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Auraiya News: जिला बनाने पर बसपा की झोली में डाल दी थीं विस की तीनों सीट
Wed, 16 Sep 2026 12:47 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Wed, 16 Sep 2026 12:47 AM IST
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औरैया। 17 सितंबर 1997 को औरैया को जिला बनाए जाने का जो अहसान तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने किया था। उस अहसान को जिले की खुद्दार जनता ने मय ब्याज के चुकता भी कर दिया था। वर्ष 2002 के विधान सभा चुनाव में जिले की तीनों सीटों पर बसपा का परचम लहराया था। तब औरैया सदर से रामजी शुक्ल, अजीतमल से मदन सिंह और बिधूना से विनय शाक्य ने जीत दर्ज कर सपा और भाजपा को झटका दिया था।
शायद, यही टीस सपा सुप्रीमो को रास नहीं आई और 2003 में सत्ता पर काबिज होते ही जिला खत्म करने का एलान कर दिया था। हालांकि उनकी यह मंशा तब सामने आई थी, जब बमुरीपुर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा था कि अगर उनकी सरकार आई तो वह जिला बनाने वाले गलत फैसले को पलट देंगे। आखिर, सपा सुप्रीमो की यह मंशा पूरी हुई लेकिन औरैया के जनाक्रोश, आंदोलन व कोर्ट में पैरवी से अधूरी ही रह सकी।
कोर्ट के निर्णय और औरैया वालों के संघर्ष के कारण मुलायम को अपने फैसले से पीछे हटना पड़ा और तीखा विरोध करने वाले अपने विधायक कमलेश पाठक की मौजूदगी में ही ककोर मुख्यालय आकर करोड़ों रुपये की योजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया था। उसके बाद से ये जिला अपनी विकास यात्रा पर निकल पड़ा है। अब भाजपा सरकार में मेडिकल कॉलेज बन गया तो जेल और कचहरी का निर्माण प्रगति पर है।
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राजनीतिक उथल-पुथल का दौर भी आया
जिला बचाओ आंदोलन के दौरान राजनीतिक उथल-पुथल का समय भी औरैया ने देखा। एक बार तो सपा के कद्दावर नेता कमलेश पाठक भी सपा छोड़कर बसपा का दामन थामने की तैयारी कर चुके थे लेकिन तब बसपा सुप्रीमो के नेताओं के साथ होने वाले व्यवहार को देख वह पीछे हट गए और विरोध के बावजूद सपा में ही बने रहे। वहीं, 2003 में सत्ता बदलने पर और जिला बचाओ आंदोलन से दूरी बनाए सदर विधायक रामजी शुक्ला पांच बसपा विधायकों के साथ पाला बदलकर सपा में शामिल हुए थे। हालांकि मौजूदा समय में वह सपा की राजनीति में पूरी ईमानदारी से सक्रिय हैं। इसके अलावा कुछ समय बाद अजीतमल से बसपा विधायक रहे मदन सिंह भी सपाई हो गए।
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29 साल में अजीतमल व बिधूना में हुए बदलाव
औरैया। जिले की सलामती के बाद विकास ने रफ्तार पकड़ी और शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, सड़क व अन्य योजनाओं पर काम शुरू हुआ। इस दौरान दिबियापुर नई विधान सभा सीट बनी तो अजीतमल सीट का अस्तित्व खत्म हो गया। हालांकि अजीतमल को सपा की 2014 की सरकार में जिले की तीसरी तहसील होने का गौरव प्राप्त हुआ। इससे कभी दस्यु प्रभावित ये क्षेत्र अब विकास के राह पर अग्रसर है। बिधूना में भी नई योजनाएं रफ्तार भर रही हैं।
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कल मनाया जाएगा स्थापना दिवस
फूलगंज सामाजिक एवं सांस्कृतिक समिति की ओर से तिलक महाविद्यालय इंदिरा हॉल में कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री राकेश सचान शामिल होंगे।
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शायद, यही टीस सपा सुप्रीमो को रास नहीं आई और 2003 में सत्ता पर काबिज होते ही जिला खत्म करने का एलान कर दिया था। हालांकि उनकी यह मंशा तब सामने आई थी, जब बमुरीपुर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा था कि अगर उनकी सरकार आई तो वह जिला बनाने वाले गलत फैसले को पलट देंगे। आखिर, सपा सुप्रीमो की यह मंशा पूरी हुई लेकिन औरैया के जनाक्रोश, आंदोलन व कोर्ट में पैरवी से अधूरी ही रह सकी।
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कोर्ट के निर्णय और औरैया वालों के संघर्ष के कारण मुलायम को अपने फैसले से पीछे हटना पड़ा और तीखा विरोध करने वाले अपने विधायक कमलेश पाठक की मौजूदगी में ही ककोर मुख्यालय आकर करोड़ों रुपये की योजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया था। उसके बाद से ये जिला अपनी विकास यात्रा पर निकल पड़ा है। अब भाजपा सरकार में मेडिकल कॉलेज बन गया तो जेल और कचहरी का निर्माण प्रगति पर है।
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जिला बचाओ आंदोलन के दौरान राजनीतिक उथल-पुथल का समय भी औरैया ने देखा। एक बार तो सपा के कद्दावर नेता कमलेश पाठक भी सपा छोड़कर बसपा का दामन थामने की तैयारी कर चुके थे लेकिन तब बसपा सुप्रीमो के नेताओं के साथ होने वाले व्यवहार को देख वह पीछे हट गए और विरोध के बावजूद सपा में ही बने रहे। वहीं, 2003 में सत्ता बदलने पर और जिला बचाओ आंदोलन से दूरी बनाए सदर विधायक रामजी शुक्ला पांच बसपा विधायकों के साथ पाला बदलकर सपा में शामिल हुए थे। हालांकि मौजूदा समय में वह सपा की राजनीति में पूरी ईमानदारी से सक्रिय हैं। इसके अलावा कुछ समय बाद अजीतमल से बसपा विधायक रहे मदन सिंह भी सपाई हो गए।
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29 साल में अजीतमल व बिधूना में हुए बदलाव
औरैया। जिले की सलामती के बाद विकास ने रफ्तार पकड़ी और शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, सड़क व अन्य योजनाओं पर काम शुरू हुआ। इस दौरान दिबियापुर नई विधान सभा सीट बनी तो अजीतमल सीट का अस्तित्व खत्म हो गया। हालांकि अजीतमल को सपा की 2014 की सरकार में जिले की तीसरी तहसील होने का गौरव प्राप्त हुआ। इससे कभी दस्यु प्रभावित ये क्षेत्र अब विकास के राह पर अग्रसर है। बिधूना में भी नई योजनाएं रफ्तार भर रही हैं।
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फूलगंज सामाजिक एवं सांस्कृतिक समिति की ओर से तिलक महाविद्यालय इंदिरा हॉल में कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री राकेश सचान शामिल होंगे।