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Auraiya News: चोक पड़े मैनपूठ नाले से खेतों में घुस रहा पानी
Sun, 24 Aug 2025 12:35 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sun, 24 Aug 2025 12:35 AM IST
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औरैया। हर साल मानसून आने से पहले जलनिकासी के इंतजाम दुरुस्त करने के दावे खूब होते हैं। वहीं, हकीकत देखनी है तो दिबियापुर के मैनपूठ नाले को देख लीजिए। यहां जलनिकासी के लिए पांच किमी. का नाला है, पर चोक नाले का पानी ही खेतों में घुस रहा है।
साल में करीब आठ माह खेत जलमग्न रहते हैं। दिबियापुर कस्बे से सटे घेरा, कैंझरी व जमुहां गांव में साल 2019 से जलभराव का संकट खड़ा है। किसानों का आरोप है कि साल के आठ माह यहां के 200 बीघा खेतों में बारिश का पानी भरा रहता है।
सालों से इन गांवों से लेकर दिबियापुर कस्बे तक का बारिश का पानी मैनपूठ नाले से होकर ककराही होते हुए सेंगर नदी की ओर से जाता है। साल 2019 से इस नाले के चोक होने की समस्या खड़ी हो जा रही है। पर्याप्त पानी की निकासी नहीं हो पा रही है।
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किसानों का आरोप है कि इस नाले पर लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है। कहीं पर इसका पटान कर दिया गया है तो कहीं पर अवैध निर्माण इस कदर हुआ कि नाले का दायरा सिमट गया है। ऐसे में जलनिकासी चौपट हो गई है।
खेत पानी से लबालब हैं। नाले में भी भरा पानी कहीं हरा तो कहीं काला हो गया है। यह स्थिति तब है जबकि हर साल दिबियापुर नगर पंचायत इस नाले की सफाई कराती है। बावजूद इसके समस्या साल दर साल चली आ रही है।
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साल में करीब आठ माह खेत जलमग्न रहते हैं। दिबियापुर कस्बे से सटे घेरा, कैंझरी व जमुहां गांव में साल 2019 से जलभराव का संकट खड़ा है। किसानों का आरोप है कि साल के आठ माह यहां के 200 बीघा खेतों में बारिश का पानी भरा रहता है।
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सालों से इन गांवों से लेकर दिबियापुर कस्बे तक का बारिश का पानी मैनपूठ नाले से होकर ककराही होते हुए सेंगर नदी की ओर से जाता है। साल 2019 से इस नाले के चोक होने की समस्या खड़ी हो जा रही है। पर्याप्त पानी की निकासी नहीं हो पा रही है।
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किसानों का आरोप है कि इस नाले पर लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है। कहीं पर इसका पटान कर दिया गया है तो कहीं पर अवैध निर्माण इस कदर हुआ कि नाले का दायरा सिमट गया है। ऐसे में जलनिकासी चौपट हो गई है।
खेत पानी से लबालब हैं। नाले में भी भरा पानी कहीं हरा तो कहीं काला हो गया है। यह स्थिति तब है जबकि हर साल दिबियापुर नगर पंचायत इस नाले की सफाई कराती है। बावजूद इसके समस्या साल दर साल चली आ रही है।