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Auraiya News: डेढ़ साल पुराना है लिफाफा रखने का वीडियो, साजिश की आशंका
Thu, 21 Aug 2025 12:05 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Thu, 21 Aug 2025 12:05 AM IST
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औरैया। सदर तहसील में एसडीएम के चैंबर की वायरल सीसीटीवी फुटेज डेढ़ साल पुरानी बताई जा रही है। फुटेज में एसडीएम की मेज की रैक में जो शख्स लिफाफा रखते दिख रहे हैं, वह मंडी सचिव बताए जा रहे हैं।
हालांकि वह अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इतने समय बाद वायरल फुटेज से साजिश की आशंका जताई जा रही है। इसमें कई कर्मचारी भी जांच के घेरे में आ सकते हैं।
मंगलवार को सदर तहसील के एसडीएम चैंबर के दो सीसीटीवी फुटेज वायरल हुए थे। फुटेज में एक शख्स एसडीएम की मेज की रैक में एक लिफाफा रखते दिख रहा है। दूसरे फुटेज में एसडीएम राकेश कुमार चैंबर में आते हैं और रैक में हाथ डालकर कुछ उठाते देखे जाते हैं।
इस फुटेज के वायरल होने के कुछ घंटे बाद मामले को संज्ञान में लेकर डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट अजय आनंद को सदर एसडीएम बना दिया। वहीं सदर एसडीएम राकेश कुमार को कलक्ट्रेट में डिप्टी मजिस्ट्रेट बना दिया गया। साथ ही मामले की जांच एडीएम को सौंपी दी गई।
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एडीएम वित्त एवं राजस्व अविनाश मौर्या ने बताया कि फुटेज डेढ़ साल पुरानी है। लिफाफा रखने वाले सेवानिवृत्त मंडी सचिव बताए जा रहे हैं। मामले की जांच की जा रही है। फुटेज की जांच में कई और भी मामले सामने आ सकते हैं।
कार्यालय की फुटेज खड़े कर रही सवाल
विभागीय जानकारों की माने तो सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की मॉनीटरिंग एसडीएम के खासमखास के हाथों में रहती है। वही समय समय पर मॉनीटरिंग करते हैं। देखरेख का जिम्मा भी उन्हीं के सुपुर्द रहता है। विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि ऐसे में कार्यालय की सीसीटीवी फुटेज वायरल हो जाना कई सवाल खड़े कर रहा है। इस फुटेज को वायरल करने के पीछे किसका हाथ है। यह अफसर को हटाने की साजिश तो नहीं है। ऐसे सभी बिंदुआें पर जांच चल रही है।
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हालांकि वह अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इतने समय बाद वायरल फुटेज से साजिश की आशंका जताई जा रही है। इसमें कई कर्मचारी भी जांच के घेरे में आ सकते हैं।
मंगलवार को सदर तहसील के एसडीएम चैंबर के दो सीसीटीवी फुटेज वायरल हुए थे। फुटेज में एक शख्स एसडीएम की मेज की रैक में एक लिफाफा रखते दिख रहा है। दूसरे फुटेज में एसडीएम राकेश कुमार चैंबर में आते हैं और रैक में हाथ डालकर कुछ उठाते देखे जाते हैं।
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इस फुटेज के वायरल होने के कुछ घंटे बाद मामले को संज्ञान में लेकर डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट अजय आनंद को सदर एसडीएम बना दिया। वहीं सदर एसडीएम राकेश कुमार को कलक्ट्रेट में डिप्टी मजिस्ट्रेट बना दिया गया। साथ ही मामले की जांच एडीएम को सौंपी दी गई।
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एडीएम वित्त एवं राजस्व अविनाश मौर्या ने बताया कि फुटेज डेढ़ साल पुरानी है। लिफाफा रखने वाले सेवानिवृत्त मंडी सचिव बताए जा रहे हैं। मामले की जांच की जा रही है। फुटेज की जांच में कई और भी मामले सामने आ सकते हैं।
कार्यालय की फुटेज खड़े कर रही सवाल
विभागीय जानकारों की माने तो सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की मॉनीटरिंग एसडीएम के खासमखास के हाथों में रहती है। वही समय समय पर मॉनीटरिंग करते हैं। देखरेख का जिम्मा भी उन्हीं के सुपुर्द रहता है। विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि ऐसे में कार्यालय की सीसीटीवी फुटेज वायरल हो जाना कई सवाल खड़े कर रहा है। इस फुटेज को वायरल करने के पीछे किसका हाथ है। यह अफसर को हटाने की साजिश तो नहीं है। ऐसे सभी बिंदुआें पर जांच चल रही है।