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Auraiya News: घर के बाहर शव को दफनाने की बात कहने पर हंगामा
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फोटो-21-घटनास्थल पर मौजूद पुलिस फोर्स। संवाद
अछल्दा। थानाक्षेत्र के गांव बैसोली में बृहस्पतिवार को एक महिला घर के बाहर बेटे के शव को दफनाने की बात कहने लगी। इस पर ग्रामीणों ने विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस व तहसील प्रशासन ने महिला को समझाया। बाद में शव का खेत में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
गांव बैसोली निवासी जबर सिंह (30) एक मई को मजदूरी के लिए चेन्नई गया था। परिजन के अनुसार लाैटते समय 13 मई को कानपुर के पनकी धाम रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन हादसे में उनकी मौत हो गई थी। बृहस्पतिवार को युवक का शव गांव पहुंचा। जबर सिंह अपनी मां का इकलौता सहारा था। पिता की मौत के बाद वही वृद्ध मां सत्यवती की देखरेख कर रहा था। शव घर पहुंचते ही दुखी मां ने बेटे के शव को घर के बाहर ही गड्ढा खोदकर दफनाने की बात कही। इस पर ग्रामीणों ने आपत्ति जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
विवाद बढ़ता देख ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। नायब तहसीलदार हरि किशोर प्रभारी थानाध्यक्ष सुरेश चंद्र, उपनिरीक्षक किशनवीर के साथ मौके पर पहुंचे। अफसरों ने महिला को घंटों तक समझाया। काफी मान-मनौव्वल के बाद मां खेतों पर अंतिम संस्कार के लिए राजी हुई। ग्रामीणों के अनुसार जबर सिंह शादीशुदा था। करीब पांच साल पहले उसकी पत्नी बच्चों के साथ घर छोड़कर चली गई थी। इकलौते बेटे की मौत के बाद मां के सिर से बुढ़ापे की लाठी भी छिन गई है। थानाध्यक्ष सुरेश चंद्र ने बताया कि महिला को समझाने के बाद खेत में अंतिम संस्कार करा दिया गया है।
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गांव बैसोली निवासी जबर सिंह (30) एक मई को मजदूरी के लिए चेन्नई गया था। परिजन के अनुसार लाैटते समय 13 मई को कानपुर के पनकी धाम रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन हादसे में उनकी मौत हो गई थी। बृहस्पतिवार को युवक का शव गांव पहुंचा। जबर सिंह अपनी मां का इकलौता सहारा था। पिता की मौत के बाद वही वृद्ध मां सत्यवती की देखरेख कर रहा था। शव घर पहुंचते ही दुखी मां ने बेटे के शव को घर के बाहर ही गड्ढा खोदकर दफनाने की बात कही। इस पर ग्रामीणों ने आपत्ति जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
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विवाद बढ़ता देख ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। नायब तहसीलदार हरि किशोर प्रभारी थानाध्यक्ष सुरेश चंद्र, उपनिरीक्षक किशनवीर के साथ मौके पर पहुंचे। अफसरों ने महिला को घंटों तक समझाया। काफी मान-मनौव्वल के बाद मां खेतों पर अंतिम संस्कार के लिए राजी हुई। ग्रामीणों के अनुसार जबर सिंह शादीशुदा था। करीब पांच साल पहले उसकी पत्नी बच्चों के साथ घर छोड़कर चली गई थी। इकलौते बेटे की मौत के बाद मां के सिर से बुढ़ापे की लाठी भी छिन गई है। थानाध्यक्ष सुरेश चंद्र ने बताया कि महिला को समझाने के बाद खेत में अंतिम संस्कार करा दिया गया है।
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