फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   Vandana is motivating for employment by becoming a group friend

औरैयाः समूह सखी बन रोजगार के लिए प्रेरित कर रही वंदना

Sun, 07 Aug 2022 01:03 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 07 Aug 2022 01:03 AM IST
विज्ञापन
Vandana is motivating for employment by becoming a group friend
समूह में महिलाओं को जानकारी देती बंदना। संवाद - फोटो : AURAIYA
अजीतमल। महिलाएं चाहें तो कुछ भी कर सकती हैं, सिर्फ उनमें किसी काम को करने के लिए जज्बा होना चाहिए। कुछ ऐसा ही कर दिखाया अजीतमल क्षेत्र के बिलावा गांव की वंदना कुशवाहा ने। उन्होंने पति की आर्थिक स्थिति ठीक न देख खुद उनका हाथ बंटाने की ठानी। पहले समूह से जुड़ीं, फिर धीरे-धीरे आठ समूहों का संचालन अपनी देखरेख में करने लगी। अब समूह सखी बनकर महिलाओं को रोजगार के लिए प्रेरित कर रहीं हैं।
विज्ञापन

बिलावा निवासी वंदना बताती हैं कि पति मनोज मेहनत मजदूरी कर घर चलाते थे, कम आमदनी होने पर गृहस्थी ठीक नहीं चल पाती थी। परिवार में पांच सदस्य होने से परेशानी हो रही थी। बताया कि वह इंटर पास थीं, इसलिए कुछ करने की ठानी। इसी बीच उनकी मुलाकात 18 जुलाई 2019 को ब्लाक अधिकारियों से हुई। जिस पर अधिकारियों के सहयोग से श्रीरानारायण स्वयं सहायता समूह संचालित कर महिलाओं से जुड़ीं। धीरे-धीरे कर वह आठ समूह संचालित करने लगीं। इस वक्त करीब 80 महिलाएं उनसे जुड़ कर काम कर रही हैं। वंदना की मेहनत और लगन देखकर उन्हें सखी का दर्जा दिया गया। आज वह कई महिलाओं को समूह के माध्यम से रोजगार के लिए प्रेरित कर स्वावलंबी बना रही हैं।
विज्ञापन

दिव्यांगों के लिए बनाया ओम शांति समूह
वंदना बताती हैं कि क्षेत्र में कई दिव्यांग महिलाएं ऐसी थीं, जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। इस पर उन्होंने अधिकारियों से संपर्क किया और उनके लिए अलग से ओम शांति समूह का गठन किया। समूह में 10 महिलाएं हैं, जिन्हें वह कई तरह के प्रशिक्षण देकर रोजगार परख बना रही हैं। सिलाई, कढ़ाई में दक्ष होकर कई महिलाओं ने अपना काम भी शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बैंक बीसी बनीं तो दूर होने लगी समस्याएं
वंदना के समूह संचालन का तरीका और लगन देख आईसीआईसीआई बैंक ने उन्हें बैंक बीसी बनाया। इसके बाद उन्हेें 75 हजार रुपये का अनुदान दिया गया। उससे उन्होंने एटीएम डिवाइस, फोन, नोट चेक करने की मशीन लाकर एक आफिस खोला और उसी में मिनी ब्रांच संचालित की। अब गांव की महिलाओं को समूह के पैसों के लेनेदेन के लिए बैंक के चक्कर भी नहीं लगाने पड़ते हैं।

वंदना कुशवाहा

वंदना कुशवाहा- फोटो : AURAIYA

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed