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Auraiya News: गर्मी में भूमिगत जलाशय बुझाएंगे प्यास
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संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। अप्रैल माह की शुरुआत से ही गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। मई जून की गर्मी में शहर की जलापूर्ति किसी भी स्थिति में प्रभावित न हो इसे लेकर नगर पालिका परिषद की ओर से तैयारी शुरू कर दी गई है। इस कड़ी में शहर के चार भूमिगत जलाशयों (सीडब्ल्यूआर) को सक्रिय किया जा रहा है।
शहर की सवा लाख की आबादी को गर्मी के दिनों में जलापूर्ति प्रभावित होने की समस्या न जूझना पड़े इसे लेकर वर्षों से अमल नहीं आए भूमिगत जलाशयों पर नगर पालिका परिषद की नजर गई है। जिन्हें आपात स्थिति में प्रयोग में लाकर जलापूर्ति को सुचारू रखा जा सकेगा। बता दें कि शहर में 12 ओवरहैड टैंक व 28 नलकूपों की मदद से जलापूर्ति दी जाती है।
गर्मी के दिनों में बिजली के उतार-चढ़ाव व लोड के चलते मोटर फुंकने के मामले ज्यादा होते हैं। ऐसे में जलापूर्ति काफी हद तक प्रभावित होती है। जल संकट की स्थिति में लोगों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ता है। मदद के लिए सुरक्षित रखा जाने वाला भूमिगत जलाशयों के टैंक का पानी काफी कारगर होता है, लेकिन इन सीडब्ल्यूआर को वर्षों से प्रयोग में नहीं लाया जा रहा था। नगर पालिका परिषद की ओर से दो दिनों से इन टैंकों की जहां सफाई कराई गई। वहीं अब इनमें लगी मोटरों को भी ठीक कराया जा रहा है। चार टैंकों को सक्रिय करते हुए आपात स्थिति के लिए इन्हें प्रयोग में लाया जाएगा।
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इन नलकूपों पर हैं सीडबल्यूआर
नलकूप क्षमता
तिलकनगर 4800 केएल (किलो लीटर )
बनारसीदास 800 केएल
नरायनपुर 400 केएल
गोविंदनगर 600 केएल
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नलकूप की मोटर फुंकने पर टंकी को इन जलाशयों से भेजा जाएगा पानी
नलकूप की मोटर फुंक जाने पर जलापूर्ति एक दम से ठप हो जाती है। ऐसे में मोटर बदलने में एक से डेढ़ दिन का समय लग जाता। जलाशयों में आपात स्थिति के लिए भरा जाने वाली पानी मोटर से टंकी में भेजते हुए सप्लाई को एक से डेढ़ दिन तक किसी तरह से चलाया जा सकेगा। इस अवधि में नलकूप की खराबी को ठीक भी किया जा सकेगा। वर्षों पहले बने इन सीडब्ल्यूआर को इस गर्मी में तैयार रखा जाएगा।
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10 टैंकर व दो शीतल जल देने वाले मशीन से लैस टैंकर भी होंगे सहायक
गर्मी के मौसम में दोपहर के समय शहर की सड़कों पर ट्रैक्टर की मदद से दो शीतल जल वाले टैंकर घूमेंगे। सड़क पर आवागमन करते राहगीरों के लिए ये टैंकर गला तर करने का काम करेंगे। इन टैंकरों में पानी को ठंडा करने वाली मशीनें भी लगीं है। वहीं 10 अन्य टैंकरों से मोहल्लों में आपात स्थिति होने पर जलापूर्ति भी दी जाएगी। इस व्यवस्था को लेकर टैंकरों की मरम्मत भी करा दी गई है।
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वर्जन
गर्मी के मौसम में जलापूर्ति प्रभावित होने पर सीडब्ल्यूआर को प्रयोग में लाने के लिए कवायद शुरू कराई गई है। शहर के चारों सीडब्ल्यूआर को चालू कराया जा रहा है। इनकी बंद पड़ी मोटरों को ठीक कराया जा रहा है। टैंकों की सफाई भी कराई गई है। इन जलाशयों से आपात स्थिति में जलापूर्ति को सुचारू रखा जा सके।
