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प्रसव के बाद महिला की मौत
Auraiya, Uttar pradesh, India
Updated Wed, 15 Jun 2016 11:01 PM IST
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प्रसूता की मौत पर रोते बिलखते परिजन
- फोटो : amar ujala beuro
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जिला अस्पताल में प्रसव के बाद हालत बिगड़ने पर एक महिला की मौत हो गई। मौके पर मौजूद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। कहा कि डाक्टर की गैर मौजूदगी में प्रसव कराने से महिला की मौत हुई है। उन्होंने प्रसव के दौरान मौजूद नर्सो पर अवैध वसूली का भी आरोप लगाया।
बुधवार को जिला अस्पताल में खानपुर निवासी रोली (21) पत्नी अरुण कुमार की प्रसव के बाद मौत हो गई। मृतका की सास शांती देवी ने बताया कि उन्होंने रोली को मंगलवार सुबह करीब नौ बजे प्रसव पीड़ा के चलते जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। रात करीब 12:58 पर रोली ने एक बच्ची को जन्म दिया। प्रसव के तीन घंटे बाद बुधवार सुबह करीब चार बजे अचानक रोली की तबियत बिगड़ने लगी। उन्होंने अस्पताल में मौजूद नर्सों को जानकारी दी। नर्सों ने महिला को ओटी में ले जाकर ड्रिप लगा दी। नर्सों ने महिला चिकित्सक डा. सीमा अग्रवाल को सूचना दी।
लेकिन जब तक वह अस्पताल पहुंचती तब तक महिला के शरीर का काफी खून निकल चुका था। इससे उसकी मौत हो गई। शांती देवी ने बताया कि प्रसव के दौरान ड्यूटी पर मौजूद नर्सों ने उनसे ड्रिप लगवाई पांच सौ रुपये लिए। लड़की पैदा होने पर खुशी के नाम पर 300 रुपये वसूले। इसके बावजूद उनकी बहू के साथ लापरवाही बरती गई। इससे उसकी मौत हो गई।
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रेफर के लिए चिल्लाते रहे पर एक न सुनी
जिला अस्पताल में महिला की मौत के बाद परिजनों में खासा आक्रोश दिखाई दिया। मौके पर मौजूद मृतका की दादी सास राममूर्ति ने बताया कि प्रसव के दौरान मामला बिगड़ता देख कई बार नर्सों से बाहर रेफर किए जाने के लिए गिड़गिड़ाती रहीं। लेकिन किसी ने एक न सुनी। समय रहते यदि नर्सें उनकी बात मान लेती तो उनकी बहू आज जिंदा होती।
अचानक बिगड़ी तबियत कोई नहीं समझ सका
खानपुर कस्बे की आशा अनीता ने बताया कि प्रसव होने के बाद सब कुछ सामान्य था। अचानक दो घंटे बाद प्रसूता की तबियत बिगड़ गई। इससे पहले की कोई कुछ समझ पाता उसकी मौत हो गई। प्रसूता की मौत के दौरान अस्पताल में कोई लेडी डाक्टर मौजूद नहीं थी। नर्सों के सहारे ही डिलीवरी कराई गई। स्थिति बिगड़ने पर नर्सों ने ही ड्रिप लगाई।
मामले में कोई लापरवाही नहीं बरती गई है। उक्त प्रसूता दिन में भी डा. सीमा को दिखाने आई थी। महिला में खून की कमी बताकर बाहर डिलीवरी कराने के लिए बोल दिया गया था। लेकिन परिजनों ने आर्थिक स्थिति ठीक न होने की बात कहकर बाहर ले जाने से मना कर दिया। ड्रिप लगाने के नाम पर नर्सों की ओर से पैसा लिए जाने की बात निराधार है। जब कोई हादसा हो जाता है तो इस तरह के आरोप स्वाभाविक ही लगते हैं।
डा.प्रमोद कटियार, सीएमएस, जिला अस्पताल
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बुधवार को जिला अस्पताल में खानपुर निवासी रोली (21) पत्नी अरुण कुमार की प्रसव के बाद मौत हो गई। मृतका की सास शांती देवी ने बताया कि उन्होंने रोली को मंगलवार सुबह करीब नौ बजे प्रसव पीड़ा के चलते जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। रात करीब 12:58 पर रोली ने एक बच्ची को जन्म दिया। प्रसव के तीन घंटे बाद बुधवार सुबह करीब चार बजे अचानक रोली की तबियत बिगड़ने लगी। उन्होंने अस्पताल में मौजूद नर्सों को जानकारी दी। नर्सों ने महिला को ओटी में ले जाकर ड्रिप लगा दी। नर्सों ने महिला चिकित्सक डा. सीमा अग्रवाल को सूचना दी।
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लेकिन जब तक वह अस्पताल पहुंचती तब तक महिला के शरीर का काफी खून निकल चुका था। इससे उसकी मौत हो गई। शांती देवी ने बताया कि प्रसव के दौरान ड्यूटी पर मौजूद नर्सों ने उनसे ड्रिप लगवाई पांच सौ रुपये लिए। लड़की पैदा होने पर खुशी के नाम पर 300 रुपये वसूले। इसके बावजूद उनकी बहू के साथ लापरवाही बरती गई। इससे उसकी मौत हो गई।
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रेफर के लिए चिल्लाते रहे पर एक न सुनी
जिला अस्पताल में महिला की मौत के बाद परिजनों में खासा आक्रोश दिखाई दिया। मौके पर मौजूद मृतका की दादी सास राममूर्ति ने बताया कि प्रसव के दौरान मामला बिगड़ता देख कई बार नर्सों से बाहर रेफर किए जाने के लिए गिड़गिड़ाती रहीं। लेकिन किसी ने एक न सुनी। समय रहते यदि नर्सें उनकी बात मान लेती तो उनकी बहू आज जिंदा होती।
अचानक बिगड़ी तबियत कोई नहीं समझ सका
खानपुर कस्बे की आशा अनीता ने बताया कि प्रसव होने के बाद सब कुछ सामान्य था। अचानक दो घंटे बाद प्रसूता की तबियत बिगड़ गई। इससे पहले की कोई कुछ समझ पाता उसकी मौत हो गई। प्रसूता की मौत के दौरान अस्पताल में कोई लेडी डाक्टर मौजूद नहीं थी। नर्सों के सहारे ही डिलीवरी कराई गई। स्थिति बिगड़ने पर नर्सों ने ही ड्रिप लगाई।
मामले में कोई लापरवाही नहीं बरती गई है। उक्त प्रसूता दिन में भी डा. सीमा को दिखाने आई थी। महिला में खून की कमी बताकर बाहर डिलीवरी कराने के लिए बोल दिया गया था। लेकिन परिजनों ने आर्थिक स्थिति ठीक न होने की बात कहकर बाहर ले जाने से मना कर दिया। ड्रिप लगाने के नाम पर नर्सों की ओर से पैसा लिए जाने की बात निराधार है। जब कोई हादसा हो जाता है तो इस तरह के आरोप स्वाभाविक ही लगते हैं।
डा.प्रमोद कटियार, सीएमएस, जिला अस्पताल