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रेलवे ग्रिड की 132 केवी लाइन की चपेट में आकर युवक धू धूकर जला

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 08 May 2021 11:14 PM IST
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दिबियापुर (औरैया)। संजय नगर दिबियापुर स्थित एक घर में शादी के अवसर पर झालर लगाने गया टेंट हाउस कर्मी घर के ऊपर से गुजरी रेलवे ग्रिड की एचटी लाइन की चपेट में आ गया। मौके पर ही जलकर उसकी मौत हो गई। वहीं तेज धमाके के कारण दरवाजे टूट गए। घर में भदगड़ मच गई। सूचना पर अधिकारियों ने पावर ग्रिड की लाइन बंद कराई। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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इटावा पीएसी में तैनात सिपाही पंकज कुमार निवासी संजय नगर की बहन अंजली की शादी कुठर्रा फफूंद निवासी युवक से तय हुई है। शनिवार शाम को बरात आनी थी। घर में झालर और टेंट का काम चल रहा था। सुबह साढ़े 10 बजे दीपू (20) निवासी जमुही घर की छत पर झालर लगाने गया। वह छत पर चढ़ा ही था कि ऊपर से गुजरी 132 केवी बिजली लाइन की चपेट में आ गया। वह लाइन में चिपक जलने लगा। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। तेज धमाके के साथ दो दरवाजे टूट गए। घर में कोहराम मच गया। सभी रिश्तेदार और परिजन घर छोड़कर भाग खड़े हुए। प्रभारी निरीक्षक राम सहाय पटेल मौके पर पहुंचे। रेलवे से पहुंचे कर्मियों ने 12 बजे बिजली आपूर्ति बंद कराई। इसके बाद पुलिस कर्मियों ने शव को उतरवाया। थाना प्रभारी ने बताया कि अभी तक किसी ने घटना को लेकर शिकायत नहीं की है।

एक और की मौत की रही अफवाह
युवक की मौत की सूचना पर दिबियापुर की बिजली आपूर्ति बंद करा दी गई। बिजली विभाग के लाइनमैन और थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गए। इस बीच अफवाह फैल गई कि अंदर एक अन्य व्यक्ति भी जलकर मर गया है। इसके बावजूद थाना पुलिस और बिजली विभाग के लाइनमैन अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। लगभग 12 बजे जब रेलवे के बिजली विभाग के कर्मियों ने छत से ऊपर से गुजरी रेल ग्रिड की लाइन की आपूर्ति बंद कराई। इसके बाद ही पुलिस कर्मी अंदर गए।
एचटी लाइन के नीचे बने मकान देते हादसों को दावत
रेलवे ग्रिड की हाईटेंशन लाइन गुजरने के बाद नीचे बने मकान हादसे को दावत देते नजर आ रहे हैं। बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार 132 केवी हाईटेंशन लाइन के नीचे लगभग दो मीटर तक हादसे की आशंका रहती है। प्रभारी निरीक्षक राम सहाय पटेल के अनुसार कई बार लोगों को आगाह किया जाता है, लेकिन कोई मानने को तैयार नहीं होता। (संवाद)
15 दिन पहले ही टेंट हाउस पर शुरू किया था काम
द़न पहले दीपू ने टेंट हाउस पर काम करना शुरू किया था। परिजनों को क्या पता था कि इस तरह से उनका बेटा उनसे बिछड़ जाएगा। यह कहना है मृतक दीपू के पिता सुरेश चंद्र का। सुरेश के अनुसार पहले भी वह परिवार की मदद के लिए बिजली का काम करता था। (संवाद)

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