-अनूप गुप्ता, नगर पालिका अध्यक्ष
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औरैया। अप्रैल माह की शुरुआत से ही गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। मई जून की गर्मी में शहर की जलापूर्ति किसी भी स्थिति में प्रभावित न हो इसे लेकर नगर पालिका परिषद की ओर से तैयारी शुरू कर दी गई है। इस कड़ी में शहर के चार भूमिगत जलाशयों (सीडब्ल्यूआर) को सक्रिय किया जा रहा है।
शहर की सवा लाख की आबादी को गर्मी के दिनों में जलापूर्ति प्रभावित होने की समस्या न जूझना पड़े इसे लेकर वर्षों से अमल नहीं आए भूमिगत जलाशयों पर नगर पालिका परिषद की नजर गई है। जिन्हें आपात स्थिति में प्रयोग में लाकर जलापूर्ति को सुचारू रखा जा सकेगा। बता दें कि शहर में 12 ओवरहैड टैंक व 28 नलकूपों की मदद से जलापूर्ति दी जाती है।
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गर्मी के दिनों में बिजली के उतार-चढ़ाव व लोड के चलते मोटर फुंकने के मामले ज्यादा होते हैं। ऐसे में जलापूर्ति काफी हद तक प्रभावित होती है। जल संकट की स्थिति में लोगों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ता है। मदद के लिए सुरक्षित रखा जाने वाला भूमिगत जलाशयों के टैंक का पानी काफी कारगर होता है, लेकिन इन सीडब्ल्यूआर को वर्षों से प्रयोग में नहीं लाया जा रहा था। नगर पालिका परिषद की ओर से दो दिनों से इन टैंकों की जहां सफाई कराई गई। वहीं अब इनमें लगी मोटरों को भी ठीक कराया जा रहा है। चार टैंकों को सक्रिय करते हुए आपात स्थिति के लिए इन्हें प्रयोग में लाया जाएगा।
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इन नलकूपों पर हैं सीडबल्यूआर
नलकूप क्षमता
तिलकनगर 4800 केएल (किलो लीटर )
बनारसीदास 800 केएल
नरायनपुर 400 केएल
गोविंदनगर 600 केएल
नलकूप की मोटर फुंकने पर टंकी को इन जलाशयों से भेजा जाएगा पानी
नलकूप की मोटर फुंक जाने पर जलापूर्ति एक दम से ठप हो जाती है। ऐसे में मोटर बदलने में एक से डेढ़ दिन का समय लग जाता। जलाशयों में आपात स्थिति के लिए भरा जाने वाली पानी मोटर से टंकी में भेजते हुए सप्लाई को एक से डेढ़ दिन तक किसी तरह से चलाया जा सकेगा। इस अवधि में नलकूप की खराबी को ठीक भी किया जा सकेगा। वर्षों पहले बने इन सीडब्ल्यूआर को इस गर्मी में तैयार रखा जाएगा।
10 टैंकर व दो शीतल जल देने वाले मशीन से लैस टैंकर भी होंगे सहायक
गर्मी के मौसम में दोपहर के समय शहर की सड़कों पर ट्रैक्टर की मदद से दो शीतल जल वाले टैंकर घूमेंगे। सड़क पर आवागमन करते राहगीरों के लिए ये टैंकर गला तर करने का काम करेंगे। इन टैंकरों में पानी को ठंडा करने वाली मशीनें भी लगीं है। वहीं 10 अन्य टैंकरों से मोहल्लों में आपात स्थिति होने पर जलापूर्ति भी दी जाएगी। इस व्यवस्था को लेकर टैंकरों की मरम्मत भी करा दी गई है।
वर्जन
गर्मी के मौसम में जलापूर्ति प्रभावित होने पर सीडब्ल्यूआर को प्रयोग में लाने के लिए कवायद शुरू कराई गई है। शहर के चारों सीडब्ल्यूआर को चालू कराया जा रहा है। इनकी बंद पड़ी मोटरों को ठीक कराया जा रहा है। टैंकों की सफाई भी कराई गई है। इन जलाशयों से आपात स्थिति में जलापूर्ति को सुचारू रखा जा सके।
-अनूप गुप्ता, नगर पालिका अध्यक्ष