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मंडी की दुर्दशा से आढ़तिया परेशान

Fri, 12 Jun 2015 12:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, औरैया
ब्यूरो/अमर उजाला, औरैया Updated Fri, 12 Jun 2015 12:20 AM IST
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Troubled by the plight of Mandi agent
लंबे अर्से से दुर्दशा की शिकार कृषि उत्पादन समिति का कोई रहनुमा नजर नहीं आ रहा है। चारों तरफ गंदगी और कूड़े के ढेर से उठ रही सड़ांध आढ़तियों को बैचेन किए हुए है। हालत यह है कि बिजली की अघोषित कटौती से आढ़त पर बैठना मुश्किल हो गया है। इससे आढ़तियों में खासा आक्रोश है।
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शहर की गल्ला मंडी में राजस्व देने के बावजूद आढ़तियों को समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। हालत यह है कि मंडी की दुर्दशा सुधारने की मांग कर रहे आढ़तियों में आक्रोश है। समस्या दूर न होते देख, वह प्रदेश सरकार को खुलकर कोसने में लगे हुए हैं।
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गल्ला मंडी परिसर में लगे कूड़े के ढ़ेर- औरैया। मंडी शुल्क के माध्यम से प्रदेश को लाखों रुपये प्रतिमाह राजस्व देने के बावजूद गल्ला मंडी समस्याओं से जूझ रही है।
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मंडी परिसर सफाई कर्मचारी की लापरवाही के चलते जगह-जगह लगे कूड़े के ढे़र आढ़तियों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। हालत यह है कि बिजली न आने से आढ़त के अंदर तो बैठ पाना मुश्किल है।

अवरुद्ध नाली में भरी कीचड़- मंडी समिति से शासन को भेजे गए आठ करोड़ के प्रस्ताव पर अभी तक पूर्ण सहमति न मिलने से मंडी के विकास कार्य ठप पड़े हुए हैं। जर्जर सड़कें, टूटी नालियां व उनमें बजबजाता कीचड़ आढ़तियों को परेशान किए हुए है। बावजूद इसके मंडी प्रशासन कुछ भी कर पाने में अपने को असहाय महसूस कर रहा है।


 
जिले के प्रति प्रदेश सरकार की खराब मंशा का परिणाम मंडी के आढ़तियों को झेलना पड़ रहा है। मंडी के साथ सौतेले व्यवहार से यह साबित होता है कि सरकार औरैया मंडी को खत्म करने का मंसूबा रच रही है। अगर कहीं भी ऐसा हुआ तो जिले के आढ़ती आंदोलन को बाध्य होंगे।



प्रदेश सरकार को चाहिए कि अन्य जिलों की तरह औरैया गल्ला मंडी का भी विकास करने को बजट जारी कर आढ़तियों की समस्या को दूर करें।-जमाली सिंह महामंत्री


 


गल्ला मंडी को प्रदेश सरकार के नुमाइंदों द्वारा हाईटेक किए जाने का आश्वासन दिया था, लेकिन तीन साल बीतने के बाद भी गल्ला मंडी के विकास को तरजीह नहीं दी गई है। इससे आढ़ती निराश हैं।


सरकार को चाहिए कि वह अपनी कथनी और करनी में अंतर न करते हुए सदर मंडी समिति को हाईटेक किए जाने को बजट जारी करे।- ब्रजेंद्र गुप्ता जिलाध्यक्ष
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