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Auraiya News: अस्पताल में ड्यूटी कर रहे चिकित्सक से मारपीट पर तीन साल की कैद
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औरैया। विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति एवं जनजाति निवारण अधिनियम अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने नौ वर्ष पूर्व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दिबियापुर में सेवारत चिकित्साधिकारी के साथ मारपीट कर सरकारी कार्य में बाधा डाली थी। मामले में आरोपी को तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
मामले की अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे एडीजीसी चंद्रभूषण तिवारी ने बताया कि वादी डॉ.अशोक कुमार चिकित्साधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दिबियापुर ने दिबियापुर थाना में रिपोर्ट लिखाई। इसमें बताया कि वह 29 मई 2015 की सुबह 10:35 बजे अस्पताल में ड्यूटी कर रहा था। तभी आरोपी गोपाल पोरवाल ने उसके साथ जाति सूचक गालियां देते हुए मारपीट की व जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस ने मामले की विवेचना कर चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत की। यह मुकदमा विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट के समक्ष चला। जहां बुधवार को इसका निर्णय सुनाया गया। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद कोर्ट ने एससीएसटी एक्ट के आरोप से आरोपी को दोष मुक्त कर दिया, लेकिन उसे सरकारी कार्य में बाधा डालने व मारपीट व धमकी का दोषी माना। तथा अपर जिला जज अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने दोषी गोपाल पोरवाल को तीन साल के कठोर कारावास व आठ हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। आरोपी ने अर्थदंड अदा कर व जमानतें दाखिल कर दीं। इससे उसे रिहा कर दिया गया।
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मामले की अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे एडीजीसी चंद्रभूषण तिवारी ने बताया कि वादी डॉ.अशोक कुमार चिकित्साधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दिबियापुर ने दिबियापुर थाना में रिपोर्ट लिखाई। इसमें बताया कि वह 29 मई 2015 की सुबह 10:35 बजे अस्पताल में ड्यूटी कर रहा था। तभी आरोपी गोपाल पोरवाल ने उसके साथ जाति सूचक गालियां देते हुए मारपीट की व जान से मारने की धमकी दी।
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पुलिस ने मामले की विवेचना कर चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत की। यह मुकदमा विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट के समक्ष चला। जहां बुधवार को इसका निर्णय सुनाया गया। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद कोर्ट ने एससीएसटी एक्ट के आरोप से आरोपी को दोष मुक्त कर दिया, लेकिन उसे सरकारी कार्य में बाधा डालने व मारपीट व धमकी का दोषी माना। तथा अपर जिला जज अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने दोषी गोपाल पोरवाल को तीन साल के कठोर कारावास व आठ हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। आरोपी ने अर्थदंड अदा कर व जमानतें दाखिल कर दीं। इससे उसे रिहा कर दिया गया।
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