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यूपी: औरैया के पीयूष फोर्ब्स इंडिया के कवर पर, जैव ईंधन नीति पर कर रहे हैं काम
Sat, 24 Jul 2021 01:04 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 24 Jul 2021 01:04 AM IST
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डॉ पीयूष द्विवेदी
- फोटो : अमर उजाला
फोर्ब्स इंडिया मैगजीन के जुलाई 2021 के अंक में कवर पेज पर नौ उद्यमियों के साथ औरैया निवासी डॉ. पीयूष द्विवेदी ने स्थान बनाकर प्रदेश को गौरवान्वित किया है। नेक्सजेन एनेर्जिया लिमिटेड नामक कंपनी के चेयरमैन डॉ. पीयूष को यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन के तहत कूड़े से जैविक ईंधन (बॉयो फ्यूल) बनाने का काम करने के लिए मिली है।
यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह प्रदेश के इकलौते उद्यमी हैं। उनकी इस सफलता पर जिले के लोगों भी फूले नहीं समा रहे हैं। औरैया में 1972 में जन्मे डॉ. पीयूष तिलक इंटर कालेज के शिक्षक स्वर्गीय एमएम द्विवेदी के पुत्र हैं। 1993-94 में डीबीएस कॉलेज गोविंद नगर से बीए की पढ़ाई करने कानपुर आए।
यहीं से परास्नातक की पढ़ाई किया। फिर रतनलाल नगर में रहने लगे और 1998 में मशीनरी के कारोबार में उतरे। 2006 में बॉटलिंग प्लांट की शुरुआत की। धीरे-धीरे उन्होंने कारोबार को नोएडा शिफ्ट कर लिया। उनके बढ़ते कारोबार ने उन्हें देश के बड़े उद्योगपतियों की श्रेणी में लाकर खड़ा कर दिया है। फोर्ब्स इंडिया मैगजीन ने ‘वोकल फॉर लोकल’ सेगमेंट में उन्हें स्थान दिया है।
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डॉ. पीयूष को कूड़े से जैविक ईंधन बनाने के लिए मिला सम्मान
डॉ. पीयूष ने बताया कि देशभर में जैव ईधन (बॉयो फ्यूल) पर आधारित 10 हजार प्लांट और सीबीजी पंप लगाने का उनका लक्ष्य है। प्लांट में कूड़े को गैस में परिवर्तित करके कंप्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) बनाई जाएगी और इसे पंप के जरिए बेचा जाएगा। इससे शहरों का कूड़ा निस्तारित होगा और करीब 15 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं, इससे निकलने वाले रॉ मैटेरियल को खाद के रूप में इस्तेमाल में लाया जाएगा।
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यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह प्रदेश के इकलौते उद्यमी हैं। उनकी इस सफलता पर जिले के लोगों भी फूले नहीं समा रहे हैं। औरैया में 1972 में जन्मे डॉ. पीयूष तिलक इंटर कालेज के शिक्षक स्वर्गीय एमएम द्विवेदी के पुत्र हैं। 1993-94 में डीबीएस कॉलेज गोविंद नगर से बीए की पढ़ाई करने कानपुर आए।
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यहीं से परास्नातक की पढ़ाई किया। फिर रतनलाल नगर में रहने लगे और 1998 में मशीनरी के कारोबार में उतरे। 2006 में बॉटलिंग प्लांट की शुरुआत की। धीरे-धीरे उन्होंने कारोबार को नोएडा शिफ्ट कर लिया। उनके बढ़ते कारोबार ने उन्हें देश के बड़े उद्योगपतियों की श्रेणी में लाकर खड़ा कर दिया है। फोर्ब्स इंडिया मैगजीन ने ‘वोकल फॉर लोकल’ सेगमेंट में उन्हें स्थान दिया है।
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डॉ. पीयूष को कूड़े से जैविक ईंधन बनाने के लिए मिला सम्मान
डॉ. पीयूष ने बताया कि देशभर में जैव ईधन (बॉयो फ्यूल) पर आधारित 10 हजार प्लांट और सीबीजी पंप लगाने का उनका लक्ष्य है। प्लांट में कूड़े को गैस में परिवर्तित करके कंप्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) बनाई जाएगी और इसे पंप के जरिए बेचा जाएगा। इससे शहरों का कूड़ा निस्तारित होगा और करीब 15 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं, इससे निकलने वाले रॉ मैटेरियल को खाद के रूप में इस्तेमाल में लाया जाएगा।