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Ayodhya News: मां सरयू की महाआरती 500 मीटर चुनरी अर्पित
Sat, 21 Feb 2026 11:34 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sat, 21 Feb 2026 11:34 PM IST
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28- दर्शन भवन से निकली चुनरी यात्रा में शामिल महंत डॉक्टर ममता शास्त्री व श्रद्धालु- संवाद
अयोध्या। जानकी घाट स्थित दर्शन भवन में शनिवार को दो दिवसीय प्राकट्योत्सव का शुभारंभ श्रद्धा और उल्लास के साथ हुआ। अखंड नाम-संकीर्तन की मधुर ध्वनि के बीच ठाकुर जी व जानकी जीवन की तुलसी और पुष्पों से विशेष अर्चना की गई। इसके बाद 1008 बत्तियों की भव्य महाआरती ने पूरे परिसर को भक्तिमय प्रकाश से आलोकित कर दिया।
मंदिर की महंत डॉ. ममता शास्त्री ने बताया कि प्रातः पंचामृत स्नान के साथ विधिवत पूजन-अर्चन हुआ। दोपहर में मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो जानकी घाट होते हुए सरयू तट तक पहुंची। शोभायात्रा में देवताओं की झांकियां और कलाकारों की प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। सरयू तट पर भक्तों ने आस्था का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया। मां सरयू को 500 मीटर लंबी चुनरी अर्पित की गई, जिसे विशेष रूप से जयपुर से मंगवाया गया था। इसके साथ ही शाम ढलते ही 2100 दीपों से दीपदान कर तट को दिव्य प्रकाश से सजा दिया गया। लहरों पर तैरते दीपों की छटा ने वातावरण को आध्यात्मिक आभा से भर दिया।
शाम को फूल बंगला झांकी और भजन संध्या ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया। भक्त देर रात तक भक्ति रस में सराबोर रहे। उत्सव का समापन रविवार को नर्वदेश्वर शंकर के रुद्राभिषेक के साथ होगा। इस अवसर पर ठाकुर जी व किशोरी जी को 56 व्यंजनों का विशेष भोग अर्पित किया जाएगा। कार्यक्रम में महंत विप्र दास कुरुक्षेत्र, अधिवक्ता अशोक कुमार मिश्र, किरण मिश्रा, पुजारी सुखदेव दास, विजय कुमार, मीनाक्षी, गोपाल चौधरी, राकेश कुमार सिंह, हरिश्चंद्र राय, प्रमिला सिन्हा, धीरेंद्र सिंह सहित विभिन्न राज्यों से आए अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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मंदिर की महंत डॉ. ममता शास्त्री ने बताया कि प्रातः पंचामृत स्नान के साथ विधिवत पूजन-अर्चन हुआ। दोपहर में मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो जानकी घाट होते हुए सरयू तट तक पहुंची। शोभायात्रा में देवताओं की झांकियां और कलाकारों की प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। सरयू तट पर भक्तों ने आस्था का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया। मां सरयू को 500 मीटर लंबी चुनरी अर्पित की गई, जिसे विशेष रूप से जयपुर से मंगवाया गया था। इसके साथ ही शाम ढलते ही 2100 दीपों से दीपदान कर तट को दिव्य प्रकाश से सजा दिया गया। लहरों पर तैरते दीपों की छटा ने वातावरण को आध्यात्मिक आभा से भर दिया।
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शाम को फूल बंगला झांकी और भजन संध्या ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया। भक्त देर रात तक भक्ति रस में सराबोर रहे। उत्सव का समापन रविवार को नर्वदेश्वर शंकर के रुद्राभिषेक के साथ होगा। इस अवसर पर ठाकुर जी व किशोरी जी को 56 व्यंजनों का विशेष भोग अर्पित किया जाएगा। कार्यक्रम में महंत विप्र दास कुरुक्षेत्र, अधिवक्ता अशोक कुमार मिश्र, किरण मिश्रा, पुजारी सुखदेव दास, विजय कुमार, मीनाक्षी, गोपाल चौधरी, राकेश कुमार सिंह, हरिश्चंद्र राय, प्रमिला सिन्हा, धीरेंद्र सिंह सहित विभिन्न राज्यों से आए अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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