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Auraiya News: अवैध शराब कारोबारियों पर कसेगा शिकंजा, अभियान जल्द
Thu, 03 Jul 2025 11:27 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Thu, 03 Jul 2025 11:27 PM IST
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औरैया। शहर की एक बस्ती समेत जिले के पांच स्थानों पर कच्ची शराब के अवैध कारोबार पर प्रशासन ने शिकंजा कसने की तैयारी की है। इन बस्तियों से इस जानलेवा गोरखधंधे की जड़ें उखाड़ने के लिए आबकारी विभाग की पहल पर प्रशासन ने तैयारी कर ली है। इसी सप्ताह इस अभियान को शुरू कर दिया जाएगा।
जिला आबकारी अधिकारी वीरेंद्र कुमार के मुताबिक जिले में कच्ची शराब का कारोबार खत्म कराने की कार्ययोजना बनाई गई है। इसके तहत दशकों से इस धंधे को अंजाम दे रहे लोगों की सुरागरसी शुरू कर दी गई है। इनके खिलाफ किसी भी दिन छापा मारने की कार्रवाई की जा सकती है। इस बारे में पुलिस व जिले के आला अफसरों को भी जानकारी दी गई है। इस अभियान में पुलिस का पूरा सहयोग रहेगा।
शहर की एक बस्ती में कच्ची शराब का कारोबार पिछले करीब 40 साल से चल रहा है। यहां हर साल आबकारी व पुलिस विभाग छापा मारने की कार्रवाई करता है, लेकिन एक हफ्ता भी नहीं बीतता, धंधा फिर शुरू हो जाता है। इसके अलावा बड़ी आबादी वाले गांव खानपुर में भी इस इस धंधे ने जड़ें जमा ली हैं।
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कम कीमत में अधिक तीव्रता वाली शराब के चक्कर में लोग जिंदगी गंवा रहे हैं। यहां से जमुनापार तक कच्ची शराब का कारोबार होता है। यमुना नदी नजदीक होने से लोग यहां की शराब लेकर पुल पार कर जाते हैं और कुठौंद व समीपवर्ती गांवों में इसकी धड़ल्ले से बिक्री करते हैं।
इन स्थानों पर खुलेआम होता कारोबार
शहर के बनारसीदास (पढ़ीन दरवाजा), खानपुर, नरायनपुर गिहार बस्ती, बिधूना में आदर्शनगर व कीरतपुर में खुलेआम चल रहा कारोबार।
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यहां महिलाएं करतीं कारोबार
कच्ची शराब कारोबार के लिए चर्चित इन बस्तियों में महिलाएं हीं सर्वेसर्वा हैं। शराब बनाने, उसकी बिक्री और उसे छिपाकर रखने का काम यहां की महिलाएं ही करतीं हैं। जब पुलिस या आबकारी विभाग छापा मारता है तो यहां के पुरुष गायब हो जाते हैं और महिलाएं मोर्चा संभाल लेती हैं। कई बार महिलाओं ने टीम पर पत्थरबाजी तक की है। महिलाएं टीम पर लूटपाट व छेड़खानी तक के आरोप भी लगा देती हैं।
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इस बार टीम में नहीं होगी स्थानीय पुलिस
जिला आबकारी अधिकारी के मुताबिक इस बार छापा मारने वाली टीम में स्थानीय पुलिस को शामिल नहीं किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों से पुलिस लाइन में तैनात पुलिस वालों को शामिल करने की मांग की गई है, ताकि टीम पहुंचने से पहले कारोबारी रंगे हाथ पकड़ में आ जाएं।
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जिला आबकारी अधिकारी वीरेंद्र कुमार के मुताबिक जिले में कच्ची शराब का कारोबार खत्म कराने की कार्ययोजना बनाई गई है। इसके तहत दशकों से इस धंधे को अंजाम दे रहे लोगों की सुरागरसी शुरू कर दी गई है। इनके खिलाफ किसी भी दिन छापा मारने की कार्रवाई की जा सकती है। इस बारे में पुलिस व जिले के आला अफसरों को भी जानकारी दी गई है। इस अभियान में पुलिस का पूरा सहयोग रहेगा।
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शहर की एक बस्ती में कच्ची शराब का कारोबार पिछले करीब 40 साल से चल रहा है। यहां हर साल आबकारी व पुलिस विभाग छापा मारने की कार्रवाई करता है, लेकिन एक हफ्ता भी नहीं बीतता, धंधा फिर शुरू हो जाता है। इसके अलावा बड़ी आबादी वाले गांव खानपुर में भी इस इस धंधे ने जड़ें जमा ली हैं।
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कम कीमत में अधिक तीव्रता वाली शराब के चक्कर में लोग जिंदगी गंवा रहे हैं। यहां से जमुनापार तक कच्ची शराब का कारोबार होता है। यमुना नदी नजदीक होने से लोग यहां की शराब लेकर पुल पार कर जाते हैं और कुठौंद व समीपवर्ती गांवों में इसकी धड़ल्ले से बिक्री करते हैं।
इन स्थानों पर खुलेआम होता कारोबार
शहर के बनारसीदास (पढ़ीन दरवाजा), खानपुर, नरायनपुर गिहार बस्ती, बिधूना में आदर्शनगर व कीरतपुर में खुलेआम चल रहा कारोबार।
यहां महिलाएं करतीं कारोबार
कच्ची शराब कारोबार के लिए चर्चित इन बस्तियों में महिलाएं हीं सर्वेसर्वा हैं। शराब बनाने, उसकी बिक्री और उसे छिपाकर रखने का काम यहां की महिलाएं ही करतीं हैं। जब पुलिस या आबकारी विभाग छापा मारता है तो यहां के पुरुष गायब हो जाते हैं और महिलाएं मोर्चा संभाल लेती हैं। कई बार महिलाओं ने टीम पर पत्थरबाजी तक की है। महिलाएं टीम पर लूटपाट व छेड़खानी तक के आरोप भी लगा देती हैं।
इस बार टीम में नहीं होगी स्थानीय पुलिस
जिला आबकारी अधिकारी के मुताबिक इस बार छापा मारने वाली टीम में स्थानीय पुलिस को शामिल नहीं किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों से पुलिस लाइन में तैनात पुलिस वालों को शामिल करने की मांग की गई है, ताकि टीम पहुंचने से पहले कारोबारी रंगे हाथ पकड़ में आ जाएं।