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Auraiya News: वेंटीलेटर तीन साल से ताले में बंद
Sat, 19 Apr 2025 12:03 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sat, 19 Apr 2025 12:03 AM IST
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औरैया। चिचौली में मेडिकल कॉलेज के 100 शैया अस्पताल में कोरोना काल में आईं 21 वेंटीलेटर मशीनें स्टोर रूम में बंद हैं। इन्हें मरीजों को जिंदगी देने के काम में लाया नहीं जा रहा है।
ऐसे में तीन साल से स्टोर रूम में ताले में बंद वेंटीलेंटर धूल फांक रहे हैं, हालांकि इनके निष्क्रिय होने के पीछे जिम्मेदार प्रशिक्षित स्टाफ की कमी बता रहे हैं। कोविड महामारी ने लोगों को खूब झकझोरा था। गंभीर मरीजों से अस्पताल भरे पड़े थे।
जरूरत के लिहाज से सरकार ने 21 वेंटीलेटर चिचौली 100 बेड अस्पताल को भेजे थे। एक वेंटीलेटर की कीमत दो लाख से ज्यादा है। महामारी के दौर में ये वेंटीलेटर काफी हद तक काम आए, लेकिन उसके बाद इन्हें ताले में रख दिया गया।
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तर्क यह रहा कि इन वेंटीलेटर को संचालित करने वाले विशेषज्ञ चिकित्सीय स्टाफ का अभाव है। इस तर्क के साथ ही तीन साल बीत गए हैं। वेंटीलेटर की सुविधा बंद पड़ी हुई है। पत्राचार के जरिए शासन स्तर से इन वेंटीलेटर को संचालित करने वाले स्टाफ की मांग कर रही हैं।
इस मांग को शासन स्तर से पूरा नहीं किया जा सका है। अब स्वास्थ्य अमला भी चुपचाप बैठ गया है। हालांकि कुंभ माह के मेले में कुछ वेंटीलेटरों को भेजा गया था।
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ऐसे में तीन साल से स्टोर रूम में ताले में बंद वेंटीलेंटर धूल फांक रहे हैं, हालांकि इनके निष्क्रिय होने के पीछे जिम्मेदार प्रशिक्षित स्टाफ की कमी बता रहे हैं। कोविड महामारी ने लोगों को खूब झकझोरा था। गंभीर मरीजों से अस्पताल भरे पड़े थे।
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जरूरत के लिहाज से सरकार ने 21 वेंटीलेटर चिचौली 100 बेड अस्पताल को भेजे थे। एक वेंटीलेटर की कीमत दो लाख से ज्यादा है। महामारी के दौर में ये वेंटीलेटर काफी हद तक काम आए, लेकिन उसके बाद इन्हें ताले में रख दिया गया।
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तर्क यह रहा कि इन वेंटीलेटर को संचालित करने वाले विशेषज्ञ चिकित्सीय स्टाफ का अभाव है। इस तर्क के साथ ही तीन साल बीत गए हैं। वेंटीलेटर की सुविधा बंद पड़ी हुई है। पत्राचार के जरिए शासन स्तर से इन वेंटीलेटर को संचालित करने वाले स्टाफ की मांग कर रही हैं।
इस मांग को शासन स्तर से पूरा नहीं किया जा सका है। अब स्वास्थ्य अमला भी चुपचाप बैठ गया है। हालांकि कुंभ माह के मेले में कुछ वेंटीलेटरों को भेजा गया था।