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Auraiya News: समिति में 1500 किसान सदस्य, 400 को भी नहीं मिली खाद
Fri, 10 Oct 2025 11:03 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Fri, 10 Oct 2025 11:03 PM IST
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फोटो-10एयूआरपी10- सहकारी समिति बेहारी पर खड़े किसान। संवाद
फफूंद। क्षेत्र में रबी की बुवाई के समय डीएपी खाद की किल्लत से किसान परेशान हैं। बहुउद्देशीय सहकारी समिति नियामतपुर बेहारी पर चार दिनों से डीएपी की एक भी बोरी नहीं है। हैरानी की बात ये है कि इस समिति में करीब 1500 किसान सदस्य हैं लेकिन 400 किसानों को भी अभी तक खाद नहीं मिल सकी है।
शुक्रवार को समिति पर खाद लेने आए किसान करन सिंह, हरीशंकर, परमेश्वर दीन, समृद्ध सिंह, रामसिंह, संतोष बाबू, विजय कुमार, रामचंद्र, शिवकुमार व सुरेशचंद्र ने बताया कि चार दिन से चक्कर लगा रहे हैं। समिति पर डीएपी न मिलने से आलू और सरसों की बुवाई में बुरी तरह पिछड़ गए हैं। समय पर खाद न मिलने से फसल की पैदावार प्रभावित होगी। इससे उन लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। किसानों ने बताया कि बनारपुर, कनौती, दूल्हाराय का पुरवा, कोठीपुर व बले का पुरवा समेत करीब बीस गांवों के किसान सैकड़ों हेक्टेयर जमीन पर आलू और सरसों की फसल करते हैं।
इन गांवों के किसान प्रतिदिन समिति के बाहर लाइन लगाते हैं लेकिन उन्हें निराशा ही मिल रही है। खाद की कमी के कारण खुले बाजार में कालाबाजारी होने के आसार बन रहे हैं। किसानों का कहना है कि अगर जल्द डीएपी उपलब्ध नहीं कराई गई तो रबी की फसलें चौपट हो सकती हैं। समिति के सचिव अरुण दुबे ने बताया कि पर्याप्त स्टॉक न मिलने के कारण वितरण प्रभावित हो रहा है। डिमांड लगी हुई है, उम्मीद है जल्द ही डीएपी उपलब्ध हो जाएगी।
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शुक्रवार को समिति पर खाद लेने आए किसान करन सिंह, हरीशंकर, परमेश्वर दीन, समृद्ध सिंह, रामसिंह, संतोष बाबू, विजय कुमार, रामचंद्र, शिवकुमार व सुरेशचंद्र ने बताया कि चार दिन से चक्कर लगा रहे हैं। समिति पर डीएपी न मिलने से आलू और सरसों की बुवाई में बुरी तरह पिछड़ गए हैं। समय पर खाद न मिलने से फसल की पैदावार प्रभावित होगी। इससे उन लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। किसानों ने बताया कि बनारपुर, कनौती, दूल्हाराय का पुरवा, कोठीपुर व बले का पुरवा समेत करीब बीस गांवों के किसान सैकड़ों हेक्टेयर जमीन पर आलू और सरसों की फसल करते हैं।
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इन गांवों के किसान प्रतिदिन समिति के बाहर लाइन लगाते हैं लेकिन उन्हें निराशा ही मिल रही है। खाद की कमी के कारण खुले बाजार में कालाबाजारी होने के आसार बन रहे हैं। किसानों का कहना है कि अगर जल्द डीएपी उपलब्ध नहीं कराई गई तो रबी की फसलें चौपट हो सकती हैं। समिति के सचिव अरुण दुबे ने बताया कि पर्याप्त स्टॉक न मिलने के कारण वितरण प्रभावित हो रहा है। डिमांड लगी हुई है, उम्मीद है जल्द ही डीएपी उपलब्ध हो जाएगी।
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