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Auraiya News: आठ बहनों के दुलारे थे दोनों भाई, छिना माता-पिता का सहारा
Sun, 10 May 2026 12:14 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sun, 10 May 2026 12:14 AM IST
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फोटो-23-हादसे के बाद घर के बाहर मौजूद बहनें। संवाद
औरैया। वाहन की टक्कर से जान गंवाने वाले सगे भाई अयाना थाना क्षेत्र के गांव भौतापुर निवासी अभिषेक (23) और विकास (15) के घर में मातम छाया है।
आठ बहनों के दुलारे दोनों भाई उनसे दूर हो गए। वहीं पिता सतीश बाबू और उनकी पत्नी का सहारा छिन गया। वहीं, जांच में सामने आया है कि दोनों हेलमेट नहीं लगाए थे।
उनके घर के जिस आंगन में भाई-बहनों की हंसी गूंजती थी, वहां अब सिर्फ चीखें सुनाई दे रहीं हैं। भाइयों के शव देख बहनें चीखती रहीं कि अब वह राखी किसे बांधेंगी। हादसे के बाद पिता सतीश बाबू और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अभिषेक सबसे बड़ा था, उस पर पूरे घर की उम्मीदें टिकी थीं। वहीं विकास चौथे नंबर का था।
बड़ी बहन रिंकी और अंजू की शादी हो चुकी थी लेकिन छह छोटी बहनें राधिका (13), नैंसी (10), सौम्या (7), तान्या (5) और तीन साल की जुड़वा बहनें अंशिका व वंशिका अभी भी अपने भाइयों के साथ रहती थीं।
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सबसे छोटी बहनों को तो यह अंदाजा भी नहीं है कि उनके सिर से भाइयों का हाथ उठ चुका है। वे बस घर में मची चीख-पुकार को देखकर डरी-सहमी हैं और अपनी बहनों को बिलखता देख रो रही हैं। पूरे दिन घर में कोहराम मचा रहा। सतीश बाबू और मां नीतू रह-रहकर बदहवास होते रहे।
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खुशियां बांटने निकले बेटे दे गए जिंदगी भर का गम
अयाना। दोस्त की बहन की शादी में शामिल होने जा रहे सगे भाइयों की हादसे में मौत के बाद परिजन रो-रोकर बेहाल हैं। दोनों बेटों के एक साथ खोने पर उनकी मां बार-बार बिलखती हुई कह रही थीं कि बेटे घर से खुशियां बांटने के लिए निकले थे लेकिन परिवार को जिंदगी भर का गम देकर चले गए।
बेटों के बिना अब वह कैसे जिएंगी। अभिषेक व उसके छोटे भाई विकास की मौत की खबर गांव पहुंचते ही परिजन बदहवास हो गए। वहीं उसकी मां नीतू भी बेसुध रही। बताया कि बेटा अभिषेक अपने दोस्त आदि की बहन की शादी के कामों में हाथ बंटवाने के लिए दोपहर को ही घर से चला गया था। शाम को छोटे बेटे विकास ने भी शादी में जाने की कही थी। इस पर अभिषेक उसे रात 11 बजे घर लेने आया था। उन्हें नहीं पता था कि घर से खुशियां बांटने के लिए निकले बेटे उन्हें जिंदगी भर का गम दे जाएंगे। (संवाद)
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बेटे को गोद में लेकर बिलखती रही पत्नी, विदाई के बाद आने को कह गए थे
पति अभिषेक की मौत के बाद उसकी पत्नी सोनी अपने मासूम बच्चे अंश को गोद में लेकर बिलखती रही। पिता सतीश बाबू ने बताया कि वह मजदूर हैं। अभिषेक गुजरात के राजकोट में दोस्त आदि के साथ रहकर आर्टिफिशियल आभूषण तैयार करने वाली फैक्टरी में काम करता था, जबकि छोटा बेटा विकास पढ़ाई के साथ उसके संग मजदूरी करता था।
बेटे, विदाई के बाद घर आने की बात कहकर निकले थे। इस पर उन्होंने ने भी बेटों ने संपर्क करने का प्रयास नहीं किया। सुबह पुलिस ने उन्हें बेटों के साथ हादसा होने की जानकारी दी। दोनों बेटों की एक साथ मौत हो जाने से पूरा परिवार बिखर गया। अब वह अकेले कैसे परिवार का भरण पोषण करेगा।
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विकास ने इसी वर्ष पास की थी हाईस्कूल की परीक्षा
