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Auraiya News: छह साल से खेतों में भरा गंदा पानी, 10 एकड़ भूमि बनी तालाब
Tue, 30 Jun 2026 12:11 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Tue, 30 Jun 2026 12:11 AM IST
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फोटो-3- खेतों के पास भरा नालों का गंदा पानी। संवाद
अजीतमल। नगर पंचायत के नालों का गंदा पानी छह वर्षों से 12 से अधिक किसानों की उपजाऊ 10 एकड़ भूमि को तालाब बना रहा है।
वर्ष 2020 में यह समस्या सुर्खियां बनी थी लेकिन आज तक इसका समाधान नहीं हो सका है। किसानों का आरोप है कि अधिकारियों ने लगातार झूठी आख्या लगाकर शिकायतों का निस्तारण दिखाया जा रहा है, जबकि मौके पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
दरअसल, कस्बे के जनता इंटर कॉलेज के पास स्थित खेतों में नगर के नालों का गंदा पानी जमा होता है। इससे छह वर्षों से किसान इस भूमि पर कोई फसल नहीं उगा पा रहे हैं। लगातार जलभराव के कारण भूमि की उर्वरा शक्ति भी प्रभावित हो रही है और कई किसानों की जमीन बंजर होने की कगार पर पहुंच गई है।
किसानों ने डीएम से मौके पर स्थलीय निरीक्षण कराकर जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने व छह वर्षों से बर्बाद हो रही कृषि भूमि से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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बोले किसान-मिल रहा सिर्फ आश्वासन
खेती पूरी तरह चौपट हो गई है। नगर पंचायत, तहसील प्रशासन और जिला प्रशासन से शिकायत की गई लेकिन केवल आश्वासन ही मिले।- कन्हैयालाल
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खेतों में फसल न होने से उन्हें मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करना पड़ रहा है। अपने खेतों में ही वह मकान बनाकर रहते हैं। अधिक पानी भरने से उनके घर में भी भर जाता है। -पर्वत सिंह
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चुनाव के समय जनप्रतिनिधि और अधिकारी समस्या के समाधान का भरोसा देते हैं लेकिन बाद में कोई सुनवाई नहीं होती। बरसात के पहले इंतजाम नही हुआ तो समस्या और बढ़ जाएगी।- झम्मन लाल
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कई बार संपूर्ण समाधान दिवस, जिलाधिकारी, नगर पंचायत और अन्य अधिकारियों से शिकायत की लेकिन हर बार कागजों में समस्या का निस्तारण दिखाकर मामले को बंद कर दिया गया। -अभिषेक
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नालों का टेंडर हो गया है। कार्य शुरू हो गया है लेकिन बरसात के चलते पूर्ण होना संभव नहीं है। नाला निर्माण के बाद ही समस्या का समाधान हो पाएगा।- प्रदीप कुमार, ईओ नगर पंचायत
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वर्ष 2020 में यह समस्या सुर्खियां बनी थी लेकिन आज तक इसका समाधान नहीं हो सका है। किसानों का आरोप है कि अधिकारियों ने लगातार झूठी आख्या लगाकर शिकायतों का निस्तारण दिखाया जा रहा है, जबकि मौके पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
दरअसल, कस्बे के जनता इंटर कॉलेज के पास स्थित खेतों में नगर के नालों का गंदा पानी जमा होता है। इससे छह वर्षों से किसान इस भूमि पर कोई फसल नहीं उगा पा रहे हैं। लगातार जलभराव के कारण भूमि की उर्वरा शक्ति भी प्रभावित हो रही है और कई किसानों की जमीन बंजर होने की कगार पर पहुंच गई है।
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किसानों ने डीएम से मौके पर स्थलीय निरीक्षण कराकर जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने व छह वर्षों से बर्बाद हो रही कृषि भूमि से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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बोले किसान-मिल रहा सिर्फ आश्वासन
खेती पूरी तरह चौपट हो गई है। नगर पंचायत, तहसील प्रशासन और जिला प्रशासन से शिकायत की गई लेकिन केवल आश्वासन ही मिले।- कन्हैयालाल
खेतों में फसल न होने से उन्हें मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करना पड़ रहा है। अपने खेतों में ही वह मकान बनाकर रहते हैं। अधिक पानी भरने से उनके घर में भी भर जाता है। -पर्वत सिंह
चुनाव के समय जनप्रतिनिधि और अधिकारी समस्या के समाधान का भरोसा देते हैं लेकिन बाद में कोई सुनवाई नहीं होती। बरसात के पहले इंतजाम नही हुआ तो समस्या और बढ़ जाएगी।- झम्मन लाल
कई बार संपूर्ण समाधान दिवस, जिलाधिकारी, नगर पंचायत और अन्य अधिकारियों से शिकायत की लेकिन हर बार कागजों में समस्या का निस्तारण दिखाकर मामले को बंद कर दिया गया। -अभिषेक
नालों का टेंडर हो गया है। कार्य शुरू हो गया है लेकिन बरसात के चलते पूर्ण होना संभव नहीं है। नाला निर्माण के बाद ही समस्या का समाधान हो पाएगा।- प्रदीप कुमार, ईओ नगर पंचायत

फोटो-3- खेतों के पास भरा नालों का गंदा पानी। संवाद

फोटो-3- खेतों के पास भरा नालों का गंदा पानी। संवाद

फोटो-3- खेतों के पास भरा नालों का गंदा पानी। संवाद

फोटो-3- खेतों के पास भरा नालों का गंदा पानी। संवाद