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Auraiya News: बयान दर्ज किए जाने के बाद धरना समाप्त
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दिबियापुर। विद्युत वितरण खंड दिबियापुर में चार दिनों तक चला अधिकारियों कर्मचारियों का धरना समाप्त हो गया। रविवार को कोई भी अधिकारी कर्मचारी धरने पर नहीं बैठा। अधिकारियों का कहना है कि जांच टीम द्वारा जांच किए जाने के बाद अब उच्चाधिकारियों के निर्णय का इंतजार है।
विद्युत वितरण खंड की अधिशासी अभियंता नेहा सिंह पर शोषण का आरोप लगाकर सभी अधीनस्थ काफी मुखर थे। मंगलवार की शाम एमडी को पत्र लिखने के बाद बुधवार से सभी काम बंद कर धरने पर बैठ गए थे। शनिवार को निगम के प्रबंध निदेशक द्वारा गठित जांच टीम ने लगभग पांच घंटों तक रुककर जांच की। कर्मियों के अनुसार लगभग 25 सरकारी अधिकारी कर्मचारियों के अलग-अलग लिखित बयान दर्ज किए गए।
बताते हैं कि अधिकारियों कर्मचारियों ने अपने बयानों के साथ संबंधित साक्ष्य भी संलग्न किए। ऑडियो रिकार्डिंग की सीडी व कई शपथ पत्र भी दिए गए। जांच टीम ने इतने ही ठेके पर तैनात कर्मियों, उपभोक्ताओं से दिबियापुर खंड के बारे में जानकारी ली थी। इसके बाद देर शाम लगभग साढ़े छह बजे टीम दिबियापुर से रवाना हो गई थी।
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अधिकारियों व कर्मचारियों की माने तो यदि वह लोग जांच टीम के आने से पहले धरना समाप्त कर देते तो एक्सईएन द्वारा अधिकारियों कर्मचारियों को दबाव में लेकर जांच को प्रभावित किया जा सकता था। अब जब कि जांच टीम ने सभी अधिकारियों कर्मचारियों से लिखित बयान लेकर जांच पूरी कर ली है। इसलिए अब वह लोग धरना नहीं देंगे। बल्कि जांच रिपोर्ट के बाद अधिकारियों के निर्णय का इंतजार करेंगे।
इधर, सोमवार को जिलाधिकारी औरैया के भी जिले में आ जाने के बाद उन्होंने भी अपने स्तर पर रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजे जाने की उम्मीद जताई है। यहां बता दें कि मंगलवार से शनिवार के बीच कई बार वरिष्ठ अधिकारी धरना स्थल पर वार्ता के लिए पहुंचे थे, लेकिन कोई भी अधिकारी धरना समाप्त करने को राजी नहीं हुआ था। जांच होने के बाद धरना समाप्त होने से जिले के आला अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
बिजली कर्मियों पर एक्सईएन कार्यालय से आंबेडकर और महात्मा गांधी की फोटो हटाने का आरोप
दिबियापुर। अधिशासी अभियंता नेहा सिंह के सीयूजी मोबाइल नंबर से विद्युत विभाग मीडिया व्हाट्स एप ग्रुप पर एक पत्र साझा किया गया। इसमें धरना प्रदर्शन कर रहे बिजली कर्मियों पर अधिशासी अभियंता कक्ष में घुसकर संविधान निर्माता डाॅ. भीमराव आंबेडकर एवं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीर हटाए जाने का आरोप लगाया है।
पत्र के अनुसार विद्युत वितरण खंड के अंतर्गत अनेकों ऐसे संयोजन हैं जिन्हें वाणिज्यिक विधा में बिल्ड होना चाहिए, लेकिन ये अभी भी घरेलू में ही चल रहे हैं। इन संयोजनों की या तो असिस्टेड रीडिंग नहीं की गई या असिस्टेड रीडिंग करने के दौरान एप में गलत अंकन किया गया। इससे राजस्व की क्षति हो रही है। जब ऐसे संयोजनों की चेकिंग और असिस्टेड रीडिंग का सत्यापन कराने के लिए संबंधित को निर्देशित किया गया तो 21 मई से कुछ विद्युत कर्मी लामबंद हो गए।
अधिशासी अभियंता पर अनर्गल आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई। ताकि भ्रष्टाचारी समूह के भ्रष्ट कृत्य उजागर न हो सकें। आरोप लगाया कि 21 मई की शाम साढ़े पांच बजे अधिशासी अभियंता की छवि खराब करने के उद्देश्य से कार्यालय में घुसकर प्रदर्शनकारियों ने कुछ अराजक तत्वों के साथ मिलकर डाॅ. भीमराव आंबेडकर व महात्मा गांधी की तस्वीर हटा दी गई।
यहां बता दें कि मंगलवार शाम निगम के प्रबंध निदेशक को भेजे गए पत्र में विभागीय अधिकारियों कर्मचारियों ने आरोप लगाया था कि शासन के जारी निर्देशों के क्रम में प्रत्येक सरकारी कार्यालय में भारत रत्न बाबा साहब डाॅ. बीआर आंबेडकर व राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीर लगाया जाना अनिवार्य है, लेकिन एक्सईएन ने अपने कार्यालय से दोनों महापुरुषों की तस्वीरों को हटा दिया है। पांच दिनों से चल रहे धरना प्रदर्शन के बीच एक्सईएन के मोबाइल नंबर से गुरुवार को भी व्हाट्सएप पर एक खंडन डाला गया था, लेकिन अभी तक उन्होंने मीडिया के सामने आकर या फोन पर कुछ भी जानकारी नहीं दी है।
