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Auraiya News: पुस्तकालय होने के बाद भी अध्ययन से दूर युवा
Wed, 15 Mar 2023 11:41 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Wed, 15 Mar 2023 11:41 PM IST
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औरैया। युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयारी करने के लिए परेशान होना पड़ रहा है। शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर बना राजकीय पुस्तकालय बेमकसद साबित हो रहा है। दूरी अधिक होने के चलते युवा अपनी तैयारी करने नहीं पहुंच पाते हैं। युवाओं का कहना है कि किताबें खरीदने से ज्यादा लाइब्रेरी जाकर पढ़ना मंहगा है।
सरकार की ओर से युवाओं को सुदृण बनाने के लिए स्कूलों का उच्चीकरण और शिक्षा में सुधार के लिए जोरों से काम कर रही है लेकिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए पुस्तकालयों का प्रबंध नहीं किया जा रहा है। जबकि पंचायती राज व्यवस्था में हर पंचायत में लाइब्रेरी स्थापित करने का प्रावधान है। पुस्तकालयों के अभाव में ग्रामीण क्षेत्रों में पुस्तकालय न होने से निम्न वर्ग के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने में काफी समस्याएं हो रहीं हैं। उन्हें सभी तरह की किताबें नहीं मिल पाती हैं। वहीं शहर के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में दक्ष बनाने के लिए ककोर मुख्यालय स्थित जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में राजकीय पुस्तकालय बना है।
पुस्तकालय से शहर की दूरी 15 किलोमीटर होने के चलते युवा चाह कर भी पुस्तकालय नहीं पहुंच पाते हैं। पुस्तकालय में मौजूद प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें छात्रों की आस में रखीं रहती हैं। सुबह से शाम तक पुस्तकालय में सन्नाटा छाया रहता है। शहर के युवाओं का कहना है कि पुस्तकालय तक प्रतिदिन पहुंचने के लिए किराए में मोटी रकम खर्च करनी पड़ेगी। कुछ पुस्तकों को छोड़ कर किराए पर खर्च किए गए रुपयों से कम में आ जाती हैं और पुस्तकालय आने जाने में बर्बाद होने वाला समय भी बच जाता है। ऐसे में छात्र शहर में खुली निजी पुस्तकालयों व ऑनलाइन लाइब्रेरी का सहारा ले रहे हैं। फिलहाल इस पुस्तकालय में डीआईओएस दफ्तर के कर्मचारी बैठे नजर आते हैं। डीआईओएस चंद्रशेखर मालवीय ने बताया कि पुस्तकालय सुबह से शाम तक खुली रहया है, जो युवा आते हैं, उन्हें पुस्तकों का लाभ भी मिल रहा है।
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सरकार की ओर से युवाओं को सुदृण बनाने के लिए स्कूलों का उच्चीकरण और शिक्षा में सुधार के लिए जोरों से काम कर रही है लेकिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए पुस्तकालयों का प्रबंध नहीं किया जा रहा है। जबकि पंचायती राज व्यवस्था में हर पंचायत में लाइब्रेरी स्थापित करने का प्रावधान है। पुस्तकालयों के अभाव में ग्रामीण क्षेत्रों में पुस्तकालय न होने से निम्न वर्ग के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने में काफी समस्याएं हो रहीं हैं। उन्हें सभी तरह की किताबें नहीं मिल पाती हैं। वहीं शहर के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में दक्ष बनाने के लिए ककोर मुख्यालय स्थित जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में राजकीय पुस्तकालय बना है।
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पुस्तकालय से शहर की दूरी 15 किलोमीटर होने के चलते युवा चाह कर भी पुस्तकालय नहीं पहुंच पाते हैं। पुस्तकालय में मौजूद प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें छात्रों की आस में रखीं रहती हैं। सुबह से शाम तक पुस्तकालय में सन्नाटा छाया रहता है। शहर के युवाओं का कहना है कि पुस्तकालय तक प्रतिदिन पहुंचने के लिए किराए में मोटी रकम खर्च करनी पड़ेगी। कुछ पुस्तकों को छोड़ कर किराए पर खर्च किए गए रुपयों से कम में आ जाती हैं और पुस्तकालय आने जाने में बर्बाद होने वाला समय भी बच जाता है। ऐसे में छात्र शहर में खुली निजी पुस्तकालयों व ऑनलाइन लाइब्रेरी का सहारा ले रहे हैं। फिलहाल इस पुस्तकालय में डीआईओएस दफ्तर के कर्मचारी बैठे नजर आते हैं। डीआईओएस चंद्रशेखर मालवीय ने बताया कि पुस्तकालय सुबह से शाम तक खुली रहया है, जो युवा आते हैं, उन्हें पुस्तकों का लाभ भी मिल रहा है।
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