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Auraiya News: कुत्ते को पीटने से रोकने पर बेटे ने डंडे से पीटकर पिता को मार डाला
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फोटो-55 कंचन। फाइल फोटो
एरवाकटरा (औरैया)। राजाराम नगरिया गांव में सोमवार दोपहर बाद मामूली बात पर एक बेटे ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। घर में घुसे कुत्ते को रोटी लेकर भागने पर मारने से रोकने पर पिता कंचन सिंह (75) को बबूल के डंडे से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। वारदात के बाद आरोपी बेटा भाग निकला। घटना के समय मौजूद मृतक की पोती ने खेत पर पहुंचकर मां को जानकारी दी। पुलिस ने देर शाम आरोपी को गांव के बाहर से हिरासत में लिया है।
गांव राजाराम नगरिया निवासी कंचन सिंह सोमवार दोपहर करीब तीन बजे घर के दरवाजे पर टिनशेड के नीचे चारपाई पर बैठे थे। उनकी बहू कौशल्या खेत पर बकरियां चराने गई थी और आठ वर्षीय पोती गुंजन घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान घर में एक कुत्ता घुसा और रोटी उठाकर भागने लगा। यह देख कंचन का बेटा आजाद सिंह गुस्से में आया गया और डंडा लेकर कुत्ते के पीछे दौड़ा, जब बुजुर्ग पिता ने उसे कुत्ते को मारने से रोका तो बेटे ने पिता पर ही अपना गुस्सा उतार दिया।
पिता की नसीहत से भड़के आजाद ने कंचन के बाएं कान के पास और चेहरे पर ताबड़तोड़ बबूल के डंडे से कई वार किए। सिर और चेहरे पर गंभीर चोट लगने से बुजुर्ग संभल तक नहीं पाए और लहूलुहान होकर चारपाई से जमीन पर आ गिरे। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से भाग निकला। बाबा पर हुए इस खूनी हमले को अपनी आंखों के सामने देख आठ वर्षीय मासूम गुंजन बुरी तरह सहम गई और घबराकर खेत की ओर भागी। उसने खेत में बकरियां चरा रही अपनी मां कौशल्या को घटना की जानकारी दी। कौशल्या दौड़ती हुई घर पहुंची, तब तक वहां ग्रामीणों की भारी भीड़ लग गई। घटना की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष गंगादास गौतम फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिजन व ग्रामीणों से घटना के बारे में पूछताछ करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपी बेटे की तलाश में दबिश देना शुरू कर दिया। सीओ पी पुनीत मिश्रा ने बताया कि आरोपी को गांव के बाहर से देर शाम हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
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इनसेट
एक साल पहले घर से चली गई थी आरोपी की पत्नी
ग्रामीणों के अनुसार, मृतक कंचन सिंह के दो बेटे रवि और आजाद तथा तीन बेटियां पारो, रवीना और सरोजा हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। बड़ा बेटा रवि छत्तीसगढ़ में फेरी लगाकर परिवार का गुजारा करता है, जिसकी पत्नी कौशल्या और पांच बच्चे गांव में ही बाबा के साथ रहते हैं। वहीं, आरोपी आजाद की पत्नी करीब एक साल पहले उसे छोड़कर जा चुकी है, जिसके बाद से वह अपने बड़े भाई के घर पर ही खाना खाता था।
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गांव राजाराम नगरिया निवासी कंचन सिंह सोमवार दोपहर करीब तीन बजे घर के दरवाजे पर टिनशेड के नीचे चारपाई पर बैठे थे। उनकी बहू कौशल्या खेत पर बकरियां चराने गई थी और आठ वर्षीय पोती गुंजन घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान घर में एक कुत्ता घुसा और रोटी उठाकर भागने लगा। यह देख कंचन का बेटा आजाद सिंह गुस्से में आया गया और डंडा लेकर कुत्ते के पीछे दौड़ा, जब बुजुर्ग पिता ने उसे कुत्ते को मारने से रोका तो बेटे ने पिता पर ही अपना गुस्सा उतार दिया।
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पिता की नसीहत से भड़के आजाद ने कंचन के बाएं कान के पास और चेहरे पर ताबड़तोड़ बबूल के डंडे से कई वार किए। सिर और चेहरे पर गंभीर चोट लगने से बुजुर्ग संभल तक नहीं पाए और लहूलुहान होकर चारपाई से जमीन पर आ गिरे। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से भाग निकला। बाबा पर हुए इस खूनी हमले को अपनी आंखों के सामने देख आठ वर्षीय मासूम गुंजन बुरी तरह सहम गई और घबराकर खेत की ओर भागी। उसने खेत में बकरियां चरा रही अपनी मां कौशल्या को घटना की जानकारी दी। कौशल्या दौड़ती हुई घर पहुंची, तब तक वहां ग्रामीणों की भारी भीड़ लग गई। घटना की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष गंगादास गौतम फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिजन व ग्रामीणों से घटना के बारे में पूछताछ करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपी बेटे की तलाश में दबिश देना शुरू कर दिया। सीओ पी पुनीत मिश्रा ने बताया कि आरोपी को गांव के बाहर से देर शाम हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
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एक साल पहले घर से चली गई थी आरोपी की पत्नी
ग्रामीणों के अनुसार, मृतक कंचन सिंह के दो बेटे रवि और आजाद तथा तीन बेटियां पारो, रवीना और सरोजा हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। बड़ा बेटा रवि छत्तीसगढ़ में फेरी लगाकर परिवार का गुजारा करता है, जिसकी पत्नी कौशल्या और पांच बच्चे गांव में ही बाबा के साथ रहते हैं। वहीं, आरोपी आजाद की पत्नी करीब एक साल पहले उसे छोड़कर जा चुकी है, जिसके बाद से वह अपने बड़े भाई के घर पर ही खाना खाता था।

फोटो-55 कंचन। फाइल फोटो

फोटो-55 कंचन। फाइल फोटो