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जांच टीम के हाथ लगे अहम सुराग
अमर उजाला ब्यूरो औरैया
Updated Tue, 22 Dec 2015 11:20 PM IST
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बिजली बिल घोटाले के मामले में मंडलीय जांच टीम ने एक्सईएन कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। इस दौरान जांच टीम को कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। उन्होंने कहा कि इस घोटाले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
घरेलू बिजली बिलों में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले का मामला अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है। स्थानीय स्तर की जांच में एक करोड़ 75 लाख रुपये की गड़बड़ी पाए गए 950 बिलों में अधिकांश बिल कंप्यूटर में दोबारा संशोधन के साथ अपलोड कर दिए गए हैं। वहीं मंडलीय जांच टीम इस पूरे प्रकरण में अभी जांच जारी है।
मंगलवार को एक्सईएन कार्यालय पहुंचे जांच अधिकारी अधीक्षण अभियंता ओएन दीक्षित ने बताया कि इस पूरे मामले में एक्सईएन की आईडी से बिलों में संशोधन कर घोटाला किया गया है। इसकी जांच के लिए घोटाले से जुड़े बिलों के उपभोक्ताओं के अलावा सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों, मीटर रीडरों व डिवीजन से जुड़ी एजेंसियों के अधिकारियों से सवाल-जबाव किए गए हैं।
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उन्होंने बताया कि इस पूरे घोटाले में राष्ट्रीय पर्व के दिन कार्यालय खोलकर एक्सईएन की आईडी से किए गए बिलों के संशोधन के मामले में पूरी नजर रखी जा रही है। साथ ही कार्यालय खोलने व बिलों का संशोधन करने वाले की जोरों से तलाश की जा रही है। ईसी ओएन दीक्षित ने बताया कि जांच में फिलहाल कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। अभी जांच जारी है।
इस संबंध में इनका खुलासा नहीं किया जा सकता। जल्द ही जांच पूरी होने के बाद इसमें शामिल दोषियोें को बेनकाब किया जाएगा। साथ ही उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं मंडलीय जांच टीम घोटाले के तथ्य जुटाने को देर शाम तक पूछताछ में जुटी रही।
एसडीओ ने 23 कर्मचारियों के खिलाफ दी तहरीर
औरैया। बिजली बिल घोटाले में एक्सईएन के निर्देश पर एसडीओ ने पुलिस को 23 निजी कर्मचारियों के खिलाफ नामजद तहरीर दी है। उन्होंने तहरीर में मामले की प्राथमिकी दर्ज कराए जाने को भी लिखा है। बिजली बिलों में हुए घोटाले के खलनायक को खोज पाने में असमर्थ विभाग ने अब पुलिस से मदद मांगी है। इस बावत एसडीओ अरविंद सिंह ने पुलिस को कंप्यूटर आपरेटर से लेकर मीटर रीडरों तक 23 लोगों के नाम की सूची सौंपी है।
समें बिजली अधिकारियों के पासवर्ड का दुरुपयोग कर बिजली बिलों में छेड़छाड़ व हेराफेरी किए जाने के मामले में प्राथमिक दर्ज किए जाने की बात कही गई है। एसडीओ की और से सौंपी गई सूची में अनुज चतुर्वेदी कंप्यूटर आपरेटर, सीलिंग फीडिंग का काम करने वाले श्यामवीर सिंह, रघुवेंद्र तोमर, दीपक सिंह, मीटर रीडराें में उमाशंकर चौबे, कुलदीप चौबे, अंशुल चतुर्वेदी संविदा कर्मी, अमर सिंह, विपिन तिवारी, मनोज राठौर, राहुल यादव, रिषभ चौरसिया, अभिषेक गुप्ता, अनुराग गौतम, अवनीश कुमार, संदीप चतुर्वेदी, राजकुमार शर्मा, दीपक तिवारी, जयवीर, श्याम जी उर्फ नीलेश, विक्की के अलावा स्वीपर सुनील कुमार के नाम शामिल हैं।
इंसेट---------------
जांच के दायरे से बाहर अधिकारी
औरैया। लंबे समय से चल रहे इस घोटाले में एक्सईएन के निर्देश पर एसडीओ ने पुलिस को जांच के लिए सौंपी गई सूची में किसी भी अधिकारी का नाम शामिल नहीं है। इससे विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। लोगों में भी यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर जिसके कार्यकाल में यह घोटाला हुआ है। उस अधिकारी को इस जांच के दायरे से बाहर क्यों रखा गया है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या उन्हें क्लीन चिट दे दी गई है।
कोट-----------------
