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Auraiya News: 2014 तक बीमा पॉलिसी की जमा किस्त के चार करोड़ से अधिक रुपयों का पता नहीं

Wed, 20 Mar 2024 12:28 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 20 Mar 2024 12:28 AM IST
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Till 2014, more than four crore rupees of deposited insurance policy premium remains unaccounted for
संवाद न्यूज एजेंसी
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औरैया। जिले में 2011 से 2014 के मध्य बीमा पॉलिसी का लाभ दिए जाने के नाम पर शिक्षकों के खातों से काटी गई किस्त का आज तक कोई अता-पता नहीं है। शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों की माने तो उनकी ओर से भी इस योजना का लाभ पाने के लिए लगभग एक हजार शिक्षकों के खातों से काटी गई किस्त को वापस नहीं किया गया।
इसके लिए कई बार आंदोलन किए गए, लेकिन आज तक इसमें कोई सुनवाई नहीं हुई है। ऐसे में बीमा पॉलिसी की किस्त के नाम पर काटे गए शिक्षकों के करोड़ों रुपये का दूर-दूर तक कोई लेखा-जोखा भी मिलता नजर नहीं आ रहा है।
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शासन की ओर से शिक्षकों को बीमा का लाभ दिलाने के लिए एक लाख रुपये की सामूहिक बीमा पॉलिसी लागू की गई थी। इस बीमा पॉलिसी के तहत वर्ष 2014 तक शिक्षकों के खातों से प्रति शिक्षक प्रति माह 87 रुपये की खाते से किस्त के नाम पर कटौती की जाती थी। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अखिलेश चतुर्वेदी ने बताया कि वर्ष 2011 से 2014 तक जिले में लगभग एक हजार शिक्षक के खातों से सामूहिक बीमा पॉलिसी के लिए 87 रुपये प्रति शिक्षक प्रति माह की कटौती की जाती थी।
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2014 में अचानक से यह पॉलिसी बंद कर दी गई। इस बीच शिक्षकों से किस्त के रूप में चार करोड़ 17 लाख से अधिक की धनराशि की कटौती की जा चुकी थी। शिक्षक नेता ने इस बात पर ताज्जुब जताते हुए कहा कि इस बीच शिक्षकों के खातों से किस्त के रूप में चार साल तक काटी गई लगभग चार करोड़ से भी अधिक की धनराशि का क्या हुआ। इसका किसी के पास कोई जवाब नहीं है।
वहीं राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के मंडलीय संगठन मंत्री श्रीओम चतुर्वेदी का भी कहना है कि इतनी बड़ी धनराशि को लेकर कई बार विभिन्न शैक्षिक संगठनों की ओर से प्रदेश स्तर पर आंदोलन चलाकर बीमा पॉलिसी के रूप में काटी गई किस्त की धनराशि वापस कराए जाने की मांग की जा चुकी है, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई काम नहीं हुआ है। शिक्षक पदाधिकारियों का कहना है कि पूर्व में जो सामूहिक बीमा पॉलिसी थी।

इसमें जमा किस्त के बाद सेवानिवृत्त पर उक्त बीमा की धनराशि का लाभ दिया जाएगा। जबकि अब जो पांच लाख रुपये की बीमा पॉलिसी की बात कही जा रही है। यह केवल दुर्घटना होने पर ही संबंधित शिक्षक के परिवार को लाभ मिलेगा। उनका कहना है कि यह पॉलिसी किसी भी सूरत में शिक्षकों के हित में नहीं है। शिक्षक नेताओं ने पूर्व की पॉलिसी की जमा कराई गई किस्त की धनराशि को वापस दिलाए जाने की मांग की है।
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