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विद्युत वितरण खंड की अधिशासी अभियंता नेहा सिंह पर शोषण का आरोप लगाकर सभी अधीनस्थ काफी मुखर थे। मंगलवार की शाम एमडी को पत्र लिखने के बाद बुधवार से सभी काम बंद कर धरने पर बैठ गए थे। शनिवार को निगम के प्रबंध निदेशक द्वारा गठित जांच टीम ने लगभग पांच घंटों तक रुककर जांच की। कर्मियों के अनुसार लगभग 25 सरकारी अधिकारी कर्मचारियों के अलग-अलग लिखित बयान दर्ज किए गए।
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बताते हैं कि अधिकारियों कर्मचारियों ने अपने बयानों के साथ संबंधित साक्ष्य भी संलग्न किए। ऑडियो रिकार्डिंग की सीडी व कई शपथ पत्र भी दिए गए। जांच टीम ने इतने ही ठेके पर तैनात कर्मियों, उपभोक्ताओं से दिबियापुर खंड के बारे में जानकारी ली थी। इसके बाद देर शाम लगभग साढ़े छह बजे टीम दिबियापुर से रवाना हो गई थी।
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अधिकारियों व कर्मचारियों की माने तो यदि वह लोग जांच टीम के आने से पहले धरना समाप्त कर देते तो एक्सईएन द्वारा अधिकारियों कर्मचारियों को दबाव में लेकर जांच को प्रभावित किया जा सकता था। अब जब कि जांच टीम ने सभी अधिकारियों कर्मचारियों से लिखित बयान लेकर जांच पूरी कर ली है। इसलिए अब वह लोग धरना नहीं देंगे। बल्कि जांच रिपोर्ट के बाद अधिकारियों के निर्णय का इंतजार करेंगे।
इधर, सोमवार को जिलाधिकारी औरैया के भी जिले में आ जाने के बाद उन्होंने भी अपने स्तर पर रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजे जाने की उम्मीद जताई है। यहां बता दें कि मंगलवार से शनिवार के बीच कई बार वरिष्ठ अधिकारी धरना स्थल पर वार्ता के लिए पहुंचे थे, लेकिन कोई भी अधिकारी धरना समाप्त करने को राजी नहीं हुआ था। जांच होने के बाद धरना समाप्त होने से जिले के आला अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
बिजली कर्मियों पर एक्सईएन कार्यालय से आंबेडकर और महात्मा गांधी की फोटो हटाने का आरोप
दिबियापुर। अधिशासी अभियंता नेहा सिंह के सीयूजी मोबाइल नंबर से विद्युत विभाग मीडिया व्हाट्स एप ग्रुप पर एक पत्र साझा किया गया। इसमें धरना प्रदर्शन कर रहे बिजली कर्मियों पर अधिशासी अभियंता कक्ष में घुसकर संविधान निर्माता डाॅ. भीमराव आंबेडकर एवं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीर हटाए जाने का आरोप लगाया है।
पत्र के अनुसार विद्युत वितरण खंड के अंतर्गत अनेकों ऐसे संयोजन हैं जिन्हें वाणिज्यिक विधा में बिल्ड होना चाहिए, लेकिन ये अभी भी घरेलू में ही चल रहे हैं। इन संयोजनों की या तो असिस्टेड रीडिंग नहीं की गई या असिस्टेड रीडिंग करने के दौरान एप में गलत अंकन किया गया। इससे राजस्व की क्षति हो रही है। जब ऐसे संयोजनों की चेकिंग और असिस्टेड रीडिंग का सत्यापन कराने के लिए संबंधित को निर्देशित किया गया तो 21 मई से कुछ विद्युत कर्मी लामबंद हो गए।
अधिशासी अभियंता पर अनर्गल आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई। ताकि भ्रष्टाचारी समूह के भ्रष्ट कृत्य उजागर न हो सकें। आरोप लगाया कि 21 मई की शाम साढ़े पांच बजे अधिशासी अभियंता की छवि खराब करने के उद्देश्य से कार्यालय में घुसकर प्रदर्शनकारियों ने कुछ अराजक तत्वों के साथ मिलकर डाॅ. भीमराव आंबेडकर व महात्मा गांधी की तस्वीर हटा दी गई।
यहां बता दें कि मंगलवार शाम निगम के प्रबंध निदेशक को भेजे गए पत्र में विभागीय अधिकारियों कर्मचारियों ने आरोप लगाया था कि शासन के जारी निर्देशों के क्रम में प्रत्येक सरकारी कार्यालय में भारत रत्न बाबा साहब डाॅ. बीआर आंबेडकर व राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीर लगाया जाना अनिवार्य है, लेकिन एक्सईएन ने अपने कार्यालय से दोनों महापुरुषों की तस्वीरों को हटा दिया है। पांच दिनों से चल रहे धरना प्रदर्शन के बीच एक्सईएन के मोबाइल नंबर से गुरुवार को भी व्हाट्सएप पर एक खंडन डाला गया था, लेकिन अभी तक उन्होंने मीडिया के सामने आकर या फोन पर कुछ भी जानकारी नहीं दी है।