंट समेत अन्य थाना क्षेत्रों में भी कार्रवाई हुई। अवैध पटाखा कारोबारियों को पकड़ा गया। शहर के रीडगंज में नगर कोतवाली पुलिस ने एक मकान से करीब पांच लाख रुपये के पटाखे बरामद किए और तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया था।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी एमपी सिंह के अनुसार जिले में पटाखा बनाने व बेचने का केवल एक लाइसेंस हैं। दीपावली पर तहसीलवार बिक्री के लिए अस्थायी लाइसेंस दिए जाते हैं, जिनकी वैधता तीन दिन होती है।