{"_id":"66537ba8d2701e2876100004","slug":"the-scorching-sun-is-hitting-the-skin-auraiya-news-c-211-1-aur1002-112602-2024-05-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: तेज धूप का वार कर रहा त्वचा पर प्रहार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: तेज धूप का वार कर रहा त्वचा पर प्रहार
विज्ञापन
बेला। तेज धूप लोगों की त्वचा को नुकसान पहुंचा रही है। तेज धूप से ऊपरी परत जल रही है, इससे जलन, खुजली से बुरा हाल है। सफेद, लाल चकत्ते के साथ लोगों को सोरायसिस की भी परेशानी हो रही है। इसके साथ ही लोग लू लगने, बुखार व पेट संबंधी बीमारियों की चपेट में भी आ रहे है।
जिले की सीएचसी, पीएचसी से लेकर जिला अस्पतालों में इन दिनों काफी संख्या में मरीज त्वचा रोग से संबंधित पहुंच रहे हैं। महिलाओं में त्वचा से संबंधित समस्या अधिक आ रही है। इसमें सबसे ज्यादा सन बर्न के रहते हैं। शरीर का खुले हुए हिस्से जैसे हाथ, गर्दन, चेहरे पर सबसे ज्यादा परेशानी देखी जा रही है। इनमें धूप में काम करने वालों और महिलाओं की संख्या अधिक है।
कई मरीजों के शरीर पर लाल-सफेद चकत्ते भी देखे जा रहे हैं। पानी की कमी के कारण त्वचा शुष्क हो रही है। चर्म रोग विशेषज्ञ व सीएमओ डॉ. सुनील कुमार वर्मा ने बताया मरीजों के बगल और जांघ के आसपास फंगल इंफेक्शन भी हो रहा है। सोरायसिस की परेशानी भी हो रही है। ओपीडी में गर्मी से बेचैनी बढ़ने, बुखार, इंफेक्शन से पेट संबंधी रोग, लू लगने आदि के मरीज ज्यादा आ रहे हैं।
विज्ञापन
गर्मी के मौसम में बिना बचाव के बाहर निकलने और खान-पान में लापरवाही लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है। लोगों को जरूरत पड़ने पर ही धूप में निकलना चाहिए। इस दौरान सिर व चेहरे को गमछे से ढक कर चलें। साथ ही धूप से वापस आने के तुरंत बाद ठंडी चीजों का सेवन न करें। तली, चिकने खानपान से परहेज करना चाहिए।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- --
ये बरतें सावधानियां
- पानी की कमी न होने दें, पांच से आठ लीटर पानी पीएं।
- बाहर जाते वक्त चेहरा ढककर रखें, आंखों पर चश्मा लगाएं।
- संतरा, तरबूज, खरबूज, ककड़ी, खीरा खूब खाएं।
- ग्लूकोज डालकर पानी पीएं या फिर नमक-चीनी डाल सकते हैं।
- सूती कपड़े और ढीले कपड़े पहनें
- फील्ड वर्क करने वाले सुबह-शाम अच्छी तरह से नहाएं।
- धूप में खाली पेट बाहर न जाएं।
- हल्का भोजन करें। भोजन में दही को शामिल करना चाहिए।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- --
विज्ञापन
जिले की सीएचसी, पीएचसी से लेकर जिला अस्पतालों में इन दिनों काफी संख्या में मरीज त्वचा रोग से संबंधित पहुंच रहे हैं। महिलाओं में त्वचा से संबंधित समस्या अधिक आ रही है। इसमें सबसे ज्यादा सन बर्न के रहते हैं। शरीर का खुले हुए हिस्से जैसे हाथ, गर्दन, चेहरे पर सबसे ज्यादा परेशानी देखी जा रही है। इनमें धूप में काम करने वालों और महिलाओं की संख्या अधिक है।
विज्ञापन
कई मरीजों के शरीर पर लाल-सफेद चकत्ते भी देखे जा रहे हैं। पानी की कमी के कारण त्वचा शुष्क हो रही है। चर्म रोग विशेषज्ञ व सीएमओ डॉ. सुनील कुमार वर्मा ने बताया मरीजों के बगल और जांघ के आसपास फंगल इंफेक्शन भी हो रहा है। सोरायसिस की परेशानी भी हो रही है। ओपीडी में गर्मी से बेचैनी बढ़ने, बुखार, इंफेक्शन से पेट संबंधी रोग, लू लगने आदि के मरीज ज्यादा आ रहे हैं।
विज्ञापन
गर्मी के मौसम में बिना बचाव के बाहर निकलने और खान-पान में लापरवाही लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है। लोगों को जरूरत पड़ने पर ही धूप में निकलना चाहिए। इस दौरान सिर व चेहरे को गमछे से ढक कर चलें। साथ ही धूप से वापस आने के तुरंत बाद ठंडी चीजों का सेवन न करें। तली, चिकने खानपान से परहेज करना चाहिए।
ये बरतें सावधानियां
- पानी की कमी न होने दें, पांच से आठ लीटर पानी पीएं।
- बाहर जाते वक्त चेहरा ढककर रखें, आंखों पर चश्मा लगाएं।
- संतरा, तरबूज, खरबूज, ककड़ी, खीरा खूब खाएं।
- ग्लूकोज डालकर पानी पीएं या फिर नमक-चीनी डाल सकते हैं।
- सूती कपड़े और ढीले कपड़े पहनें
- फील्ड वर्क करने वाले सुबह-शाम अच्छी तरह से नहाएं।
- धूप में खाली पेट बाहर न जाएं।
- हल्का भोजन करें। भोजन में दही को शामिल करना चाहिए।