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Auraiya News: 500 बीघा में बोईं सब्जियों की फसलें डूबीं
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बंद गोभी की फसल में भरा पानी। संवाद
बिधूना। गुलरियापुर गांव के किसान बृजेंद्र कुमार, राजकुमार, विश्राम सिंह और राजेश्वर दयाल ने बताया कि खेतों में हाल ही में 500 बीघा में आलू, शिमला मिर्च, बंदगोभी व अन्य सब्जियों की बोआई की गई थी। किसानों के मुताबिक पानी अधिक समय तक भरा रहा तो आलू खराब हो जाएगा।
रामपुर बामपुर निवासी किसान मोनू शाक्य ने बताया कि खेतों में बंदगोभी और शिमला मिर्च की फसल खड़ी थी। लगातार बारिश से दोनों फसलें पानी में डूब गई हैं। फसल को बचाने के लिए इंजन लगाकर पानी निकालने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन जितना पानी खेत से निकलता है, उतनी ही देर में बारिश दोबारा खेतों को पानी से भर देती है। किसान मनोज कुमार, रामवीर सिंह, सुदीप सिंह, गुड्डा सेंगर, अजय सिंह, मुलायम सिंह, सुनील सिंह आदि का कहना है कि पहले महंगे खाद-बीज और लागत ने परेशान किया। खाद के लिए किसानों को लंबी कतारों में लगना पड़ा। किसी तरह फसल तैयार हुई तो लगातार बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। किसानों का कहना है कि धान, बाजरा आलू और सब्जियों की फसल खराब होने से अब परिवार का खर्च चलाना मुश्किल होगा। धान की फसल में उपज का रंग काला पड़ जाने से भाव भी नहीं मिलेगा।
वर्जन
बारिश से फसलों को हुए नुकसान का आकलन कराने के लिए तहसील क्षेत्र के लेखपालों की टीम लगाई गई है। क्षेत्रवार फसल नुकसान का सर्वे कराकर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, ताकि नियमानुसार किसानों को मिलने वाली सहायता और मुआवजा दिलाया जा सके।-कमल सिंह, एसडीएम बिधूना
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रामपुर बामपुर निवासी किसान मोनू शाक्य ने बताया कि खेतों में बंदगोभी और शिमला मिर्च की फसल खड़ी थी। लगातार बारिश से दोनों फसलें पानी में डूब गई हैं। फसल को बचाने के लिए इंजन लगाकर पानी निकालने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन जितना पानी खेत से निकलता है, उतनी ही देर में बारिश दोबारा खेतों को पानी से भर देती है। किसान मनोज कुमार, रामवीर सिंह, सुदीप सिंह, गुड्डा सेंगर, अजय सिंह, मुलायम सिंह, सुनील सिंह आदि का कहना है कि पहले महंगे खाद-बीज और लागत ने परेशान किया। खाद के लिए किसानों को लंबी कतारों में लगना पड़ा। किसी तरह फसल तैयार हुई तो लगातार बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। किसानों का कहना है कि धान, बाजरा आलू और सब्जियों की फसल खराब होने से अब परिवार का खर्च चलाना मुश्किल होगा। धान की फसल में उपज का रंग काला पड़ जाने से भाव भी नहीं मिलेगा।
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बारिश से फसलों को हुए नुकसान का आकलन कराने के लिए तहसील क्षेत्र के लेखपालों की टीम लगाई गई है। क्षेत्रवार फसल नुकसान का सर्वे कराकर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, ताकि नियमानुसार किसानों को मिलने वाली सहायता और मुआवजा दिलाया जा सके।-कमल सिंह, एसडीएम बिधूना

बंद गोभी की फसल में भरा पानी। संवाद
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