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Ayodhya News: भागवत कथा के मंच से अखिलेश के सियासी तीर
Fri, 09 Oct 2026 01:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 09 Oct 2026 01:35 AM IST
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चक्र व हाथ में त्रिशुल लिए अखिलेश यादव।
अयोध्या। श्रीमद्भागवत कथा के मंच से बृहस्पतिवार को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सामाजिक न्याय, समानता और बंधुत्व का संदेश दिया। पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय ‘पवन’ के आवास पर आयोजित भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में पहुंचे अखिलेश ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों के जरिए मौजूदा सत्ता व्यवस्था और सरकारी संस्थाओं पर भी निशाना साधा।
अखिलेश ने कृष्ण-सुदामा की मित्रता, अर्जुन के सारथी बनने और गोकुल के ग्वालों से उनके जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन प्रेम, दया, अपनापन, सामाजिक न्याय और बंधुत्व का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने समाज के उपेक्षित और वंचित लोगों को सम्मान दिया और उन्हें अपने करीब किया।
कृष्ण-सुदामा की मित्रता को सच्चे भ्रातृत्व की मिसाल बताते हुए उन्होंने कहा कि समाज में नफरत और भेदभाव हर दौर में रहे हैं, लेकिन कृष्ण की चेतना मानवता को इनके खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा देती है। आज जरूरत है कि समानता, भाईचारे और न्याय की भावना मजबूत हो और लंबे समय से उपेक्षित लोगों को सम्मान व अधिकार मिले।
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सुदर्शन चक्र के बहाने संस्थाओं पर निशाना
अखिलेश ने भगवान कृष्ण के सुदर्शन चक्र का उदाहरण देते हुए कहा कि यह सज्जनों की रक्षा के लिए है, उन्हें डराने के लिए नहीं। उन्होंने अधिकारियों और सरकार में बैठे लोगों से इससे सीख लेने की बात कही। सरकारी एजेंसियों और चुनाव आयोग का जिक्र करते हुए कहा कि संस्थाओं को सच्चाई और न्याय के रास्ते पर चलना चाहिए। जिस शक्ति का इस्तेमाल लोगों की रक्षा और न्याय के लिए होना चाहिए, उसका दुरुपयोग नहीं होना चाहिए।
संतों के साथ बैठकर दिया संदेश
कथा स्थल पर पहुंचने के बाद अखिलेश के लिए संतों के आगे कुर्सी लगाई जा रही थी। उन्होंने मना कर दिया और संतों के साथ उसी कतार में बैठ गए। इसके बाद संतों और सपा नेताओं ने उनका सम्मान किया। महंत जन्मेजय शरण, महंत बालयोगी रामदास, महंत दिलीप दास, महंत आनंद दास, महंत रमेश दास और पहलवान मनीराम दास समेत अन्य संतों के साथ पूर्व मंत्री पवन पांडेय और सांसद अवधेश दास ने अखिलेश को गदा, चक्र और त्रिशूल भेंट किया। अखिलेश ने हाथ में चक्र लेकर अपने संदेश को प्रतीकात्मक रूप भी दिया। कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष जयसिंह राणा, पूर्व मंत्री आनंद सेन यादव, सपा सांसद लालजी वर्मा, पूर्व मंत्री अब्बास अली रुस्दी, पूर्व जिलाध्यक्ष पारसनाथ यादव, रामसागर वर्मा और सपा के एमएलसी प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी समेत बड़ी संख्या में सपा नेता मौजूद रहे।
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अखिलेश ने कृष्ण-सुदामा की मित्रता, अर्जुन के सारथी बनने और गोकुल के ग्वालों से उनके जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन प्रेम, दया, अपनापन, सामाजिक न्याय और बंधुत्व का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने समाज के उपेक्षित और वंचित लोगों को सम्मान दिया और उन्हें अपने करीब किया।
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कृष्ण-सुदामा की मित्रता को सच्चे भ्रातृत्व की मिसाल बताते हुए उन्होंने कहा कि समाज में नफरत और भेदभाव हर दौर में रहे हैं, लेकिन कृष्ण की चेतना मानवता को इनके खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा देती है। आज जरूरत है कि समानता, भाईचारे और न्याय की भावना मजबूत हो और लंबे समय से उपेक्षित लोगों को सम्मान व अधिकार मिले।
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सुदर्शन चक्र के बहाने संस्थाओं पर निशाना
अखिलेश ने भगवान कृष्ण के सुदर्शन चक्र का उदाहरण देते हुए कहा कि यह सज्जनों की रक्षा के लिए है, उन्हें डराने के लिए नहीं। उन्होंने अधिकारियों और सरकार में बैठे लोगों से इससे सीख लेने की बात कही। सरकारी एजेंसियों और चुनाव आयोग का जिक्र करते हुए कहा कि संस्थाओं को सच्चाई और न्याय के रास्ते पर चलना चाहिए। जिस शक्ति का इस्तेमाल लोगों की रक्षा और न्याय के लिए होना चाहिए, उसका दुरुपयोग नहीं होना चाहिए।
संतों के साथ बैठकर दिया संदेश
कथा स्थल पर पहुंचने के बाद अखिलेश के लिए संतों के आगे कुर्सी लगाई जा रही थी। उन्होंने मना कर दिया और संतों के साथ उसी कतार में बैठ गए। इसके बाद संतों और सपा नेताओं ने उनका सम्मान किया। महंत जन्मेजय शरण, महंत बालयोगी रामदास, महंत दिलीप दास, महंत आनंद दास, महंत रमेश दास और पहलवान मनीराम दास समेत अन्य संतों के साथ पूर्व मंत्री पवन पांडेय और सांसद अवधेश दास ने अखिलेश को गदा, चक्र और त्रिशूल भेंट किया। अखिलेश ने हाथ में चक्र लेकर अपने संदेश को प्रतीकात्मक रूप भी दिया। कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष जयसिंह राणा, पूर्व मंत्री आनंद सेन यादव, सपा सांसद लालजी वर्मा, पूर्व मंत्री अब्बास अली रुस्दी, पूर्व जिलाध्यक्ष पारसनाथ यादव, रामसागर वर्मा और सपा के एमएलसी प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी समेत बड़ी संख्या में सपा नेता मौजूद रहे।