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यात्रियों की जान से खिलवाड़ कर रहा परिवहन निगम
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उखड़ कर नीचे गिरी सीट। संवाद
- फोटो : AURAIYA
औरैया। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम से संचालित बसों में सफर करने का मतलब सीधे तौर पर जोखिम उठाना है। यह अव्यवस्थाएं तब हैं, जब सरकार परिवहन निगम की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के दावे कर रही है। औरैया डिपो में वर्कशॉप होने के बाद डिपो की बसों में मरम्मत कार्य सही तरीके से नहीं किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम अपनी बसों में यात्रा सुगम नहीं बना पा रहा है। जबकि यात्रियों से किराया पूरा वसूला जा रहा हैं। एक रुपये भी कम होने पर यात्रियों को बस के चालक-परिचालक नीचे उतार देते हैं। औरैया डिपो की रोडवेज बसों में सफर करने वाले यात्रियों के बैठने के लिए सीट की व्यवस्था तो है, लेकिन उनमें से भी कुछ टूटी है या उनके कवर गायब हैं।
ज्वाइंट न होने के कारण कुछ सीटें तो चालक के ब्रेक मारने पर झूले की तरह हिल जाती हैं। बसों के शीशों को रस्सी या कपड़े की मदद से बांधकर काम चलाया जा रहा है। इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। खिड़कियों के शीशे टूटे हैं तो कुछ में हैं ही नहीं। इस कारण गर्मी के मौसम में गर्म हवा व लू के थपेड़ों से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों की समस्याओं से विभाग पर कोई असर नहीं पड़ता।
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शनिवार को रोडवेज की एक बस ब्रेक फेल होने पर ढाबे से टकरा गई थी, लेकिन बड़ा हादसा होने से टल गया। एआरएम, औरैया आरएस चौधरी ने बताया कि औरैया डिपो की सभी गाड़ियों में शीशे लगे हैं। सीटें जो उखड़ी हैं या उनमें कवर नहीं है। उन्हें सही कराया जाएगा। सभी बसें मरम्मत के बाद सड़क पर जाती है। जिस बस का ब्रेक का फेल हुआ था, उसकी जांच की जाएगी।
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उत्तर प्रदेश परिवहन निगम अपनी बसों में यात्रा सुगम नहीं बना पा रहा है। जबकि यात्रियों से किराया पूरा वसूला जा रहा हैं। एक रुपये भी कम होने पर यात्रियों को बस के चालक-परिचालक नीचे उतार देते हैं। औरैया डिपो की रोडवेज बसों में सफर करने वाले यात्रियों के बैठने के लिए सीट की व्यवस्था तो है, लेकिन उनमें से भी कुछ टूटी है या उनके कवर गायब हैं।
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ज्वाइंट न होने के कारण कुछ सीटें तो चालक के ब्रेक मारने पर झूले की तरह हिल जाती हैं। बसों के शीशों को रस्सी या कपड़े की मदद से बांधकर काम चलाया जा रहा है। इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। खिड़कियों के शीशे टूटे हैं तो कुछ में हैं ही नहीं। इस कारण गर्मी के मौसम में गर्म हवा व लू के थपेड़ों से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों की समस्याओं से विभाग पर कोई असर नहीं पड़ता।
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शनिवार को रोडवेज की एक बस ब्रेक फेल होने पर ढाबे से टकरा गई थी, लेकिन बड़ा हादसा होने से टल गया। एआरएम, औरैया आरएस चौधरी ने बताया कि औरैया डिपो की सभी गाड़ियों में शीशे लगे हैं। सीटें जो उखड़ी हैं या उनमें कवर नहीं है। उन्हें सही कराया जाएगा। सभी बसें मरम्मत के बाद सड़क पर जाती है। जिस बस का ब्रेक का फेल हुआ था, उसकी जांच की जाएगी।

रस्सी बंधे हुए रोडवेज बस के शीशे। संवाद- फोटो : AURAIYA

रोडवेज बस की खस्ताहाल सीट व उखड़ा कवर। संवाद- फोटो : AURAIYA