बिजली विभाग की ओर से मुझे इस तरह की कोई भी शिकायती पत्र नहीं मिला है। शिकायती पत्र मिलने के बाद ही इस दिशा में कोई कदम उठाया जाएगा।
मनोज तिवारी
एसपी, औरैया
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घरेलू बिजली बिलों में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले का मामला अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है। स्थानीय स्तर की जांच में एक करोड़ 75 लाख रुपये की गड़बड़ी पाए गए 950 बिलों में अधिकांश बिल कंप्यूटर में दोबारा संशोधन के साथ अपलोड कर दिए गए हैं। वहीं मंडलीय जांच टीम इस पूरे प्रकरण में अभी जांच जारी है।
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मंगलवार को एक्सईएन कार्यालय पहुंचे जांच अधिकारी अधीक्षण अभियंता ओएन दीक्षित ने बताया कि इस पूरे मामले में एक्सईएन की आईडी से बिलों में संशोधन कर घोटाला किया गया है। इसकी जांच के लिए घोटाले से जुड़े बिलों के उपभोक्ताओं के अलावा सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों, मीटर रीडरों व डिवीजन से जुड़ी एजेंसियों के अधिकारियों से सवाल-जबाव किए गए हैं।
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उन्होंने बताया कि इस पूरे घोटाले में राष्ट्रीय पर्व के दिन कार्यालय खोलकर एक्सईएन की आईडी से किए गए बिलों के संशोधन के मामले में पूरी नजर रखी जा रही है। साथ ही कार्यालय खोलने व बिलों का संशोधन करने वाले की जोरों से तलाश की जा रही है। ईसी ओएन दीक्षित ने बताया कि जांच में फिलहाल कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। अभी जांच जारी है।
इस संबंध में इनका खुलासा नहीं किया जा सकता। जल्द ही जांच पूरी होने के बाद इसमें शामिल दोषियोें को बेनकाब किया जाएगा। साथ ही उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं मंडलीय जांच टीम घोटाले के तथ्य जुटाने को देर शाम तक पूछताछ में जुटी रही।
एसडीओ ने 23 कर्मचारियों के खिलाफ दी तहरीर
औरैया। बिजली बिल घोटाले में एक्सईएन के निर्देश पर एसडीओ ने पुलिस को 23 निजी कर्मचारियों के खिलाफ नामजद तहरीर दी है। उन्होंने तहरीर में मामले की प्राथमिकी दर्ज कराए जाने को भी लिखा है। बिजली बिलों में हुए घोटाले के खलनायक को खोज पाने में असमर्थ विभाग ने अब पुलिस से मदद मांगी है। इस बावत एसडीओ अरविंद सिंह ने पुलिस को कंप्यूटर आपरेटर से लेकर मीटर रीडरों तक 23 लोगों के नाम की सूची सौंपी है।
समें बिजली अधिकारियों के पासवर्ड का दुरुपयोग कर बिजली बिलों में छेड़छाड़ व हेराफेरी किए जाने के मामले में प्राथमिक दर्ज किए जाने की बात कही गई है। एसडीओ की और से सौंपी गई सूची में अनुज चतुर्वेदी कंप्यूटर आपरेटर, सीलिंग फीडिंग का काम करने वाले श्यामवीर सिंह, रघुवेंद्र तोमर, दीपक सिंह, मीटर रीडराें में उमाशंकर चौबे, कुलदीप चौबे, अंशुल चतुर्वेदी संविदा कर्मी, अमर सिंह, विपिन तिवारी, मनोज राठौर, राहुल यादव, रिषभ चौरसिया, अभिषेक गुप्ता, अनुराग गौतम, अवनीश कुमार, संदीप चतुर्वेदी, राजकुमार शर्मा, दीपक तिवारी, जयवीर, श्याम जी उर्फ नीलेश, विक्की के अलावा स्वीपर सुनील कुमार के नाम शामिल हैं।
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जांच के दायरे से बाहर अधिकारी
औरैया। लंबे समय से चल रहे इस घोटाले में एक्सईएन के निर्देश पर एसडीओ ने पुलिस को जांच के लिए सौंपी गई सूची में किसी भी अधिकारी का नाम शामिल नहीं है। इससे विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। लोगों में भी यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर जिसके कार्यकाल में यह घोटाला हुआ है। उस अधिकारी को इस जांच के दायरे से बाहर क्यों रखा गया है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या उन्हें क्लीन चिट दे दी गई है।
कोट-----------------
बिजली विभाग की ओर से मुझे इस तरह की कोई भी शिकायती पत्र नहीं मिला है। शिकायती पत्र मिलने के बाद ही इस दिशा में कोई कदम उठाया जाएगा।
मनोज तिवारी
एसपी, औरैया