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Auraiya News: सियारी नाला का जेसीबी से खुलवाया गया रास्ता
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फोटो-56- अधिकारियों की मौजूदगी में नाला साफ करती जेसीबी।संवाद
-शिकायत पर एसडीएम ने थाने में की बैठक, इसके बाद दिए नाला खुलवाने के निर्देश
-सिंचाई व राजस्व विभाग की टीम की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सहार। क्षेत्र के किसानों की शिकायत पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए वर्षों पुराने सियारी नाला से अवैध अवरोध हटवा दिया। बृहस्पतिवार को एसडीएम बिधूना निखिल राजपूत के निर्देशन में राजस्व एवं सिंचाई विभाग की संयुक्त टीम ने जेसीबी मशीन की सहायता से अवरुद्ध नाले को खुलवाया। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र के किसानों ने राहत महसूस की है।
क्षेत्र के गांव पुरवा दानशाह से निकला सियारी नाला कुछ लोगों द्वारा बंद कर दिया गया था। किसानों का कहना था कि यह नाला सैकड़ों वर्षों पुराना है तथा राजस्व अभिलेखों में भी दर्ज है। किसानों ने संपूर्ण समाधान दिवस में शिव कुमार शाक्य, सुरेश कुमार पांडेय, चंद्र किशोर पांडेय, रवि पांडेय तथा सुबोध दिवाकर सहित कई किसानों ने शिकायत दर्ज की थी। इसमें बताया था कि नाला बंद होने से वर्षात का पानी निकासी नहीं कर पाएगा। इससे कई गांव जलभराव की चपेट में आ सकते हैं।
किसानों ने प्रशासन को बताया कि सियारी नाला लगभग 37.5 किमी लंबा है और इसके माध्यम से करीब दस हजार एकड़ कृषि भूमि की जल निकासी होती है। यह नाला लगभग सौ गांवों को जोड़ता है और क्षेत्र की खेती के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मामले की जांच के बाद एसडीएम ने सहार थाने में संबंधित पक्षों की सुनवाई की। इसके बाद राजस्व विभाग के कानूनगो सुदेश कुमार श्रीवास्तव, लेखपाल अमन आर्या, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता राजेंद्र नाथ शुक्ला व अवर अभियंता गजेंद्र सिंह की टीम को मौके पर भेजा गया। टीम ने जेसीबी की मदद से अवरुद्ध हिस्से को हटाकर नाले का रास्ता बहाल कराया। हालांकि इस दौरान कुछ लोगों ने भूमि पर अपना स्वामित्व बताते हुए कार्य रुकवाने का प्रयास किया था। इस पर एसडीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि संबंधित व्यक्ति अपनी भूमि की पैमाइश करा सकते हैं, लेकिन सार्वजनिक नाले को बंद नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बरसात का मौसम निकट है और पानी की निकासी बाधित होने से व्यापक नुकसान हो सकता है। प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि प्राकृतिक जल प्रवाह और किसानों के हित प्रभावित न हों।
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-शिकायत पर एसडीएम ने थाने में की बैठक, इसके बाद दिए नाला खुलवाने के निर्देश
-सिंचाई व राजस्व विभाग की टीम की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सहार। क्षेत्र के किसानों की शिकायत पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए वर्षों पुराने सियारी नाला से अवैध अवरोध हटवा दिया। बृहस्पतिवार को एसडीएम बिधूना निखिल राजपूत के निर्देशन में राजस्व एवं सिंचाई विभाग की संयुक्त टीम ने जेसीबी मशीन की सहायता से अवरुद्ध नाले को खुलवाया। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र के किसानों ने राहत महसूस की है।
क्षेत्र के गांव पुरवा दानशाह से निकला सियारी नाला कुछ लोगों द्वारा बंद कर दिया गया था। किसानों का कहना था कि यह नाला सैकड़ों वर्षों पुराना है तथा राजस्व अभिलेखों में भी दर्ज है। किसानों ने संपूर्ण समाधान दिवस में शिव कुमार शाक्य, सुरेश कुमार पांडेय, चंद्र किशोर पांडेय, रवि पांडेय तथा सुबोध दिवाकर सहित कई किसानों ने शिकायत दर्ज की थी। इसमें बताया था कि नाला बंद होने से वर्षात का पानी निकासी नहीं कर पाएगा। इससे कई गांव जलभराव की चपेट में आ सकते हैं।
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किसानों ने प्रशासन को बताया कि सियारी नाला लगभग 37.5 किमी लंबा है और इसके माध्यम से करीब दस हजार एकड़ कृषि भूमि की जल निकासी होती है। यह नाला लगभग सौ गांवों को जोड़ता है और क्षेत्र की खेती के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मामले की जांच के बाद एसडीएम ने सहार थाने में संबंधित पक्षों की सुनवाई की। इसके बाद राजस्व विभाग के कानूनगो सुदेश कुमार श्रीवास्तव, लेखपाल अमन आर्या, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता राजेंद्र नाथ शुक्ला व अवर अभियंता गजेंद्र सिंह की टीम को मौके पर भेजा गया। टीम ने जेसीबी की मदद से अवरुद्ध हिस्से को हटाकर नाले का रास्ता बहाल कराया। हालांकि इस दौरान कुछ लोगों ने भूमि पर अपना स्वामित्व बताते हुए कार्य रुकवाने का प्रयास किया था। इस पर एसडीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि संबंधित व्यक्ति अपनी भूमि की पैमाइश करा सकते हैं, लेकिन सार्वजनिक नाले को बंद नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बरसात का मौसम निकट है और पानी की निकासी बाधित होने से व्यापक नुकसान हो सकता है। प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि प्राकृतिक जल प्रवाह और किसानों के हित प्रभावित न हों।
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