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Auraiya News: नई जमीन कर रहे चिह्नित, पुराने औद्योगिक क्षेत्र पड़े खाली
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प्लास्टिक सिटी के अंदर खराब पड़ी सड़क और उगी झाड़ियां। संवाद
औरैया। जिले में उद्यम को बढ़ावा देने के लिए सरकारी तंत्र बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के औद्योगिक गलियारे से लेकर समाधान पुर्वा तक जमीनें चिह्नित कर रहा है। औद्योगिक गलियारे के लिए तो दूसरे फेज की जमीन खरीद की तैयारी बना ली गई है, लेकिन एक दशक पहले विकसित हुए औद्योगिक क्षेत्रों में अभी तक कंपनियां नहीं लग सकी हैं। वो स्थान वीरान पड़े हैं। प्लॉटों पर खड़ी बबूल की झाड़ियां सरकारी सिस्टम को आइना दिखा रही हैं। अछल्दा व बिधूना में ज्यादातर भूखंड खाली पड़े हैं। कुछ ऐसा ही हाल प्लास्टिक सिटी का भी है।
युवाओं को रोजगार मिले इसके लिए जिले में एक दशक पहले बुनियादी सुविधाओं के साथ तीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए गए थे। इनमें औरैया में चयनित जमीन पर 46, बिधूना में 44 तो अछल्दा में 46 भूखंड बुनियादी सुविधाओं के साथ विकसित किए गए। इसका उद्देश्य था कि उद्यमी यहां पर अपना उद्यम लगाकर कारोबार कर सकें।
शहर के दिबियापुर रोड किनारे औद्योगिक क्षेत्र में शत प्रतिशत 46 भूखंडों पर उद्योग लगे हैं। यहां पर लगी इकाइयों में कृषि उत्पाद, सोलर, इलेक्ट्रॉनिक, खाद्य प्रसंस्करण यूनिट समेत कई कारोबार चल रहे हैं। वहीं, बिधूना के चिरकुआ स्थित औद्योगिक क्षेत्र में विकसित 44 भूखंडों में धूल उड़ रही है। करीब 24 भूखंड अभी भी खाली पड़े हैं।
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इसी तरह अछल्दा में भी 46 भूखंडों में से महज दो इकाइयां ही धरातल पर नजर आ रही हैं। मूलभूत सुविधाओं के अभाव बताकर व्यापारी इकाई लगाने से कतरा रहे हैं। कुछ ऐसा ही हाल प्लास्टिक सिटी का है। यहां पर 350 से ज्यादा प्लॉट खाली पड़े हैं। महज 10 इकाइयों का धरातल यहां पर तैयार हो रहा है। इन अधूरी परियोजनाओं के बीच बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक गलियारे को लेकर 756 एकड़ जमीन में औद्योगिक शहर बसाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके अलावा सरदार वल्लभ भाई पटेल रोजगार संकुल योजना के तहत समाधान पुर्वा में 37 एकड़ जमीन चिह्नित कर ली गई है। वहां पर भी अब औद्योगिक इकाइयां लगाई जाएंगी।
लोन के लिए किया आवेदन, दो बार हो चुका कैंसिल
पांच साल पहले अछल्दा में प्लॉट का आवंटन हुआ था। तब कारोबार के लिए लोन मिलने की बात कही गई थी। दो बार आवेदन कर चुके हैं पर दोनों बार आवेदन कैंसिल हो गया। औद्योगिक आस्थान में ट्रांसफार्मर तो लगा है, लेकिन बिजली विभाग ने आज तक ट्रांसफार्मर को चालू ही नहीं किया है।-इकरार, उद्यमी
मूलभूत सुविधाएं न होने से इकाई लगाने से लगता डर
दो साल पहले अछल्दा औद्योगिक क्षेत्र में प्लॉट आवंटन हुआ था। मौके पर मूलभूत सुविधाएं नहीं है। ऐसे में इकाई लगाने की हिम्मत नहीं हो रही है।-अखलाक अहमद, उद्यमी
वर्जन
