{"_id":"6acd9ebe929ceede5a05f41e","slug":"up-elections-2027-political-dynasties-prepare-next-generation-for-electoral-debut-2026-10-13","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"दहलीज पर यूपी चुनाव: नेता परिवारों की अगली पीढ़ी दस्तक देने को तैयार, सपा-भाजपा में टिकट के लिए लंबी फेहरिस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दहलीज पर यूपी चुनाव: नेता परिवारों की अगली पीढ़ी दस्तक देने को तैयार, सपा-भाजपा में टिकट के लिए लंबी फेहरिस्त
Tue, 13 Oct 2026 09:13 AM IST
Sharukh Khan
अजीत खरे, नई दिल्ली
अजीत खरे, नई दिल्ली
Published by: Sharukh Khan
Updated Tue, 13 Oct 2026 09:13 AM IST
सार
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव दहलीज पर है। नेता परिवारों की अगली पीढ़ी दस्तक देने के लिए तैयार है। अब नए सिरे से यूपी की सियासी जमीन नेता पुत्रों का लांचिंग पैड बनेगा। विधानसभा पहुंचने के लिए सांसद और विधायकों के परिजन सक्रिय हो गए हैं। दिवंगत नेताओं के परिजनों का राजनीतिक उत्तराधिकार बनने का दावा किया जा रहा है।
विज्ञापन
UP Elections 2027
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव दहलीज पर आ गया है। इसके साथ ही नेता परिवारों की अगली पीढ़ी दस्तक देने को तैयार है। चुनावी बिसात जब सजेगी, तब मैदान में ऐसे युवा चेहरे देखेंगे जिन्हें सियासत में कदम रखे ज्यादा वक्त नहीं हुआ है।
इनमें खास बात यह कि यह सभी रसूखदार सियासी परिवार की अगली पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते दिखेंगे। अपने अपने इलाकों में यह नए नेता राजनीतिक सामाजिक जनसंपर्क में जुट गए हैं और इसकी झलक सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर दिख रही है। इसके जरिए जनता को व साथ में टिकट बांटने वालों को मजबूत दावेदारी का संदेश दिया जा रहा है।
रक्षा मंत्री व यूपी मे मुख्यमंत्री रह चुके राजनाथ सिंह के बेटे नीरज सिंह काफी समय से भाजपा में सक्रिय हैं और उन्हें अभी प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। उन्हें विधानसभा चुनाव लड़ने का मौका नहीं मिला है। पार्टी उन्हें आजमा सकती है। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना भी आठ बार के विधायक हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
इनमें खास बात यह कि यह सभी रसूखदार सियासी परिवार की अगली पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते दिखेंगे। अपने अपने इलाकों में यह नए नेता राजनीतिक सामाजिक जनसंपर्क में जुट गए हैं और इसकी झलक सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर दिख रही है। इसके जरिए जनता को व साथ में टिकट बांटने वालों को मजबूत दावेदारी का संदेश दिया जा रहा है।
विज्ञापन
रक्षा मंत्री व यूपी मे मुख्यमंत्री रह चुके राजनाथ सिंह के बेटे नीरज सिंह काफी समय से भाजपा में सक्रिय हैं और उन्हें अभी प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। उन्हें विधानसभा चुनाव लड़ने का मौका नहीं मिला है। पार्टी उन्हें आजमा सकती है। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना भी आठ बार के विधायक हैं।
विज्ञापन
Trending Videos
उनके बेटे करन महाना की पार्टी में सक्रियता व जनसंपर्क अभियान से उनकी टिकट चाहत का संकेत मिलता है। रीता बहुगुणा जोशी अपने बेटे मंयक जोशी को टिकट दिलाना चाहती है। मयंक जोशी को सपा भी टिकट दे सकती है।
पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य कांग्रेस के साथ आ चुके हैं। संभव है कि उनके बेटे को कांग्रेस से टिकट मिल जाए। अमेठी में संजय सिंह अपनी वकील बेटी को विधानसभा चुनाव के जरिए राजनीति में उतारने की कोशिश में हैं।
विधानसभा पहुंचने के लिए सांसद व विधायकों के परिजन हुए सक्रिय
अयोध्या से सांसद अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद विधानसभा चुनाव में उतरने की तैयारी में हैं। हालांकि वह अपने पिता के इस्तीफे से खाली सीट पर हुआ उपचुनाव हार चुके हैं। सांसद लाल जी वर्मा अपनी डॉक्टर बेटी छाया को चुनाव लड़ाने की तैयारी कर रहे हैं।
अयोध्या से सांसद अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद विधानसभा चुनाव में उतरने की तैयारी में हैं। हालांकि वह अपने पिता के इस्तीफे से खाली सीट पर हुआ उपचुनाव हार चुके हैं। सांसद लाल जी वर्मा अपनी डॉक्टर बेटी छाया को चुनाव लड़ाने की तैयारी कर रहे हैं।
जौनपुर की केराकत सीट से विधायक तुफानी सरोज की बेटी व सांसद प्रिया सरोज ने हाल में संयुक्त राष्ट्र में भारत का प्रतिनिधित्व किया। तुफानी सरोज अपने बेटे धनंजय को राजनीति में लांच करना चाहते हैं।
दिवंगत नेताओं के परिजनों का राजनीतिक उत्तराधिकार का दावा
उत्तर प्रदेश विधानसभा में सबसे उम्रदराज सदस्य आलम बदी का इसी साल जुलाई में 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनकी सीट निजामाबाद से उनके बेटे मुस्तजाब आलम की दावेदारी पर सपा को निर्णय लेना है। सपा सरकार में मंत्री रहे राम गोविंद चौधरी की भी हाल में मृत्यु हो गई।
उत्तर प्रदेश विधानसभा में सबसे उम्रदराज सदस्य आलम बदी का इसी साल जुलाई में 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनकी सीट निजामाबाद से उनके बेटे मुस्तजाब आलम की दावेदारी पर सपा को निर्णय लेना है। सपा सरकार में मंत्री रहे राम गोविंद चौधरी की भी हाल में मृत्यु हो गई।
उनके बेटे रणजीत चौधरी को पिता की बांसडीह सीट से चुनाव लड़ने का मौका मिलने की प्रबल संभावना है। आगरा की फतेहाबाद सीट पर भाजपा विधायक छोटे लाल का कुछ समय पहले निधन हुआ। अब पार्टी उनके बेटों में किसी को उम्मीदवार बना सकती है।
आजमगढ़ में विधायक दुर्गा प्रसाद यादव बेटे को टिकट दिलाना चाहते हैं। संभल से सपा के सात बार के विधायक इकबाल महमूद अपनी जगह बेटे सुहैल इकबाल महमूद को लड़ाने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं। अमरोहा से विधायक महबूब अली बेटे परवेज अली को टिकट दिलाने की जद्दोजहद में दिखते हैं।
सपा के पुराने नेताओं में राजेंद्र यादव बेटे शिवेंद्र यादव लखनऊ की बख्शी का तालाब सीट से, अंबिका चौधरी बेटे आनंद चौधरी को बलिया सीट से टिकट दिलाने की कोशिश में हैं। फरीद महफूज किदवई के बेटे बाराबंकी से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं।
भाजपा के कद्दावर नेता ब्रजभूषण शरण सिंह की वकील व लेखिका बेटी शालिनी सिंह नोएडा में काफी सक्रिय हैं और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में भी सक्रिय हैं। ब्रजभूषण की चाहत वहां से उन्हें टिकट दिलाने की है।
संभव है कि उनकी बेटी को नोएडा से चुनाव लड़ने का मौका मिल जाए। भाजपा पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर को राज्यसभा का टिकट नहीं मिला। उनके बेटे के बगावती तेवरों को टिकट की चाहत से जोड़ कर देखा जा रहा है।