{"_id":"6a3979dc7e6107be9f07b2f2","slug":"80-of-the-people-in-the-system-are-associated-with-the-sangh-and-vhp-ayodhya-news-c-97-1-ayo1002-152322-2026-06-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: व्यवस्था में 80 फीसदी लोग संघ और विहिप से जुड़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: व्यवस्था में 80 फीसदी लोग संघ और विहिप से जुड़े
Mon, 22 Jun 2026 11:37 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 22 Jun 2026 11:37 PM IST
विज्ञापन
अयोध्या। राम मंदिर में दानराशि और चढ़ावा प्रबंधन से जुड़े प्रकरण की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) को मंदिर की प्रशासनिक एवं संचालन व्यवस्था की पड़ताल के दौरान कई ऐसे तथ्य मिले हैं, जिन्होंने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। सूत्रों के अनुसार एसआईटी ने पाया कि मंदिर की विभिन्न व्यवस्थाओं में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) से जुड़े अथवा उनकी पृष्ठभूमि वाले कार्यकर्ता महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि श्रद्धालु प्रबंधन, दान संग्रह, सेवा कार्यों और कुछ प्रशासनिक व्यवस्थाओं में ऐसे लोगों की भूमिका है, जिनका संबंध लंबे समय से संघ परिवार के विभिन्न संगठनों से रहा है। मंदिर की विभिन्न व्यवस्थाओं में राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से जो कर्मी नियुक्त किए गए हैँ उनमें से 80 फीसदी कर्मी संघ परिवार से जुडे हैं। संघ के कुछ बड़े पदाधिकारियों व प्रचारकों की सिफारिश पर राम मंदिर में कई नियुक्तियां भी किए जाने की बात सामने आई है। एसआईटी यह समझने का प्रयास कर रही है कि जिम्मेदारियों के निर्धारण, निगरानी और जवाबदेही की व्यवस्था किस प्रकार संचालित की जा रही है।
बताया जा रहा है कि एसआईटी अपनी रिपोर्ट में केवल दानराशि प्रकरण ही नहीं, बल्कि मंदिर की समग्र प्रशासनिक एवं सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े बिंदुओं का भी उल्लेख कर सकती है। जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि प्रारंभिक पड़ताल में सामने आए तथ्यों के आधार पर कुछ व्यवस्थागत सुधारों और जवाबदेही तय करने संबंधी सुझाव भी रिपोर्ट का हिस्सा बन सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि श्रद्धालु प्रबंधन, दान संग्रह, सेवा कार्यों और कुछ प्रशासनिक व्यवस्थाओं में ऐसे लोगों की भूमिका है, जिनका संबंध लंबे समय से संघ परिवार के विभिन्न संगठनों से रहा है। मंदिर की विभिन्न व्यवस्थाओं में राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से जो कर्मी नियुक्त किए गए हैँ उनमें से 80 फीसदी कर्मी संघ परिवार से जुडे हैं। संघ के कुछ बड़े पदाधिकारियों व प्रचारकों की सिफारिश पर राम मंदिर में कई नियुक्तियां भी किए जाने की बात सामने आई है। एसआईटी यह समझने का प्रयास कर रही है कि जिम्मेदारियों के निर्धारण, निगरानी और जवाबदेही की व्यवस्था किस प्रकार संचालित की जा रही है।
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि एसआईटी अपनी रिपोर्ट में केवल दानराशि प्रकरण ही नहीं, बल्कि मंदिर की समग्र प्रशासनिक एवं सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े बिंदुओं का भी उल्लेख कर सकती है। जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि प्रारंभिक पड़ताल में सामने आए तथ्यों के आधार पर कुछ व्यवस्थागत सुधारों और जवाबदेही तय करने संबंधी सुझाव भी रिपोर्ट का हिस्सा बन सकते हैं।
विज्ञापन