पिता सतीश बाबू ने बताया कि छोटे बेटे विकास ने इसी साल हाईस्कूल की परीक्षा पास की थी। वह जिला पंचायत इंटर कॉलेज मुरादगंज में पढ़ता था। पिता के अनुसार उसका पढ़ने में भी खूब मन लगता था लेकिन किसे पता था कि हाईस्कूल की परीक्षा उसकी आखिरी परीक्षा साबित होगी।
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आठ बहनों के दुलारे दोनों भाई उनसे दूर हो गए। वहीं पिता सतीश बाबू और उनकी पत्नी का सहारा छिन गया। वहीं, जांच में सामने आया है कि दोनों हेलमेट नहीं लगाए थे।
उनके घर के जिस आंगन में भाई-बहनों की हंसी गूंजती थी, वहां अब सिर्फ चीखें सुनाई दे रहीं हैं। भाइयों के शव देख बहनें चीखती रहीं कि अब वह राखी किसे बांधेंगी। हादसे के बाद पिता सतीश बाबू और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अभिषेक सबसे बड़ा था, उस पर पूरे घर की उम्मीदें टिकी थीं। वहीं विकास चौथे नंबर का था।
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बड़ी बहन रिंकी और अंजू की शादी हो चुकी थी लेकिन छह छोटी बहनें राधिका (13), नैंसी (10), सौम्या (7), तान्या (5) और तीन साल की जुड़वा बहनें अंशिका व वंशिका अभी भी अपने भाइयों के साथ रहती थीं।
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सबसे छोटी बहनों को तो यह अंदाजा भी नहीं है कि उनके सिर से भाइयों का हाथ उठ चुका है। वे बस घर में मची चीख-पुकार को देखकर डरी-सहमी हैं और अपनी बहनों को बिलखता देख रो रही हैं। पूरे दिन घर में कोहराम मचा रहा। सतीश बाबू और मां नीतू रह-रहकर बदहवास होते रहे।
खुशियां बांटने निकले बेटे दे गए जिंदगी भर का गम
अयाना। दोस्त की बहन की शादी में शामिल होने जा रहे सगे भाइयों की हादसे में मौत के बाद परिजन रो-रोकर बेहाल हैं। दोनों बेटों के एक साथ खोने पर उनकी मां बार-बार बिलखती हुई कह रही थीं कि बेटे घर से खुशियां बांटने के लिए निकले थे लेकिन परिवार को जिंदगी भर का गम देकर चले गए।
बेटों के बिना अब वह कैसे जिएंगी। अभिषेक व उसके छोटे भाई विकास की मौत की खबर गांव पहुंचते ही परिजन बदहवास हो गए। वहीं उसकी मां नीतू भी बेसुध रही। बताया कि बेटा अभिषेक अपने दोस्त आदि की बहन की शादी के कामों में हाथ बंटवाने के लिए दोपहर को ही घर से चला गया था। शाम को छोटे बेटे विकास ने भी शादी में जाने की कही थी। इस पर अभिषेक उसे रात 11 बजे घर लेने आया था। उन्हें नहीं पता था कि घर से खुशियां बांटने के लिए निकले बेटे उन्हें जिंदगी भर का गम दे जाएंगे। (संवाद)
बेटे को गोद में लेकर बिलखती रही पत्नी, विदाई के बाद आने को कह गए थे
पति अभिषेक की मौत के बाद उसकी पत्नी सोनी अपने मासूम बच्चे अंश को गोद में लेकर बिलखती रही। पिता सतीश बाबू ने बताया कि वह मजदूर हैं। अभिषेक गुजरात के राजकोट में दोस्त आदि के साथ रहकर आर्टिफिशियल आभूषण तैयार करने वाली फैक्टरी में काम करता था, जबकि छोटा बेटा विकास पढ़ाई के साथ उसके संग मजदूरी करता था।
बेटे, विदाई के बाद घर आने की बात कहकर निकले थे। इस पर उन्होंने ने भी बेटों ने संपर्क करने का प्रयास नहीं किया। सुबह पुलिस ने उन्हें बेटों के साथ हादसा होने की जानकारी दी। दोनों बेटों की एक साथ मौत हो जाने से पूरा परिवार बिखर गया। अब वह अकेले कैसे परिवार का भरण पोषण करेगा।
विकास ने इसी वर्ष पास की थी हाईस्कूल की परीक्षा
पिता सतीश बाबू ने बताया कि छोटे बेटे विकास ने इसी साल हाईस्कूल की परीक्षा पास की थी। वह जिला पंचायत इंटर कॉलेज मुरादगंज में पढ़ता था। पिता के अनुसार उसका पढ़ने में भी खूब मन लगता था लेकिन किसे पता था कि हाईस्कूल की परीक्षा उसकी आखिरी परीक्षा साबित होगी।

फोटो-23-हादसे के बाद घर के बाहर मौजूद बहनें। संवाद