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Auraiya News: परिषदीय स्कूलों में वाटर कूलर खराब, प्यासे रहते बच्चे
Wed, 08 Jul 2026 12:09 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Wed, 08 Jul 2026 12:09 AM IST
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फोटो-14- बेलपुर बेला परिषदीय स्कूल में खराब लगा वाटरकूलर। संवाद
बिधूना। परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को ठंडा पेयजल उपलब्ध कराने को ग्राम पंचायतों के माध्यम से लाखों रुपये खर्च कर लगाए गए वाटर कूलर खराब पड़े हैं। इससे स्कूल के नौनिहाल हैंडपंप और नल से होने वाली आपूर्ति का पानी पीने को मजबूर हैं।
मंगलवार को हुई पड़ताल में रौनाह स्थित प्राथमिक विद्यालय, रौंदपुर प्राथमिक विद्यालय व नगला मोहन स्थित विद्यालय के गेट पर लगा वाटर कूलर खराब पड़ा मिला। इसी तरह भगवानपुरा व भैसलोट स्थित प्राथमिक विद्यालय के वाटर कूलर भी खराब थे।
वही, क्षेत्र पंचायत निधि से सोहनी स्कूल के पास लगाया गया वाटर कूलर गायब था, वहां सिर्फ टंकी देख रही है। इसकी मशीन दो साल से नहीं रखी गई है। ऐसे में स्कूली बच्चों व गांव वालों को पानी ठंडा कैसे मिलेगा।
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ग्रामीणों का कहना है कि अधिकांश वाटर कूलर वर्ष 2019-20 में लगाए गए थे। शुरुआती दिनों में तो इनका लाभ मिला, लेकिन खराब होने के बाद किसी ने उनकी सुध नहीं ली। बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी और अन्य अधिकारी निरीक्षण के दौरान शिक्षकों की उपस्थिति, अभिलेख और मिड-डे मील की व्यवस्था तो देखते हैं लेकिन पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा की अनदेखी कर देते हैं।
बीडीओ रामदुलार ने बताया कि विद्यालयों में लगे वाटर कूलरों की जांच कराई जाएगी। जहां भी वाटर कूलर खराब मिले हैं, उन्हें तत्काल ठीक कराने के निर्देश संबंधित सचिवों को दिए जाएंगे।
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मंगलवार को हुई पड़ताल में रौनाह स्थित प्राथमिक विद्यालय, रौंदपुर प्राथमिक विद्यालय व नगला मोहन स्थित विद्यालय के गेट पर लगा वाटर कूलर खराब पड़ा मिला। इसी तरह भगवानपुरा व भैसलोट स्थित प्राथमिक विद्यालय के वाटर कूलर भी खराब थे।
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वही, क्षेत्र पंचायत निधि से सोहनी स्कूल के पास लगाया गया वाटर कूलर गायब था, वहां सिर्फ टंकी देख रही है। इसकी मशीन दो साल से नहीं रखी गई है। ऐसे में स्कूली बच्चों व गांव वालों को पानी ठंडा कैसे मिलेगा।
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ग्रामीणों का कहना है कि अधिकांश वाटर कूलर वर्ष 2019-20 में लगाए गए थे। शुरुआती दिनों में तो इनका लाभ मिला, लेकिन खराब होने के बाद किसी ने उनकी सुध नहीं ली। बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी और अन्य अधिकारी निरीक्षण के दौरान शिक्षकों की उपस्थिति, अभिलेख और मिड-डे मील की व्यवस्था तो देखते हैं लेकिन पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा की अनदेखी कर देते हैं।
बीडीओ रामदुलार ने बताया कि विद्यालयों में लगे वाटर कूलरों की जांच कराई जाएगी। जहां भी वाटर कूलर खराब मिले हैं, उन्हें तत्काल ठीक कराने के निर्देश संबंधित सचिवों को दिए जाएंगे।

फोटो-14- बेलपुर बेला परिषदीय स्कूल में खराब लगा वाटरकूलर। संवाद