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Auraiya News: सस्ती होने का झांसा देकर चला रहे थे नकली खाद का कारोबार
Fri, 05 Sep 2025 11:54 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Fri, 05 Sep 2025 11:54 PM IST
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औरैया। शहर के जालौन रोड किनारे एक मकान में पिछले दिनों पुलिस ने छापा डाला था। इसमें नकली खाद बनाने वाले कारोबारियों का भंडाफोड़ हुआ था।
मामले में गिरफ्तार पांच आरोपियों को जेल भेजा गया था। उनकी पूछताछ में पता चला है कि वह सस्ती होने का झांसा देकर नकली खाद का कारोबार बढ़ा रहे थे। 15 सितंबर से शुरू होने जा रही आलू व सरसों की बोआई के लिए नकली खाद का जखीरा तैयार कर रहे थे।
जालौन रोड किनारे पिछले दिनों एक मकान से एक हजार बोरी नकली डीएपी खाद पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने बरामद की थी। कृषि विभाग ने नकली खाद के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।
वहीं, पकड़े गए पांचों आरोपियों से की गई पूछताछ में नकली खाद को सस्ते में बेचने की बात सामने आई थी। वहीं इसे बरेली से मुहैया कराने वाले मुख्य सरगना की बात भी सामने आई थी।
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विभागीय सूत्रों की माने तो आरोपी को नकली डीएपी खाद काफी कम कीमत पर मुहैया कराई जा रही थी। प्रति बोरी एक हजार रुपये में बिक्री करने की प्लानिंग थी। जबकि असली डीएपी की एक बोरी 1350 रुपये में बाजार में उपलब्ध है। कम कीमत के झांसे में किसान से लेकर दुकानदार इसे ले रहे थे।
सदर कोतवाल राजकुमार सिंह ने बताया कि पूरे मामले की जांच चल रही है। नकली खाद से जुड़े प्रत्येक आरोपी की धरपकड़ की जाएगी। वहीं, मुख्य सरगना की तलाश में दबिश दी जा रही।
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मामले में गिरफ्तार पांच आरोपियों को जेल भेजा गया था। उनकी पूछताछ में पता चला है कि वह सस्ती होने का झांसा देकर नकली खाद का कारोबार बढ़ा रहे थे। 15 सितंबर से शुरू होने जा रही आलू व सरसों की बोआई के लिए नकली खाद का जखीरा तैयार कर रहे थे।
जालौन रोड किनारे पिछले दिनों एक मकान से एक हजार बोरी नकली डीएपी खाद पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने बरामद की थी। कृषि विभाग ने नकली खाद के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।
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वहीं, पकड़े गए पांचों आरोपियों से की गई पूछताछ में नकली खाद को सस्ते में बेचने की बात सामने आई थी। वहीं इसे बरेली से मुहैया कराने वाले मुख्य सरगना की बात भी सामने आई थी।
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विभागीय सूत्रों की माने तो आरोपी को नकली डीएपी खाद काफी कम कीमत पर मुहैया कराई जा रही थी। प्रति बोरी एक हजार रुपये में बिक्री करने की प्लानिंग थी। जबकि असली डीएपी की एक बोरी 1350 रुपये में बाजार में उपलब्ध है। कम कीमत के झांसे में किसान से लेकर दुकानदार इसे ले रहे थे।
सदर कोतवाल राजकुमार सिंह ने बताया कि पूरे मामले की जांच चल रही है। नकली खाद से जुड़े प्रत्येक आरोपी की धरपकड़ की जाएगी। वहीं, मुख्य सरगना की तलाश में दबिश दी जा रही।