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मायाजाल है संसार, भागवत से बेड़ा पार
ब्यूरो/अमर उजाला, औरैया
Updated Wed, 04 Feb 2015 12:45 AM IST
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आवास विकास कालोनी स्थित काली देवी मंदिर पर श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन हरिद्धार धाम से पधारे स्वामी अक्षयानंद महाराज ने 24 अवतार एवं सुखदेव परीक्षित संवाद पर ज्ञान वर्षा की
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कहा कि संसार एक मायाजाल है। इस मायाजाल से उद्धार पाने का एक मात्र उपाय भागवत ही है। उन्होंने महाराजा परीक्षित का वर्णन करते हुए कहा कि धन रहे पर लोभ हमारे भीतर न हो, परिवार रहे पर मोह न हो, वस्तु रहे पर कामना न हो।
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कहा कि संसार में कोई भी वस्तु अमिट नहीं है। सभी को नष्ट होना है। इसलिए संसार की ओर न भागकर भागवत कथा के माध्यम से भगवान को पाने का प्रयत्न करें, क्योंकि भागवत की मूल कथा में तृप्ति का सागर समाहित है। संगीतमयी भागवत कथा सुनने को पंडाल में श्रद्धालुओं की भीड़ जुट रही है।
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बिधूना प्रतिनिधि के अनुसार-तहसील के ग्राम जरावन में प्राचीन खेरे पर चल रही श्रीमद भागवत कथा के अंतिम दिन व्यास आदित्य कुमार द्विवेदी ने कहा कि इस विश्व में जो सच है, उसे मनुष्य मानना नहीं चाहता और जो सच नहीं है, उसके पीछे दौड़ रहा है।