रोजगार के लिए औद्योगिक क्षेत्र में उद्योग लगाने के लिए उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। खाली भूखंडों को जल्द भरा जाएगा। वहीं, एमएसएमई की ओर से नया पोर्टल तैयार करते हुए इन खाली भूखंडों को भरने की प्लानिंग चल रही है। उद्योग बंधु की बैठक में रखी जाने वाली समस्याओं का निस्तारण भी किया जा रहा है। -देवेश चौहान, उद्यमी मित्र उद्योग विभाग
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युवाओं को रोजगार मिले इसके लिए जिले में एक दशक पहले बुनियादी सुविधाओं के साथ तीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए गए थे। इनमें औरैया में चयनित जमीन पर 46, बिधूना में 44 तो अछल्दा में 46 भूखंड बुनियादी सुविधाओं के साथ विकसित किए गए। इसका उद्देश्य था कि उद्यमी यहां पर अपना उद्यम लगाकर कारोबार कर सकें।
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शहर के दिबियापुर रोड किनारे औद्योगिक क्षेत्र में शत प्रतिशत 46 भूखंडों पर उद्योग लगे हैं। यहां पर लगी इकाइयों में कृषि उत्पाद, सोलर, इलेक्ट्रॉनिक, खाद्य प्रसंस्करण यूनिट समेत कई कारोबार चल रहे हैं। वहीं, बिधूना के चिरकुआ स्थित औद्योगिक क्षेत्र में विकसित 44 भूखंडों में धूल उड़ रही है। करीब 24 भूखंड अभी भी खाली पड़े हैं।
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इसी तरह अछल्दा में भी 46 भूखंडों में से महज दो इकाइयां ही धरातल पर नजर आ रही हैं। मूलभूत सुविधाओं के अभाव बताकर व्यापारी इकाई लगाने से कतरा रहे हैं। कुछ ऐसा ही हाल प्लास्टिक सिटी का है। यहां पर 350 से ज्यादा प्लॉट खाली पड़े हैं। महज 10 इकाइयों का धरातल यहां पर तैयार हो रहा है। इन अधूरी परियोजनाओं के बीच बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक गलियारे को लेकर 756 एकड़ जमीन में औद्योगिक शहर बसाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके अलावा सरदार वल्लभ भाई पटेल रोजगार संकुल योजना के तहत समाधान पुर्वा में 37 एकड़ जमीन चिह्नित कर ली गई है। वहां पर भी अब औद्योगिक इकाइयां लगाई जाएंगी।
लोन के लिए किया आवेदन, दो बार हो चुका कैंसिल
पांच साल पहले अछल्दा में प्लॉट का आवंटन हुआ था। तब कारोबार के लिए लोन मिलने की बात कही गई थी। दो बार आवेदन कर चुके हैं पर दोनों बार आवेदन कैंसिल हो गया। औद्योगिक आस्थान में ट्रांसफार्मर तो लगा है, लेकिन बिजली विभाग ने आज तक ट्रांसफार्मर को चालू ही नहीं किया है।-इकरार, उद्यमी
मूलभूत सुविधाएं न होने से इकाई लगाने से लगता डर
दो साल पहले अछल्दा औद्योगिक क्षेत्र में प्लॉट आवंटन हुआ था। मौके पर मूलभूत सुविधाएं नहीं है। ऐसे में इकाई लगाने की हिम्मत नहीं हो रही है।-अखलाक अहमद, उद्यमी
वर्जन
रोजगार के लिए औद्योगिक क्षेत्र में उद्योग लगाने के लिए उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। खाली भूखंडों को जल्द भरा जाएगा। वहीं, एमएसएमई की ओर से नया पोर्टल तैयार करते हुए इन खाली भूखंडों को भरने की प्लानिंग चल रही है। उद्योग बंधु की बैठक में रखी जाने वाली समस्याओं का निस्तारण भी किया जा रहा है। -देवेश चौहान, उद्यमी मित्र उद्योग विभाग

प्लास्टिक सिटी के अंदर खराब पड़ी सड़क और उगी झाड़ियां। संवाद

प्लास्टिक सिटी के अंदर खराब पड़ी सड़क और उगी झाड़ियां। संवाद

प्लास्टिक सिटी के अंदर खराब पड़ी सड़क और उगी झाड़ियां। संवाद

प्लास्टिक सिटी के अंदर खराब पड़ी सड़क और उगी झाड़ियां। संवाद