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72 घंटे के अंदर शहरी क्षेत्र के अन्ना मवेशियों को मिले ठिकाना : डीएम
Fri, 04 Jan 2019 11:53 PM IST
gaurav gaurav
auraiya
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Published by: gaurav gaurav
Updated Fri, 04 Jan 2019 11:53 PM IST
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जिला मुख्यालय ककोर के सभागार में आयोजित बैठक में मौजूद अधिकारी व जिलाधिकारी श्रीकांत मिश्रा
- फोटो : amarujala
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औरैया। जिला मुख्यालय ककोर स्थित सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में शुक्रवार को गोवंश आश्रय स्थल की स्थापना व संचालन नीति के संबंध में सभी संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की गई। जिसमें निराश्रित, बेसहारा गोवंश को आश्रय उपलब्ध कराने, भरण पोषण की व्यवस्था करने, गोवंश से उत्पादित दूध, गोबर, कंपोस्ट आदि के विक्रय व्यवस्था करने पर चर्चा की।
जिलाधिकारी श्रीकांत मिश्रा ने कहा कि गोवंश को पशु स्वामी बेसहारा छोड़ देते है। जनपद में बढ़ रहे निराश्रित, बेसहारा गोवंश की संख्या में कमी किया जाना आवश्यक है। जिले में पंजीकृत 25 गोशालाओं में से नौ निष्क्रिय गोशालाओं को फिर से चालू कराया जाए। इन गोशालाओं में 50-50 गोवंश रखे जाए और उनके चारा, घास, पानी आदि की व्यवस्था की जाए। सभी ईओ तीन दिन के अंदर नगरीय क्षेत्रों में निराश्रित, बेसहारा गोवंश की वैकल्पिक व्यवस्था करेें। सभी एसडीएम इन गोवंशों के लिए अस्थाई गोवंश आश्रय स्थलों हेतु भूमि चिन्हांकन कर भूमि उपलब्ध कराएं। उन्होंने डीपीआरओ को निर्देश दिए कि वह प्रधानों के साथ बैठककर इस नेक कार्य में सहयोग करें। चारागाह की जमीन पर नैपियर घास उगवाने के भी निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सीवीओ से अन्ना मवेशियों की सूचना मांगी है।
निराश्रित, बेसहारा गोवंशों की आश्रय स्थल की व्यवस्था हेतु जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक कमेटी भी गठित होनी है जो अस्थाई गोवंश आश्रय स्थलों हेतु वित्तीय प्रबंधन करेगी। यह समिति कृषक, पशुपालक द्वारा पशुओं को छोड़े जाने के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करेगी।
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बैठक में सीडीओ सत्येंद्र नाथ चौधरी, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अनुपम कुमार शुक्ला, डीएफओ सुंदरेशा, एडीएम विजय बहादुर सिंह, डिप्टी कलेक्टर रामजीवन, एसडीएम बिधूना अमित कुमार, एसडीएम अजीतमल विजय प्रताप सिंह सहित सभी बीडीओ व ईओ मौजूद रहे।
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जिलाधिकारी श्रीकांत मिश्रा ने कहा कि गोवंश को पशु स्वामी बेसहारा छोड़ देते है। जनपद में बढ़ रहे निराश्रित, बेसहारा गोवंश की संख्या में कमी किया जाना आवश्यक है। जिले में पंजीकृत 25 गोशालाओं में से नौ निष्क्रिय गोशालाओं को फिर से चालू कराया जाए। इन गोशालाओं में 50-50 गोवंश रखे जाए और उनके चारा, घास, पानी आदि की व्यवस्था की जाए। सभी ईओ तीन दिन के अंदर नगरीय क्षेत्रों में निराश्रित, बेसहारा गोवंश की वैकल्पिक व्यवस्था करेें। सभी एसडीएम इन गोवंशों के लिए अस्थाई गोवंश आश्रय स्थलों हेतु भूमि चिन्हांकन कर भूमि उपलब्ध कराएं। उन्होंने डीपीआरओ को निर्देश दिए कि वह प्रधानों के साथ बैठककर इस नेक कार्य में सहयोग करें। चारागाह की जमीन पर नैपियर घास उगवाने के भी निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सीवीओ से अन्ना मवेशियों की सूचना मांगी है।
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निराश्रित, बेसहारा गोवंशों की आश्रय स्थल की व्यवस्था हेतु जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक कमेटी भी गठित होनी है जो अस्थाई गोवंश आश्रय स्थलों हेतु वित्तीय प्रबंधन करेगी। यह समिति कृषक, पशुपालक द्वारा पशुओं को छोड़े जाने के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करेगी।
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बैठक में सीडीओ सत्येंद्र नाथ चौधरी, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अनुपम कुमार शुक्ला, डीएफओ सुंदरेशा, एडीएम विजय बहादुर सिंह, डिप्टी कलेक्टर रामजीवन, एसडीएम बिधूना अमित कुमार, एसडीएम अजीतमल विजय प्रताप सिंह सहित सभी बीडीओ व ईओ मौजूद रहे।